निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. किसी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन, उस क्षेत्र के आर्थिक विकास का महत्त्वपूर्ण संकेतक होता है। 2. किसी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन, उस क्षेत्र के सामाजिक उत्थान का संकेतक नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर — A, (a) केवल 1 — कथन 1 पाठ्यपुस्तक का ही वाक्य है, और कथन 2 उसी वाक्य के दूसरे आधे हिस्से को उलट देता है। सबसे पहले इस प्रश्न की छपाई पर रुकिए, क्योंकि यही इसका असली ख़तरा है। इस प्रश्नपत्र में सत्रह प्रश्न नकारात्मक पूछ वाले हैं और उन सब में स्टेम का 'नहीं' मोटे अक्षरों में छापा गया है, इसलिए अभ्यर्थी की आँख उसी मोटे 'नहीं' को ढूँढ़ने की आदी हो जाती है। यहाँ पूछ सकारात्मक है — 'उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?' — और नकार स्टेम में है ही नहीं; वह कथन 2 के भीतर बैठा है, वह भी सामान्य मोटाई में, बिना किसी बल के। यानी जिस चेतावनी की आदत पूरा प्रश्नपत्र डालता आया है, वह ठीक उसी जगह हटा ली गई है जहाँ उसकी सबसे अधिक ज़रूरत थी। इस प्रश्नपत्र में ऐसी दो ही जगहें हैं, और यह उनमें से एक है। अब विषय पर आइए। यह प्रश्न कक्षा 12 की मानव भूगोल की NCERT पुस्तक के जनसंख्या वाले अध्याय के एक ही वाक्य पर खड़ा है, जो कहता है कि किसी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन उस क्षेत्र के आर्थिक विकास, सामाजिक उत्थान तथा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का महत्त्वपूर्ण संकेतक होता है। कथन 1 इस वाक्य का पहला हिस्सा ज्यों का त्यों दोहराता है — जनसंख्या परिवर्तन आर्थिक विकास का महत्त्वपूर्ण संकेतक है। इसलिए वह सही है। कथन 2 उसी वाक्य के दूसरे हिस्से को उलट देता है — वह कहता है कि जनसंख्या परिवर्तन सामाजिक उत्थान का संकेतक नहीं होता, जबकि पाठ्यपुस्तक ठीक इसके विपरीत कहती है। इसलिए कथन 2 ग़लत है। तर्क की दृष्टि से भी कथन 2 टिकता नहीं। जनसंख्या परिवर्तन के जो घटक हैं — जन्म दर का गिरना, मृत्यु दर का घटना, जीवन प्रत्याशा का बढ़ना, शिशु मृत्यु दर का कम होना, परिवार का छोटा होना — वे सब साक्षरता, विशेषकर स्त्री-साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच, स्त्रियों की स्थिति और सामाजिक जागरूकता के परिणाम हैं। इसीलिए जनसंख्या परिवर्तन को केवल आर्थिक नहीं, सामाजिक संकेतक भी माना जाता है। एक संतुलन भी याद रखिए : यह संकेतक है, माप नहीं। पाठ्यपुस्तक भी इसे 'महत्त्वपूर्ण संकेतक' कहती है, न कि विकास का प्रत्यक्ष मापक।
- (b)केवल 2 — यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए है जो कथन 2 के भीतर छपे 'नहीं' को देख तो लेता है, पर उससे उलटा निष्कर्ष निकाल लेता है — यह मानकर कि जिस कथन में नकार है वही सूक्ष्म और इसलिए सही होगा। असल में उस नकार ने कथन को पाठ्यपुस्तक के विरुद्ध खड़ा कर दिया है : वही वाक्य जो कथन 1 को सही ठहराता है, उसी वाक्य का अगला शब्द-समूह कथन 2 को ग़लत ठहरा देता है, क्योंकि उसमें सामाजिक उत्थान का नाम स्पष्ट रूप से लिया गया है। साथ ही यह विकल्प कथन 1 को भी अस्वीकार करता है, जो पाठ का सबसे सीधा और निर्विवाद हिस्सा है। कूट वाले प्रश्नों में एक अनुशासन यहाँ काम आता है : पहले हर कथन के आगे अलग से सही या ग़लत लिखिए, और उसके बाद ही विकल्प देखिए — तब 'केवल 2' अपने-आप कट जाता है।
