2017 में, किस कंपनी का निरपेक्ष लाभ उछाल पिछले वर्ष के मुकाबले न्यूनतम था?
- (a)X
- (b)Y
- (c)Z
- (d)W
सही उत्तर — B, (b) Y — 2016 से 2017 तक Y का लाभ 8·5 से 9·5 हुआ, अर्थात् ठीक 1·0 इकाई की वृद्धि, जो चारों में सबसे छोटी है। यह प्रश्न भी अपने साथ कुछ नहीं छापता। इसका आधार वही निर्देश-खंड और सारणी है जो प्रश्न 104 के ऊपर एक बार छपी है और इस समुच्चय के तीनों प्रश्नों पर लागू होती है। इसलिए पहले सारणी में से 2016 और 2017 की लाभ-पंक्तियाँ उठाइए — अर्जन की नहीं। 2016 का लाभ : X 20·5, Y 8·5, Z 7·5, W 4। 2017 का लाभ : X 22·4, Y 9·5, Z 8·8, W 5·5। अब निर्णायक शब्द है 'निरपेक्ष'। निरपेक्ष उछाल का अर्थ है सीधा घटाव — किसी प्रतिशत या भाग की ज़रूरत नहीं : X : 22·4 − 20·5 = 1·9 Y : 9·5 − 8·5 = 1·0 Z : 8·8 − 7·5 = 1·3 W : 5·5 − 4 = 1·5 सबसे छोटा अंतर Y का है, इसलिए उत्तर Y है। दो शब्दों पर ठहरना यहाँ ज़रूरी है। पहला, 'निरपेक्ष' — प्रचलित हिन्दी में यह शब्द प्रायः 'तटस्थ' या 'किसी की ओर न झुका हुआ' के अर्थ में सुनाई देता है, जैसे 'धर्मनिरपेक्ष' में। यहाँ उसका अर्थ बिलकुल दूसरा है : absolute, अर्थात् वह मान जो किसी आधार से तुलना किए बिना, अपनी मूल इकाई में लिया जाए। दूसरा, 'न्यूनतम' — प्रश्न सबसे बड़ी नहीं, सबसे छोटी छलाँग माँग रहा है, और सारणी वाले प्रश्नों में अधिकतम को न्यूनतम पढ़ लेना उतनी ही आम भूल है जितनी ग़लत पंक्ति उठा लेना। यह भी देखिए कि Y की लाभ-पंक्ति (8·5, 9·5, 7·5, 5·5, 9·5) चारों में सबसे अस्थिर है — वह चढ़ती भी है और गिरती भी। ऐसी अस्थिर शृंखला में किसी एक वर्ष की सबसे छोटी वृद्धि और किसी दूसरे वर्ष की सबसे बड़ी प्रतिशत छलाँग, दोनों एक ही कंपनी में मिल जाना स्वाभाविक है।
- (a)X — X का लाभ 20·5 से 22·4 हुआ, अर्थात् 1·9 की वृद्धि — जो 2017 की चारों वृद्धियों में सबसे बड़ी है, सबसे छोटी नहीं। यानी यह विकल्प ठीक विपरीत छोर पर खड़ा है और उस अभ्यर्थी को पकड़ता है जो 'न्यूनतम' को 'अधिकतम' पढ़ जाता है। पर इस विकल्प में एक दूसरा, अधिक सूक्ष्म जाल भी है : यदि प्रश्न में 'निरपेक्ष' की जगह 'आपेक्षिक' लिखा होता, तो उत्तर X ही होता, क्योंकि X की प्रतिशत वृद्धि 1·9/20·5 ≈ 9·3% है, जो चारों में सबसे कम है। बड़ा आधार बड़ी वृद्धि को भी प्रतिशत में छोटा कर देता है। इसलिए यहाँ दो शब्द एक साथ पढ़ने पड़ते हैं — निरपेक्ष है या आपेक्षिक, और न्यूनतम है या अधिकतम — और X इन दोनों में से एक भी शब्द फिसलने पर सामने आ जाता है।
