निर्देश : अगले तीन प्रश्नांश नीचे दी गई सारणी पर आधारित हैं, जिसमें 2016–2020 के दौरान चार कंपनियों के अर्जन और लाभ, हज़ार करोड़ रुपए में, दिखाए गए हैं : [सारणी — स्तंभ शीर्ष: वर्ष | (मद) | कंपनी X | Y | Z | W] 2016 | अर्जन | 100 | 95 | 74 | 50 2016 | लाभ | 20·5 | 8·5 | 7·5 | 4 2017 | अर्जन | 120 | 94 | 77 | 58 2017 | लाभ | 22·4 | 9·5 | 8·8 | 5·5 2018 | अर्जन | 115 | 92 | 82 | 75 2018 | लाभ | 23·1 | 7·5 | 10·5 | 10·1 2019 | अर्जन | 125 | 90 | 85 | 80 2019 | लाभ | 20·7 | 5·5 | 12 | 12·5 2020 | अर्जन | 130 | 96 | 89 | 95 2020 | लाभ | 25·8 | 9·5 | 14 | 20·5 कितनी कंपनियों का अर्जन, वर्ष 2016 की तुलना में, वर्ष 2020 में कम-से-कम 20% बढ़ा?
- (a)1
- (b)2
- (c)3
- (d)4
सही उत्तर — C, (c) 3 — X, Z और W का अर्जन 2016 की तुलना में 2020 में कम-से-कम 20% बढ़ा; केवल Y रह जाती है। सबसे पहले यह तय कीजिए कि सारणी की कौन-सी पंक्तियाँ पढ़नी हैं। हर वर्ष के सामने दो पंक्तियाँ हैं — अर्जन और लाभ — और यह प्रश्न केवल अर्जन पूछता है। इसलिए काम की केवल दो पंक्तियाँ हैं : 2016 का अर्जन (100, 95, 74, 50) और 2020 का अर्जन (130, 96, 89, 95)। अब प्रतिशत निकालने की जगह गुणा कीजिए — यह इस प्रश्न का सबसे तेज़ रास्ता है। 20% वृद्धि का अर्थ है कि 2020 का अर्जन 2016 के 1·2 गुने से कम न हो : X : 100 × 1·2 = 120, और 2020 में 130 है — शर्त पूरी। Y : 95 × 1·2 = 114, पर 2020 में केवल 96 है — शर्त पूरी नहीं। Z : 74 × 1·2 = 88·8, और 2020 में 89 है — शर्त पूरी, पर केवल 0·2 के अंतर से। W : 50 × 1·2 = 60, और 2020 में 95 है — शर्त पूरी। तीन कंपनियाँ शर्त पूरी करती हैं, इसलिए उत्तर 3 है। पूरा प्रश्न Z पर टिका है और वहीं अंक कटते हैं। 74 से 89 की वृद्धि 15 है, अर्थात् 15/74 = 20·27%, जो 20 से बस ऊपर है। यदि आपने इसे मोटे तौर पर 'लगभग 20%' मानकर छोड़ दिया, या 15 को 89 से भाग दे दिया, तो Z बाहर हो जाती है और उत्तर 2 आ जाता है। यह भी ध्यान दीजिए कि प्रश्न 'कम-से-कम 20%' कहता है, अर्थात् ठीक 20% भी गिना जाता — यहाँ कोई कंपनी ठीक 20% पर नहीं है, पर यह पढ़ने की आदत आगे काम आएगी।
- (a)1 — यह उस पाठक का उत्तर है जो केवल आँख से सारणी देखता है और वही कंपनी गिनता है जिसकी वृद्धि नाटकीय दिखती है — W, जिसका अर्जन 50 से 95 हो गया, यानी लगभग दुगुना। नाटकीयता कसौटी नहीं है; कसौटी 20% की सीमा है, और उसे तीन कंपनियाँ पार करती हैं। X की वृद्धि 100 से 130 है, जो पूरे 30% है और सीमा से डेढ़ गुना ऊपर — उसे छोड़ने का कोई कारण नहीं बनता। ऐसे प्रश्नों में सबसे सुरक्षित तरीक़ा यही है कि चारों कंपनियों के लिए एक-एक पंक्ति लिखकर 1·2 गुना अंक निकाल लीजिए और फिर तुलना कीजिए; चार पंक्तियाँ लिखने में जितना समय लगता है, उससे अधिक समय आँख के भरोसे किए गए अनुमान को दुबारा जाँचने में लगता है।