- (c)1 और 2 दोनों — यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है और सबसे अधिक अंक यहीं कटते हैं। जल्दी में पढ़ने वाले को दोनों कथन एक ही आकार के दिखते हैं — 'जनसंख्या परिवर्तन अमुक बात का संकेतक होता है' — और भीतर का 'नहीं' आँख से फिसल जाता है, क्योंकि वह सामान्य मोटाई में छपा है और पूरे प्रश्नपत्र ने आँख को मोटे 'नहीं' का आदी बना रखा है। दोनों कथनों की बनावट पर ध्यान दीजिए : वे एक ही पाठ्य-वाक्य को दो हिस्सों में तोड़ते हैं, एक हिस्से को स्वीकार करते हैं और दूसरे को अस्वीकार। जब भी दो कथन एक ही विषय की दो अलग-अलग बातों पर इस तरह आमने-सामने रखे जाएँ, यह अपने-आप में संकेत है कि उनमें से एक में कहीं नकार छिपा है। इसलिए ऐसे प्रश्न में हर कथन को कम-से-कम एक बार शब्द-दर-शब्द पढ़ना ही सुरक्षा है।
- (d)न तो 1 और न ही 2 — यह विकल्प उस अभ्यर्थी को पकड़ता है जो कथन 1 को भी बहुत बड़ा दावा मानकर ठुकरा देता है — यह सोचकर कि जनसंख्या परिवर्तन तो जनसांख्यिकी की बात है, आर्थिक विकास की नहीं, और विकास मापने के लिए तो सकल घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय या मानव विकास सूचकांक होते हैं। यह सावधानी अपनी जगह उचित है, पर यहाँ प्रश्न किसी माप की बात नहीं कर रहा; वह 'संकेतक' कह रहा है, और यह पाठ्यपुस्तक की अपनी स्थिति है। संकेतक और माप का अंतर याद रखिए : संकेतक वह है जो किसी परिवर्तन की ओर इशारा करे, जबकि माप उसे संख्या में बाँधे। जनसंख्या की वृद्धि दर, जन्म और मृत्यु दर तथा प्रवास की दिशा — ये तीनों किसी क्षेत्र की आर्थिक स्थिति की ओर बहुत साफ़ इशारा करते हैं, क्योंकि लोग रोज़गार और अवसर की ओर जाते हैं और वहीं से जाते हैं जहाँ अवसर नहीं होते। दोनों कथनों को एक साथ ठुकरा देना इसलिए पाठ और तर्क दोनों के विरुद्ध है।
जनसंख्या परिवर्तन का अर्थ है किसी क्षेत्र की जनसंख्या में दो समय-बिंदुओं के बीच का अंतर, जिसे निरपेक्ष संख्या में भी और प्रतिशत में भी बताया जाता है। इसके दो ही घटक होते हैं : प्राकृतिक वृद्धि, अर्थात् जन्मों में से मृत्यु घटाकर, और प्रवास, अर्थात् आने वाले और जाने वाले लोगों का अंतर। इन्हीं से जुड़ी दो बुनियादी दरें याद रखिए — कच्ची जन्म दर, जो वर्ष के जीवित जन्मों को वर्ष के मध्य की अनुमानित जनसंख्या से भाग देकर एक हज़ार से गुणा करने पर मिलती है, और कच्ची मृत्यु दर, जो उसी ढंग से मृत्युओं से निकलती है। जनसंख्या परिवर्तन को विकास का संकेतक इसलिए माना जाता है कि उसके भीतर एक साथ कई सामाजिक-आर्थिक कहानियाँ दर्ज रहती हैं : मृत्यु दर का गिरना स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छ जल और पोषण की कहानी है; जन्म दर का गिरना साक्षरता, स्त्रियों की स्थिति, विवाह की आयु और परिवार नियोजन की कहानी है; और प्रवास की दिशा रोज़गार तथा अवसर की कहानी है। यही कारण है कि जनसांख्यिकीय संक्रमण के सिद्धांत में जनसंख्या की चाल को आर्थिक और सामाजिक रूपांतरण के साथ जोड़कर पढ़ाया जाता है।
इस प्रश्न को इसी प्रश्नपत्र के मानव विकास वाले प्रश्न के साथ पढ़ना चाहिए, क्योंकि दोनों एक ही NCERT पुस्तक के आस-पास के अध्यायों से आते हैं और दोनों 'विकास का संकेतक' वाले विचार पर टिके हैं। परीक्षा की दृष्टि से इस प्रश्न की सबसे बड़ी सीख विषय की नहीं, पढ़ने की है। इस प्रश्नपत्र में नकारात्मक पूछ वाले प्रश्नों में 'नहीं' मोटे अक्षरों में छपा है, और यही आदत यहाँ ख़तरा बन जाती है : यहाँ पूछ सकारात्मक है और नकार कथन के भीतर, सामान्य अक्षरों में। पूरे प्रश्नपत्र में ऐसी दो ही जगहें हैं जहाँ नकार को उभारा नहीं गया — यह प्रश्न और ज्यामिति वाला एक कथन-प्रश्न। इसका व्यावहारिक उपाय सरल है : कथन-आधारित हर प्रश्न में, चाहे पूछ सकारात्मक ही क्यों न हो, हर कथन में 'नहीं', 'के अतिरिक्त', 'को छोड़कर', 'केवल' और 'सभी' जैसे शब्दों पर पेंसिल से निशान लगाइए। ये पाँच शब्द ही कथन का अर्थ पलटते हैं, और ये प्रायः बिना किसी बल के छपे होते हैं।
