2020 में, किस कंपनी का आपेक्षिक लाभ उछाल पिछले वर्ष के मुकाबले अधिकतम था?
- (a)X
- (b)Y
- (c)Z
- (d)W
सही उत्तर — B, (b) Y — 2019 से 2020 तक Y का लाभ 5·5 से 9·5 हुआ, अर्थात् लगभग 72·7% की वृद्धि, जो चारों में सबसे अधिक है। पहले यह देख लीजिए कि यह प्रश्न अपने साथ कुछ नहीं छापता। इसका आधार वह निर्देश-खंड और सारणी है जो प्रश्न 104 के ऊपर एक बार छपी है और तीनों प्रश्नों पर लागू होती है। इसलिए हल का पहला काम है सारणी में से 2019 और 2020 की लाभ-पंक्तियाँ उठाना — अर्जन की नहीं, लाभ की। 2019 का लाभ : X 20·7, Y 5·5, Z 12, W 12·5। 2020 का लाभ : X 25·8, Y 9·5, Z 14, W 20·5। अब निर्णायक शब्द पर आइए — 'आपेक्षिक'। आपेक्षिक उछाल का अर्थ है वृद्धि को उसी कंपनी के पिछले वर्ष के लाभ से भाग देकर देखना, अर्थात् प्रतिशत वृद्धि : X : (25·8 − 20·7) ÷ 20·7 = 5·1/20·7 ≈ 24·6% Y : (9·5 − 5·5) ÷ 5·5 = 4/5·5 ≈ 72·7% Z : (14 − 12) ÷ 12 = 2/12 ≈ 16·7% W : (20·5 − 12·5) ÷ 12·5 = 8/12·5 = 64% सबसे ऊँचा प्रतिशत Y का है, इसलिए उत्तर Y है। यहाँ जो बात सीखने लायक़ है वह यह है : Y की वृद्धि निरपेक्ष रूप में सबसे छोटी है — केवल 4 इकाई, जबकि W की 8 — फिर भी आपेक्षिक रूप में सबसे बड़ी, क्योंकि Y का 2019 वाला आधार सबसे नीचे था। सारणी में Y की लाभ-पंक्ति (8·5, 9·5, 7·5, 5·5, 9·5) देखिए : 2019 उसका सबसे निचला वर्ष था, और नीचे गिरे हुए आधार से लौटना हमेशा प्रतिशत में बड़ा दिखता है। छोटा आधार प्रतिशत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है — आँकड़ों की व्याख्या का यही सबसे उपयोगी सबक़ है। शब्दावली की एक बात : पुस्तिका 'आपेक्षिक' छापती है, जबकि प्रचलित हिन्दी में यही अर्थ 'सापेक्ष' से आता है। दोनों एक ही हैं, और अगला प्रश्न इसका जोड़ीदार शब्द 'निरपेक्ष' प्रयोग करता है।
- (a)X — X का लाभ 2019 में 20·7 से 2020 में 25·8 हुआ, अर्थात् 5·1 की वृद्धि और लगभग 24·6% का आपेक्षिक उछाल। निरपेक्ष रूप में यह दूसरी सबसे बड़ी वृद्धि है, फिर भी प्रतिशत में यह चारों में तीसरे स्थान पर रह जाती है, क्योंकि X का आधार सबसे बड़ा है — 20·7। यही बड़े आधार का प्रभाव है : वही 5·1 की वृद्धि यदि Y के 5·5 वाले आधार पर होती, तो लगभग 93% बैठती। X इस प्रश्न में इसलिए भी आकर्षक लगता है कि वह सारणी में हर वर्ष सबसे बड़ी कंपनी दिखती है, चाहे अर्जन देखिए या लाभ; पर प्रश्न आकार नहीं, वृद्धि की दर पूछ रहा है। बड़ी कंपनी और तेज़ बढ़ने वाली कंपनी दो अलग बातें हैं।
- (c)Z — Z का लाभ 12 से 14 हुआ, अर्थात् 2 की वृद्धि और लगभग 16·7% — यह चारों में सबसे कम आपेक्षिक उछाल है, इसलिए यह विकल्प अधिकतम वाले प्रश्न में सबसे दूर पड़ता है। Z को चुनने की एक ही मनोवैज्ञानिक वजह हो सकती है : सारणी में Z की लाभ-पंक्ति (7·5, 8·8, 10·5, 12, 14) अकेली ऐसी है जो हर वर्ष बिना रुके बढ़ती है, और यह निरंतरता प्रभावशाली लगती है। पर निरंतरता और तेज़ी अलग-अलग गुण हैं — Z धीरे-धीरे पर लगातार बढ़ती है, जबकि प्रश्न किसी एक वर्ष की सबसे बड़ी छलाँग पूछ रहा है। ध्यान रहे कि यही Z, यदि प्रश्न 2016 से 2020 तक की कुल वृद्धि पूछता, तो 7·5 से 14 तक लगभग 87% बढ़कर बहुत अच्छा दिखती; पर पूछा केवल एक वर्ष के बारे में गया है।