- (b)2 — यह इस प्रश्न का सबसे सुगढ़ काँटा है और लगभग हमेशा एक ही भूल से आता है — प्रतिशत वृद्धि निकालते समय भाजक में पुराना मान रखने के बजाय नया मान रख देना। Z की वृद्धि 15 है; 15 को 74 (पुराना अर्जन) से भाग देने पर 20·27% आता है और Z गिनी जाती है, पर 15 को 89 (नया अर्जन) से भाग देने पर 16·85% आता है और Z छूट जाती है, जिससे गिनती 2 रह जाती है। प्रतिशत वृद्धि का भाजक सदा प्रारंभिक मान होता है — यही 'की तुलना में' का अर्थ है, और प्रश्न ने स्पष्ट लिखा भी है 'वर्ष 2016 की तुलना में'। यही उत्तर उस अभ्यर्थी को भी मिलता है जो Z को 'लगभग 20%' मानकर संदेह में छोड़ देता है; जहाँ सीमा इतनी पतली हो, वहाँ अनुमान नहीं, गुणा कीजिए।
- (d)4 — चारों को गिन लेने का अर्थ है Y को भी शामिल कर लेना, और Y ही वह कंपनी है जो साफ़ तौर पर बाहर है। उसका अर्जन 2016 में 95 था और 2020 में 96 — पूरे पाँच वर्षों में केवल एक इकाई की वृद्धि, अर्थात् लगभग 1·05%। सारणी में Y की अर्जन-पंक्ति ऊपर-नीचे होती रहती है (95, 94, 92, 90, 96), और यह उतार-चढ़ाव ही धोखा देता है : 2019 के 90 से 2020 के 96 तक की छलाँग लगभग 6·7% है और बड़ी दिख सकती है, पर प्रश्न 2019 से नहीं, 2016 से तुलना माँगता है। जब भी प्रश्न आधार-वर्ष बताए, हर गणना उसी वर्ष से कीजिए, बीच के किसी वर्ष से नहीं।
यह प्रश्न आँकड़ों की व्याख्या का सबसे बुनियादी प्रकार है — सारणी में से सही पंक्तियाँ चुनना और उन पर प्रतिशत परिवर्तन लगाना। सूत्र एक ही है : प्रतिशत परिवर्तन = (नया मान − पुराना मान) ÷ पुराना मान × 100। परीक्षा में इससे भी तेज़ रूप यह है कि सीमा को गुणक में बदल लीजिए — 20% वृद्धि यानी 1·2 गुना, 25% यानी 1·25 गुना, 50% यानी 1·5 गुना — और पुराने मान को उस गुणक से गुणा करके नए मान से तुलना कर लीजिए। इससे भाग-गणित पूरी तरह बच जाता है और दशमलव की भूल की गुंजाइश भी कम हो जाती है। दूसरी बुनियादी बात इकाई की है : सारणी के अंक हज़ार करोड़ रुपए में हैं, पर प्रतिशत निरपेक्ष अनुपात है, इसलिए इकाई से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता और उसे रूपांतरित करने की ज़रूरत नहीं। तीसरी बात पढ़ने की है : सारणी में हर वर्ष की दो पंक्तियाँ हैं और प्रश्न बताता है कि किसे पढ़ना है; यही ध्यान इस समुच्चय के अगले दोनों प्रश्नों में निर्णायक होगा।
यह प्रश्न इस प्रश्नपत्र के भाग B का एकमात्र ऐसा समुच्चय है जिसमें एक निर्देश-खंड और एक सारणी तीन प्रश्नों पर लागू होती है — 104, 105 और 106 पर। सारणी केवल प्रश्न 104 के ऊपर एक बार छपी है; 105 और 106 अपने साथ कुछ नहीं छापते, इसलिए परीक्षा-कक्ष में पन्ना पलटकर वापस आना पड़ता है। रणनीति की दृष्टि से इसका अर्थ यह है कि सारणी को एक ही बार ध्यान से पढ़कर तीनों प्रश्न एक साथ निपटा लेना चाहिए, अलग-अलग समय पर नहीं। एक और बात इस प्रश्न में संयोगवश छिपी है और उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए : यदि कोई भूल से अर्जन की जगह लाभ की पंक्तियाँ पढ़ ले, तो भी गिनती 3 ही आती है, क्योंकि लाभ में X, Z और W तीनों 20% से अधिक बढ़े हैं और Y नहीं। यह इसी प्रश्न का संयोग है — अगले दोनों प्रश्नों में अर्जन और लाभ का घालमेल सीधे ग़लत उत्तर देगा। छपाई की एक बात भी नोट कर लीजिए : सारणी में दशमलव बिंदु ऊपर उठा हुआ मध्य-बिंदु है, 'निर्देश' मोटे तिरछे अक्षरों में और स्तंभ-शीर्ष तिरछे अक्षरों में छपे हैं।