- कक्षा 12 की मानव भूगोल की NCERT पुस्तक के जनसंख्या वाले अध्याय का वाक्य : किसी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन उस क्षेत्र के आर्थिक विकास, सामाजिक उत्थान तथा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का महत्त्वपूर्ण संकेतक होता है।
- कथन 1 इसी वाक्य का पहला हिस्सा है, इसलिए सही; कथन 2 उसी वाक्य के 'सामाजिक उत्थान' वाले हिस्से को उलटता है, इसलिए ग़लत।
- पूछ सकारात्मक है और 'नहीं' कथन 2 के भीतर सामान्य अक्षरों में छपा है — इस प्रश्नपत्र में नकार को न उभारने वाली केवल दो जगहों में से एक।
- इसी प्रश्नपत्र के सत्रह अन्य प्रश्नों में नकारात्मक पूछ का 'नहीं' मोटे अक्षरों में छपा है, और यही आदत यहाँ भुला देती है।
- जनसंख्या परिवर्तन के दो घटक : प्राकृतिक वृद्धि (जन्म घटा मृत्यु) और प्रवास (आगमन घटा प्रस्थान)।
- कच्ची जन्म दर = (वर्ष में जीवित जन्म ÷ वर्ष के मध्य की अनुमानित जनसंख्या) × 1000; कच्ची मृत्यु दर उसी ढंग से मृत्युओं से।
- जनसंख्या परिवर्तन सामाजिक संकेतक भी है, क्योंकि जन्म-मृत्यु दर का गिरना साक्षरता, स्त्री-शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विवाह-आयु जैसे सामाजिक कारकों से जुड़ा है।
- यह संकेतक है, विकास का प्रत्यक्ष माप नहीं — पाठ्यपुस्तक भी इसे 'महत्त्वपूर्ण संकेतक' ही कहती है।
- पूछ सकारात्मक होने के कारण नकार की खोज ही न करना; यहाँ 'नहीं' कथन 2 के भीतर है और सामान्य अक्षरों में छपा है।
- दोनों कथनों को एक जैसा पढ़कर 'दोनों सही' मान लेना; वे एक ही पाठ्य-वाक्य के दो हिस्सों को उलटे रुख़ से रखते हैं।
- कथन 2 के नकार को सूक्ष्मता मानकर उसी को सही चुन लेना; वह नकार ही उसे पाठ के विरुद्ध कर देता है।
- कथन 1 को अतिशयोक्ति मानकर ठुकरा देना; प्रश्न 'संकेतक' कह रहा है, 'माप' नहीं।
- जनसंख्या परिवर्तन को केवल जनसांख्यिकी की बात मान लेना; वह आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार का संकेतक है।
कथन-आधारित प्रश्न इस प्रश्नपत्र और ऐसी हर परीक्षा की रीढ़ हैं, और उनके तीन रूप हैं। पहला — पूछ नकारात्मक और नकार स्टेम में, जहाँ 'नहीं' प्रायः उभारकर छापा जाता है और खोजना उस विकल्प को होता है जो सूची से बाहर पड़े। दूसरा — पूछ सकारात्मक और नकार किसी कथन के भीतर, जो यह प्रश्न है और जो सबसे ख़तरनाक है, क्योंकि वहाँ कोई दृश्य चेतावनी नहीं होती। तीसरा — शर्त या अपवाद कथन के भीतर, जैसे 'को छोड़कर' या 'के अतिरिक्त' वाले वाक्यांश, जो सूची का दायरा चुपचाप बदल देते हैं। तीनों के लिए एक ही अनुशासन काम करता है : हर कथन को अलग से पढ़कर उसके आगे सही या ग़लत लिख लीजिए, फिर विकल्प देखिए; और पढ़ते समय नकार तथा सीमा-सूचक शब्दों पर निशान लगाइए, चाहे वे उभारकर छपे हों या नहीं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
किसी क्षेत्र की जनसंख्या में परिवर्तन के दो प्रमुख घटक कौन-से हैं?
- (a)जन्म और मृत्यु
- (b)प्राकृतिक वृद्धि और प्रवास
- (c)साक्षरता और नगरीकरण
- (d)लिंगानुपात और आयु-संरचना
उत्तर(b) प्राकृतिक वृद्धि और प्रवास
- practice — not a real PYQ
कच्ची जन्म दर (CBR) की गणना का सही सूत्र कौन-सा है?
- (a)(वर्ष में जीवित जन्मों की संख्या ÷ वर्ष के मध्य की अनुमानित जनसंख्या) × 1000
- (b)(वर्ष में जीवित जन्मों की संख्या ÷ वर्ष के मध्य की अनुमानित जनसंख्या) × 100
- (c)(वर्ष में जन्मों की संख्या ÷ वर्ष में मृत्युओं की संख्या) × 1000
- (d)(वर्ष में जीवित जन्मों की संख्या ÷ प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या) × 1000
उत्तर(a) (वर्ष में जीवित जन्मों की संख्या ÷ वर्ष के मध्य की अनुमानित जनसंख्या) × 1000