भारत के किस शहर को यूनेस्को ने भारत का पहला साहित्यिक शहर घोषित किया है ?
- (a)कोलकाता प. बं.
- (b)नासिक महाराष्ट्र
- (c)कोजीकोड केरल
- (d)जबलपूर म. प्र.
सही — (c) कोजीकोड केरल। 2023 के विश्व शहर दिवस पर यूनेस्को ने अपने रचनात्मक शहर नेटवर्क में 55 नए शहर शामिल किए, और कोजीकोड (कालीकट) उसमें साहित्य के शहर के रूप में आया — इस क्षेत्र में नामित होने वाला भारत का पहला शहर। उसी दौर में ग्वालियर संगीत के शहर के रूप में शामिल हुआ। रचनात्मक शहर नेटवर्क यूनेस्को का 2004 में शुरू किया गया कार्यक्रम है, जो उन शहरों के लिए है जो संस्कृति और सर्जनशीलता को टिकाऊ शहरी विकास का इंजन मानते हैं, और कोई शहर उसके सात रचनात्मक क्षेत्रों में से ठीक एक में आवेदन करता है: शिल्प एवं लोक कला, डिज़ाइन, फ़िल्म, पाक-कला, साहित्य, मीडिया कला या संगीत। साहित्य के शहर का मूल्यांकन उन चीज़ों पर होता है जिन्हें शहर वास्तव में दिखा सके — उसने कौन-से लेखक दिए, उसके पुस्तकालय, प्रकाशन-गृह और पुस्तक-विक्रेता कैसे हैं, उसके साहित्यिक उत्सव और अनुवाद का काम कैसा है — इसीलिए कोजीकोड का दावा मलयालम साहित्य, उसके प्रकाशन व्यवसाय और उसकी लम्बी साहित्यिक संस्कृति पर टिका था। इस नेटवर्क के भारत के दूसरे सदस्य तस्वीर और साफ़ कर देते हैं: 2015 में शिल्प एवं लोक कला के लिए जयपुर, 2015 में संगीत के लिए वाराणसी, 2017 में संगीत के लिए चेन्नई, 2019 में फ़िल्म के लिए मुम्बई, 2019 में पाक-कला के लिए हैदराबाद, 2021 में शिल्प एवं लोक कला के लिए श्रीनगर, और फिर 2023 में ग्वालियर तथा कोजीकोड। प्रश्न की बनावट पर ध्यान दीजिए: वह भारत के पहले साहित्यिक शहर के बारे में पूछ रहा है, संसार के पहले के बारे में नहीं — संसार का पहला एडिनबरा है, जिसे कार्यक्रम के आरम्भ में ही नामित किया गया था।
- (a)कोलकाता प. बं. — सबसे लुभावना विकल्प, क्योंकि किताबों के साथ भारतीय मन में सबसे पहले यही शहर जुड़ता है — कॉलेज स्ट्रीट का पुस्तक बाज़ार, कोलकाता पुस्तक मेला और दो शताब्दी पुरानी प्रकाशन परम्परा। पर यह नामांकन किसी प्रतिष्ठा का नहीं, एक नेटवर्क में यूनेस्को द्वारा औपचारिक प्रवेश का मामला है, और कोलकाता रचनात्मक शहर नेटवर्क का किसी भी क्षेत्र में सदस्य नहीं है।
- (b)नासिक महाराष्ट्र — नासिक के पास यूनेस्को का ऐसा कोई रचनात्मक शहर नामांकन नहीं है। वह सामान्य ज्ञान की सूचियों में दूसरे कारणों से आता है — कुम्भ मेला, उसका मदिरा उद्योग, उसकी प्राचीन शैलकृत गुफाएँ — और यह विकल्प केवल उस अभ्यर्थी पर चलता है जो शहर का नाम तो पहचानता है पर यह नहीं जानता कि यह नेटवर्क है क्या।
- (d)जबलपूर म. प्र. — जबलपुर के पास भी ऐसा कोई नामांकन नहीं है। 2023 के दौर में मध्य प्रदेश से ग्वालियर आया था, और वह संगीत के शहर के रूप में आया, साहित्य के नहीं — इसलिए जिस अभ्यर्थी को आधा-अधूरा याद है कि '2023 में मध्य प्रदेश का एक शहर यूनेस्को के नेटवर्क में आया', वह एक साथ ग़लत शहर और ग़लत क्षेत्र, दोनों पर जा गिरता है। (पुस्तिका इस विकल्प में नगर का नाम 'जबलपूर' छापती है, लम्बी ऊ की मात्रा के साथ, और उसे यहाँ जस का तस रखा गया है।)