- (d)W — यही इस प्रश्न का असली जाल है। W का लाभ 12·5 से 20·5 हुआ, अर्थात् पूरे 8 इकाई की वृद्धि — जो चारों में सबसे बड़ी निरपेक्ष छलाँग है। जो अभ्यर्थी 'उछाल' पढ़कर सीधे घटाव करता है और सबसे बड़ा अंतर ढूँढ़ता है, वह W पर पहुँचता है। पर प्रश्न में 'आपेक्षिक' शब्द जुड़ा है, और आपेक्षिक रूप में W का उछाल 8/12·5 = 64% है, जो Y के लगभग 72·7% से कम बैठता है। ध्यान दीजिए कि यह विकल्प ग़लत नहीं होता यदि प्रश्न में 'निरपेक्ष' लिखा होता — तब उत्तर W ही होता। यानी यह विकल्प केवल एक शब्द की दूरी पर सही है, और आयोग ने अगला प्रश्न ठीक उसी जोड़ीदार शब्द 'निरपेक्ष' के साथ पूछकर इस भेद की सीधी परीक्षा ली है। सारणी वाले समुच्चय पढ़ते समय पहले यह रेखांकित कीजिए कि प्रश्न आपेक्षिक माँग रहा है या निरपेक्ष, उसके बाद ही अंक उठाइए।
निरपेक्ष परिवर्तन और आपेक्षिक परिवर्तन का भेद इस प्रश्न का पूरा विषय है। निरपेक्ष परिवर्तन केवल घटाव है — नया मान घटा पुराना मान — और उसकी इकाई वही रहती है जो मूल आँकड़े की थी, यहाँ हज़ार करोड़ रुपए। आपेक्षिक परिवर्तन उस अंतर को पुराने मान से भाग देता है और प्रतिशत में बताता है, इसलिए वह इकाई-रहित होता है और अलग-अलग आकार की इकाइयों की तुलना कर सकता है। इन दोनों के उत्तर प्रायः अलग-अलग कंपनियों पर जाते हैं, और वे तभी एक होते हैं जब सबका आधार बराबर हो। एक तीसरी बात भी इसी से जुड़ी है — आधार-प्रभाव (base effect)। जब किसी वर्ष का आँकड़ा असामान्य रूप से नीचे गिरा हो, तो अगले वर्ष का सामान्य स्तर भी बहुत बड़ी प्रतिशत वृद्धि दिखाता है, बिना किसी वास्तविक असाधारण उपलब्धि के। Y के साथ ठीक यही हुआ है : उसका 2020 का लाभ 9·5 है, जो उसके 2017 के लाभ के बराबर ही है, फिर भी 2019 के निचले 5·5 से तुलना करने पर वह सबसे तेज़ बढ़ने वाली कंपनी दिखती है।
यह प्रश्न उस तीन-प्रश्न समुच्चय का दूसरा भाग है जो प्रश्न 104 के ऊपर छपी एक ही सारणी पर टिका है। पुस्तिका में यह प्रश्न अपने साथ न निर्देश छापता है, न सारणी — इसलिए परीक्षा-कक्ष में इसे हल करने के लिए पीछे के पन्ने पर लौटना पड़ता है, और उसी लौटने में समय तथा ध्यान दोनों टूटते हैं। व्यावहारिक सलाह यही है कि सारणी एक ही बार पढ़कर तीनों प्रश्न एक साथ निपटाए जाएँ। ध्यान देने की दूसरी बात यह है कि प्रश्न 104 अर्जन की पंक्तियाँ पूछता है जबकि 105 और 106 लाभ की पंक्तियाँ; सारणी में दोनों एक-दूसरे के ठीक नीचे छपी हैं, इसलिए पंक्ति बदलना बहुत आसान है। यदि यहाँ भूल से अर्जन पढ़ लिया जाए तो 2019 से 2020 की वृद्धि X 4%, Y लगभग 6·7%, Z लगभग 4·7% और W लगभग 18·8% आती है और उत्तर W निकल आता है — यानी ग़लत पंक्ति सीधे ग़लत विकल्प पर पहुँचा देती है। छपाई के स्तर पर विकल्पों के अक्षर X, Y, Z, W तिरछे छपे हैं और सारणी के दशमलव ऊपर उठे मध्य-बिंदु से।