- (c)Z — Z का लाभ 7·5 से 8·8 हुआ, अर्थात् 1·3 की वृद्धि — Y के 1·0 के बाद दूसरी सबसे छोटी। अंतर केवल 0·3 इकाई का है, इसलिए यह विकल्प उस अभ्यर्थी को पकड़ता है जो घटाव मन ही मन करता है और दशमलव पर पूरा ध्यान नहीं देता। एक दूसरी वजह भी है : सारणी में Z के लाभ के अंक अपने-आप में छोटे हैं (7·5 और 8·8), और छोटी संख्याएँ देखकर मन 'छोटी वृद्धि' मान लेता है। यह भ्रम इसी समुच्चय में महँगा पड़ता है, क्योंकि यहाँ प्रश्न लाभ का आकार नहीं, दो वर्षों के लाभ का अंतर पूछ रहा है। चारों अंतर एक ही सीमा में हैं — 1·0, 1·3, 1·5 और 1·9 — इसलिए हर अंतर को लिखकर निकालना ही सुरक्षित है।
- (d)W — W का लाभ 4 से 5·5 हुआ, अर्थात् 1·5 की वृद्धि — Y और Z दोनों से बड़ी। W इस प्रश्न में इसलिए आकर्षक लगता है कि उसके लाभ के अंक चारों में सबसे छोटे हैं (2016 में केवल 4), और 'सबसे छोटी कंपनी' को 'सबसे छोटी वृद्धि' मान लेना सहज भूल है। असल में उलटा है : छोटे आधार पर वही 1·5 की वृद्धि प्रतिशत में 37·5% बैठती है, जो 2017 में चारों में सबसे तेज़ आपेक्षिक उछाल है। यानी W आपेक्षिक कसौटी पर सबसे ऊपर है और निरपेक्ष कसौटी पर बीच में — दोनों में से किसी पर भी न्यूनतम नहीं। यही इस समुच्चय की मूल शिक्षा है : आकार, वृद्धि और वृद्धि-दर तीन अलग चीज़ें हैं, और सारणी वाले प्रश्न प्रायः इन्हीं तीनों के बीच के भ्रम पर टिके होते हैं।
निरपेक्ष उछाल केवल घटाव है और अपनी मूल इकाई में रहता है; आपेक्षिक उछाल उस अंतर को पुराने मान से भाग देकर प्रतिशत में बताता है और इकाई-रहित हो जाता है। दोनों के उत्तर एक ही आँकड़ों पर अलग-अलग जगह गिरते हैं, क्योंकि प्रतिशत आधार पर निर्भर करता है और अंतर आधार पर नहीं। इस सारणी में 2017 के लिए दोनों कसौटियों की तस्वीर आमने-सामने रखिए। निरपेक्ष अंतर : X 1·9, W 1·5, Z 1·3, Y 1·0 — सबसे छोटा Y का। आपेक्षिक वृद्धि : W 37·5%, Z लगभग 17·3%, Y लगभग 11·8%, X लगभग 9·3% — सबसे छोटा X का। ध्यान दीजिए कि दोनों सूचियाँ लगभग उलट क्रम में हैं, और यही उलटाव इस प्रश्न को पूछने लायक़ बनाता है। कारण सीधा है : X का आधार सबसे बड़ा और W का सबसे छोटा है, इसलिए बड़े आधार वाली कंपनी निरपेक्ष में ऊपर और प्रतिशत में नीचे रहती है, तथा छोटे आधार वाली इसके ठीक विपरीत।
यह उस तीन-प्रश्न समुच्चय का अंतिम प्रश्न है जो प्रश्न 104 के ऊपर छपी एक ही सारणी पर आधारित है, और पुस्तिका में यह सारणी इस प्रश्न के पन्ने पर छपी ही नहीं है। इसलिए इसे हल करने के लिए पीछे लौटना पड़ता है — यह इस प्रश्नपत्र के भाग B का इकलौता ऐसा समुच्चय है। समय-प्रबंधन की दृष्टि से सबसे अच्छा तरीका यह है कि सारणी पढ़ते ही हाशिए पर दो छोटी पंक्तियाँ बना ली जाएँ : एक में चारों कंपनियों के अर्जन के अंतर और दूसरी में लाभ के अंतर, वर्ष-दर-वर्ष। एक बार यह बन जाए तो तीनों प्रश्न देखने भर से निपट जाते हैं। शब्दावली की एक चेतावनी दोहराने लायक़ है : यह प्रश्न 'निरपेक्ष' कहता है और पिछला 'आपेक्षिक', और हिन्दी में दोनों शब्द रोज़मर्रा के दूसरे अर्थों में भी चलते हैं — निरपेक्ष तटस्थता के अर्थ में और आपेक्षिक सापेक्षता के अर्थ में। यहाँ इनका अर्थ केवल गणितीय है : absolute और relative।