- प्रतिशत वृद्धि = (नया − पुराना) ÷ पुराना × 100 — भाजक सदा प्रारंभिक या आधार वर्ष का मान होता है।
- 20% की सीमा जाँचने का तेज़ तरीका : पुराने मान को 1·2 से गुणा कीजिए और नए मान से तुलना कीजिए।
- अर्जन 2016 : X 100, Y 95, Z 74, W 50; अर्जन 2020 : X 130, Y 96, Z 89, W 95।
- X की वृद्धि 30%, Y की लगभग 1·05%, Z की लगभग 20·27% और W की 90% — इसलिए तीन कंपनियाँ 20% की सीमा पार करती हैं।
- Z ही निर्णायक है : 74 × 1·2 = 88·8 और उसका 2020 का अर्जन 89 है, यानी सीमा केवल 0·2 से पार होती है।
- 'कम-से-कम 20%' समावेशी है — ठीक 20% वाली कंपनी भी गिनी जाती।
- सारणी के अंक हज़ार करोड़ रुपए में हैं, पर प्रतिशत निरपेक्ष है, इसलिए इकाई का कोई असर नहीं।
- यह निर्देश-खंड और सारणी प्रश्न 104, 105 और 106 — तीनों पर लागू होती है और केवल 104 के ऊपर एक बार छपी है।
- अर्जन की जगह लाभ की पंक्ति पढ़ लेना; सारणी में हर वर्ष की दो पंक्तियाँ हैं और यही समुच्चय की सबसे बड़ी फिसलन है।
- प्रतिशत वृद्धि का भाजक नए मान को बना देना; Z के लिए 15/89 से 16·85% आता है और उत्तर 2 हो जाता है।
- Z को 'लगभग 20%' मानकर संदेह में छोड़ देना; 74 × 1·2 = 88·8 और अर्जन 89 है, इसलिए वह सीमा पार करती है।
- आधार वर्ष बदल देना — 2019 से 2020 की तुलना करना, जबकि प्रश्न 2016 से तुलना माँगता है।
- 'कम-से-कम' को 'से अधिक' पढ़ लेना; कम-से-कम का अर्थ है कि ठीक सीमा पर होना भी गिना जाएगा।
सारणी वाले समुच्चय में प्रश्न प्रायः चार दिशाओं से आते हैं। पहला — किसी एक पंक्ति या स्तंभ पर प्रतिशत वृद्धि या कमी, जैसा यहाँ है। दूसरा — दो पंक्तियों का अनुपात, जैसे लाभ को अर्जन का प्रतिशत बनाकर सबसे अधिक या सबसे कम मार्जिन पूछना। तीसरा — 'सापेक्ष' और 'निरपेक्ष' का भेद, जिसे इस समुच्चय के अगले दोनों प्रश्न ठीक अगल-बग़ल रखकर पूछते हैं। चौथा — गिनती वाला रूप, जैसे 'कितनी कंपनियों ने अमुक शर्त पूरी की', जहाँ उत्तर 1, 2, 3 या 4 ही होते हैं और एक भी सीमावर्ती मामला पूरा प्रश्न पलट देता है। इन सबके लिए एक ही अभ्यास सबसे उपयोगी है : सारणी पढ़ते ही हाशिए पर हर कंपनी के लिए एक छोटी पंक्ति बनाइए और वही एक बार में भर लीजिए, ताकि तीनों प्रश्न एक ही तैयारी से निपट जाएँ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
इसी सारणी के अनुसार, कितनी कंपनियों का लाभ 2016 से 2020 तक प्रत्येक वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा?
- (a)1
- (b)2
- (c)3
- (d)4
उत्तर(b) 2
- practice — not a real PYQ
इसी सारणी के अनुसार, वर्ष 2018 में किस कंपनी का लाभ, उसके अपने अर्जन के प्रतिशत के रूप में, सर्वाधिक था?
- (a)X
- (b)Y
- (c)Z
- (d)W
उत्तर(a) X