यूनेस्को कई अलग-अलग नामांकन कार्यक्रम चलाता है और प्रश्न उन्हें लगातार आपस में मिला देते हैं। 1972 के अभिसमय के अन्तर्गत विश्व धरोहर सूची उन सम्पदाओं को अंकित करती है जिनका असाधारण वैश्विक महत्त्व हो — वे स्थल होते हैं, शहर नहीं। मानव एवं जीवमंडल कार्यक्रम जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र नामित करता है। विश्व स्मृति रजिस्टर दस्तावेज़ी धरोहर सूचीबद्ध करता है, और इसी के अन्तर्गत ऋग्वेद की पांडुलिपियाँ 2007 में यूनेस्को की एक सूची में आई थीं। वैश्विक भू-उद्यान कार्यक्रम भूवैज्ञानिक महत्त्व के क्षेत्रों को मान्यता देता है। 2004 में शुरू हुआ रचनात्मक शहर नेटवर्क इन सबसे अलग है: यह सदस्य शहरों का जाल है, जिनमें हर एक सात रचनात्मक क्षेत्रों में से किसी एक में प्रवेश पाता है और जो आपस में सहयोग करने तथा हर चार वर्ष पर अपनी गतिविधि की रिपोर्ट देने के लिए वचनबद्ध होते हैं। सदस्यता के लिए शहर स्वयं आवेदन करता है, चुने हुए क्षेत्र के विशिष्ट मानदंडों पर उसका मूल्यांकन होता है, और घोषणा समूहों में होती है — विश्व शहर दिवस पर घोषित 2023 का 55 शहरों वाला समूह वही है जो कोजीकोड और ग्वालियर को लाया। इस नेटवर्क में लगभग 90 देशों के क़रीब 300 शहर हैं।
'भारत का पहला अमुक' वाले किसी भी प्रश्न में तीन चीज़ें अलग कीजिए: संसार का पहला, भारत का पहला, और सबसे प्रसिद्ध दावेदार। यहाँ संसार का पहला एडिनबरा है, भारत का पहला कोजीकोड है, और सबसे प्रसिद्ध दावेदार कोलकाता है — और पूछा केवल बीच वाला गया है। जब तथ्य याद न हो तब तर्क का रास्ता वर्ष से चलता है: प्रश्न किसी हालिया नामांकन की ओर संकेत करता है, और नेटवर्क में भारत के हालिया प्रवेश 2021 में श्रीनगर तथा 2023 में ग्वालियर और कोजीकोड हैं — इतनी छोटी सूची पर तर्क किया जा सकता है। दूसरी बनाने लायक़ आदत यह है कि हर यूनेस्को नामांकन को उसके कार्यक्रम के साथ याद रखिए, क्योंकि 'यूनेस्को ने फ़लाँ शहर को मान्यता दी' तब तक निरर्थक वाक्य है जब तक यह न पता हो कि वह मान्यता विश्व धरोहर अंकन है, जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र है, भू-उद्यान है, या रचनात्मक शहर की सदस्यता। कोजीकोड का नामांकन साहित्य के क्षेत्र में रचनात्मक शहर की सदस्यता है — न उससे अधिक, न कम।
- कोजीकोड को 2023 में यूनेस्को का साहित्य का शहर नामित किया गया, विश्व शहर दिवस पर घोषित 55 शहरों के समूह में — इस क्षेत्र में भारत का पहला शहर
- उसी 2023 के दौर में ग्वालियर संगीत के शहर के रूप में शामिल हुआ, जो उस वर्ष भारत से दूसरा और अन्तिम प्रवेश था
- यूनेस्को रचनात्मक शहर नेटवर्क 2004 में शुरू हुआ और सात रचनात्मक क्षेत्रों को समेटता है — शिल्प एवं लोक कला, डिज़ाइन, फ़िल्म, पाक-कला, साहित्य, मीडिया कला तथा संगीत; 2022 तक इसमें लगभग 90 देशों के क़रीब 300 शहर थे
- भारत के अन्य सदस्य: जयपुर (शिल्प एवं लोक कला, 2015), वाराणसी (संगीत, 2015), चेन्नई (संगीत, 2017), मुम्बई (फ़िल्म, 2019), हैदराबाद (पाक-कला, 2019), श्रीनगर (शिल्प एवं लोक कला, 2021)
- एडिनबरा संसार का पहला साहित्य का शहर था, जिसे 2004 में कार्यक्रम के आरम्भ पर ही नामित किया गया
- रचनात्मक शहर नेटवर्क विश्व धरोहर सूची, मानव एवं जीवमंडल कार्यक्रम तथा विश्व स्मृति रजिस्टर से अलग है, और इनमें से हर एक के अपने मानदंड तथा अपनी भारतीय प्रविष्टियाँ हैं