- आपेक्षिक उछाल = (नया लाभ − पुराना लाभ) ÷ पुराना लाभ, प्रतिशत में; निरपेक्ष उछाल केवल दोनों का अंतर।
- 2019 का लाभ : X 20·7, Y 5·5, Z 12, W 12·5; 2020 का लाभ : X 25·8, Y 9·5, Z 14, W 20·5।
- आपेक्षिक उछाल : Y लगभग 72·7%, W 64%, X लगभग 24·6%, Z लगभग 16·7% — अधिकतम Y का।
- निरपेक्ष उछाल : W 8, X 5·1, Y 4, Z 2 — अर्थात् सबसे बड़ा निरपेक्ष उछाल W का और सबसे बड़ा आपेक्षिक उछाल Y का।
- Y का 2019 वाला लाभ 5·5 उसकी पूरी पंक्ति (8·5, 9·5, 7·5, 5·5, 9·5) का सबसे निचला अंक है — यही आधार-प्रभाव उसकी प्रतिशत वृद्धि को सबसे ऊँचा दिखाता है।
- पुस्तिका 'आपेक्षिक' शब्द प्रयोग करती है, जबकि प्रचलित हिन्दी में यही अर्थ 'सापेक्ष' से आता है; अगला प्रश्न इसका जोड़ीदार 'निरपेक्ष' प्रयोग करता है।
- इस प्रश्न की सारणी और निर्देश-खंड केवल प्रश्न 104 के ऊपर छपे हैं और 104, 105, 106 तीनों पर लागू होते हैं।
- 'आपेक्षिक' को अनदेखा कर केवल अंतर निकाल लेना; तब उत्तर W आता है, जो निरपेक्ष उछाल का उत्तर है।
- लाभ की जगह अर्जन की पंक्ति पढ़ लेना; तब भी उत्तर W निकलता है और भूल पकड़ में नहीं आती।
- सबसे बड़ी कंपनी को सबसे तेज़ बढ़ने वाली मान लेना; X सबसे बड़ी है पर उसका प्रतिशत उछाल तीसरे स्थान पर है।
- Z की लगातार बढ़ती पंक्ति देखकर उसे अधिकतम मान लेना; निरंतरता और तेज़ी अलग-अलग गुण हैं।
- 'आपेक्षिक' शब्द से घबरा जाना; वह 'सापेक्ष' का ही दूसरा रूप है और इसका अर्थ प्रतिशत में तुलना करना है।
यह जोड़ी — आपेक्षिक बनाम निरपेक्ष — आँकड़ा-व्याख्या के प्रश्नों में सबसे अधिक दोहराई जाने वाली चाल है, और आयोग यहाँ उसे दो लगातार प्रश्नों में आमने-सामने रखकर पूछता है। परीक्षा में इसके चार रूप दिखते हैं। पहला यही — 'सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि किसकी', जहाँ छोटा आधार जीत जाता है। दूसरा उलटा — 'सबसे अधिक निरपेक्ष वृद्धि किसकी', जहाँ बड़ा आकार जीतता है। तीसरा मिश्रित — 'किस कंपनी की प्रतिशत वृद्धि सबसे अधिक पर निरपेक्ष वृद्धि सबसे कम रही', जो सीधे इसी विरोधाभास पर टिका होता है। चौथा अनुपात वाला — लाभ को अर्जन का प्रतिशत बनाकर मार्जिन पूछना। इन सबसे निपटने का एक ही तरीका है : सारणी पढ़ते ही प्रश्न में से निर्णायक विशेषण — आपेक्षिक, निरपेक्ष, औसत, कुल — रेखांकित कीजिए, और तब अंक उठाइए।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
इसी सारणी के अनुसार, 2020 में किस कंपनी का निरपेक्ष लाभ उछाल पिछले वर्ष के मुकाबले सर्वाधिक था?
- (a)X
- (b)Y
- (c)Z
- (d)W
उत्तर(d) W
- practice — not a real PYQ
इसी सारणी के अनुसार, वर्ष 2019 में कितनी कंपनियों का लाभ पिछले वर्ष की तुलना में घटा?
- (a)1
- (b)2
- (c)3
- (d)4
उत्तर(b) 2