- निरपेक्ष उछाल = नया मान − पुराना मान; आपेक्षिक उछाल = वही अंतर ÷ पुराना मान, प्रतिशत में।
- 2016 का लाभ : X 20·5, Y 8·5, Z 7·5, W 4; 2017 का लाभ : X 22·4, Y 9·5, Z 8·8, W 5·5।
- 2017 के निरपेक्ष उछाल : X 1·9, W 1·5, Z 1·3, Y 1·0 — न्यूनतम Y का।
- 2017 के आपेक्षिक उछाल : W 37·5%, Z लगभग 17·3%, Y लगभग 11·8%, X लगभग 9·3% — न्यूनतम X का, इसलिए एक शब्द बदलते ही उत्तर बदल जाता है।
- बड़े आधार वाली कंपनी निरपेक्ष में ऊपर पर प्रतिशत में नीचे रहती है, और छोटे आधार वाली इसके ठीक विपरीत — X और W इसी नियम के दो छोर हैं।
- हिन्दी में 'निरपेक्ष' प्रायः तटस्थ के अर्थ में सुनाई देता है, जैसे धर्मनिरपेक्ष में; यहाँ उसका अर्थ केवल absolute है।
- इस प्रश्न की सारणी उसी पन्ने पर नहीं छपी है — वह प्रश्न 104 के ऊपर छपी है और तीनों प्रश्नों पर लागू होती है।
- 'न्यूनतम' को 'अधिकतम' पढ़ जाना; अधिकतम निरपेक्ष उछाल X का है और वही विकल्प (a) में रखा गया है।
- 'निरपेक्ष' को 'आपेक्षिक' समझ लेना; आपेक्षिक कसौटी पर न्यूनतम X होता, Y नहीं।
- लाभ की जगह अर्जन की पंक्ति उठा लेना; सारणी में दोनों एक-दूसरे के नीचे छपी हैं।
- सबसे छोटे लाभ वाली कंपनी को सबसे छोटी वृद्धि वाली मान लेना; W के अंक सबसे छोटे हैं पर उसकी वृद्धि Y और Z दोनों से बड़ी है।
- चारों अंतर एक ही सीमा में हैं — 1·0 से 1·9 तक — इसलिए मन ही मन घटाव करने पर दशमलव की भूल आसानी से हो जाती है।
आँकड़ा-व्याख्या के इस परिवार में तीन प्रश्न बार-बार लौटते हैं, और आयोग ने उन्हें यहाँ लगातार तीन क्रमांकों में बाँट दिया है। पहला — किसी सीमा को पार करने वाली इकाइयों की गिनती, जैसे 'कितनी कंपनियों का अर्जन 20% से अधिक बढ़ा'। दूसरा — आपेक्षिक अधिकतम, जहाँ छोटा आधार जीतता है। तीसरा — निरपेक्ष न्यूनतम, जो यह प्रश्न है, जहाँ केवल घटाव लगता है। इनसे आगे दो रूप और मिलते हैं : औसत वाला रूप, जो पाँच वर्षों का औसत लाभ या औसत अर्जन पूछता है, और अनुपात वाला रूप, जो लाभ को अर्जन का प्रतिशत बनाकर सबसे अच्छा या सबसे ख़राब मार्जिन पूछता है। तैयारी का सबसे किफ़ायती तरीका यही है कि किसी भी सारणी के सामने बैठते ही तीन कॉलम मन में तैयार रखिए — अंतर, प्रतिशत अंतर, और अनुपात — क्योंकि प्रश्न इन्हीं तीन में से किसी एक को माँगेगा।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
इसी सारणी के अनुसार, 2017 में किस कंपनी का आपेक्षिक लाभ उछाल पिछले वर्ष के मुकाबले न्यूनतम था?
- (a)X
- (b)Y
- (c)Z
- (d)W
उत्तर(a) X
- practice — not a real PYQ
इसी सारणी के अनुसार, वर्ष 2016 में किस कंपनी का लाभ, उसके अपने अर्जन के प्रतिशत के रूप में, न्यूनतम था?
- (a)X
- (b)Y
- (c)Z
- (d)W
उत्तर(d) W