- किसी शहर की साहित्यिक प्रतिष्ठा से उत्तर दे देना, औपचारिक सूची से नहीं; कोलकाता रचनात्मक शहर नेटवर्क में है ही नहीं
- संसार के पहले शहर (एडिनबरा) को भारत के पहले शहर (कोजीकोड) से गड्डमड्ड कर देना
- यूनेस्को के कार्यक्रम आपस में मिला देना — विश्व धरोहर अंकन, जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र और रचनात्मक शहर की सदस्यता तीन अलग चीज़ें हैं, तीन अलग प्रक्रियाओं वाली
BPSC 'अमुक पाने वाला भारत का पहला शहर / राज्य / व्यक्ति' एक पंक्ति में पूछता है और साथ में तीन जाने-पहचाने नाम भटकाने को रख देता है, इसलिए तैयारी का अर्थ है हालिया नामांकनों की वर्ष सहित अद्यतन सूची। UPSC यही सामग्री जाँच के अभ्यास के रूप में पूछता है — दिए गए वर्ष में इनमें से कौन-सी सम्पदाएँ अंकित हुईं, किसी रजिस्टर का अर्थ क्या है — इसलिए वही सूची तिथियों के साथ और हर कार्यक्रम के अर्थ के साथ रखनी पड़ती है।
हाल ही में, निम्नलिखित में से किसकी पांडुलिपियों को यूनेस्को के विश्व स्मृति रजिस्टर में सम्मिलित किया गया है ?
- (a) अभिधम्म पिटक
- (b) महाभारत
- (c) रामायण
- (d) ऋग्वेद
उत्तर(d) ऋग्वेद
विश्व धरोहर से अलग एक यूनेस्को नामांकन, ठीक उसी तरह पूछा गया जैसे यहाँ पूछा गया है — कौन-सी भारतीय प्रविष्टि किस कार्यक्रम के अन्तर्गत मान्य हुई। विश्व स्मृति रजिस्टर, विश्व धरोहर सूची और रचनात्मक शहर नेटवर्क को अलग-अलग रखना ही वह अकेला कौशल है जिसे दोनों प्रश्न परखते हैं।
हाल ही में, निम्नलिखित में से किसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित किया गया था ?
- (a) दिलवाड़ा मंदिर
- (b) कालका-शिमला रेलवे
- (c) भितरकनिका मैंग्रोव क्षेत्र
- (d) विशाखापत्तनम से अराकू घाटी रेल लाइन
उत्तर(b) कालका-शिमला रेलवे
'हाल ही में यूनेस्को ने इनमें से किसे सूचीबद्ध किया' वाली वही बनावट, तीन प्रसिद्ध पर असूचीबद्ध भटकावों के साथ — ठीक वही जाल जो इस पृष्ठ पर कोलकाता को लाकर बैठाता है। प्रसिद्धि और नामांकन दो अलग चीज़ें हैं, और सूची में केवल दूसरी होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल नहीं है?
- (a) कुतुब मीनार
- (b) लाल किला
- (c) इंडिया गेट
- (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर(c) इंडिया गेट
69वीं CCE ने यूनेस्को के नामांकन नकारात्मक सिरे से परखे थे — भारत का कौन-सा प्रसिद्ध स्मारक उस सूची में नहीं है। दोनों प्रश्न उसी प्रतिवर्त पर दंड देते हैं कि प्रसिद्धि का अर्थ नामांकन मान लिया जाए।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
2023 में भारत का कौन-सा शहर संगीत के शहर के रूप में यूनेस्को रचनात्मक शहर नेटवर्क में शामिल हुआ ?
- (a)वाराणसी
- (b)चेन्नई
- (c)ग्वालियर
- (d)भोपाल
उत्तर(c) ग्वालियर — कोजीकोड के साथ 2023 के उसी दौर में शामिल; वाराणसी 2015 में और चेन्नई 2017 में संगीत के शहर के रूप में जुड़े थे।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
हैदराबाद यूनेस्को रचनात्मक शहर नेटवर्क में किस रचनात्मक क्षेत्र का सदस्य है ?
- (a)फ़िल्म
- (b)पाक-कला
- (c)डिज़ाइन
- (d)मीडिया कला
उत्तर(b) पाक-कला — हैदराबादी व्यंजनों के लिए 2019 में नामित; उसी वर्ष मुम्बई भारत के फ़िल्म शहर के रूप में नामित हुआ।