अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन काँग्रेस का गठन किस वर्ष में हुआ था ?
- (a)1918
- (b)1920
- (c)1919
- (d)उपरोक्त में से एक से अधिक
सही — (b) 1920। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन काँग्रेस का संस्थापक सम्मेलन 31 अक्टूबर 1920 को बम्बई के एम्पायर थिएटर में आरम्भ हुआ, जिसके पहले अध्यक्ष लाला लाजपत राय थे। यह केवल इरादे की घोषणा नहीं, एक बड़ा जमावड़ा था: 64 यूनियनों का प्रतिनिधित्व करते 101 प्रतिनिधि उसमें आए, जिनकी कुल सदस्यता 1,40,854 थी, और हर रंग के राजनीतिक नेता उपस्थित थे — मोतीलाल नेहरू, एम. ए. जिन्ना, एनी बेसेंट और विट्ठलभाई पटेल उनमें थे। जोसेफ बैप्टिस्टा ने उस 500 सदस्यीय स्वागत समिति की अध्यक्षता की थी जिसने इसे आयोजित किया, और 1921 में झरिया के दूसरे अधिवेशन की अध्यक्षता भी उन्होंने की; दीवान चमनलाल संस्थापकों में थे और संघ के आरम्भिक वर्षों में महासचिव रहे। AITUC भारत का सबसे पुराना ट्रेड यूनियन महासंघ है, और 1945 तक — जब यूनियनें दलगत आधार पर संगठित होने लगीं — व्यावहारिक रूप से वही देश का ट्रेड यूनियन संगठन था; स्वतन्त्रता आंदोलन के बाद के नेताओं ने भी इसके अधिवेशनों की अध्यक्षता की, जिनमें जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चन्द्र बोस, सी. आर. दास, वी. वी. गिरि और सरोजिनी नायडू शामिल हैं। इसकी स्थापना के विवरणों में बार-बार जिस प्रेरणा का उल्लेख आता है वह यह थी कि भारत को अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के सम्मेलनों में मज़दूरों का सच्चा प्रतिनिधि भेजना था, और वह संगठन 1919 में बना था। चूँकि कोई संस्था एक ही बार बनती है, और दिए गए तीन वर्षों में से केवल एक ही वह वर्ष हो सकता है, इसलिए विकल्प (d) 'उपरोक्त में से एक से अधिक' टिक नहीं सकता।
- (a)1918 — यह मद्रास लेबर यूनियन का वर्ष है, जिसे बी. पी. वाडिया ने वी. कल्याणसुन्दरम मुदलियार के साथ बकिंघम एवं कर्नाटिक मिलों के मज़दूरों के बीच बनाया था और जिसे प्रायः भारत की पहली संगठित ट्रेड यूनियनों में गिना जाता है। 1918 गांधी के अहमदाबाद मिल-मज़दूर सत्याग्रह का भी वर्ष है। दोनों श्रम आंदोलन के मील के पत्थर हैं — पर इनमें से कोई AITUC की स्थापना नहीं है, जो एक अकेली यूनियन नहीं बल्कि यूनियनों का महासंघ है।
- (c)1919 — यह वह वर्ष है जब अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन बना, और इसीलिए वही वर्ष है जिसने अखिल भारतीय महासंघ को अनिवार्य बना दिया — भारत को किसी अन्तर्राष्ट्रीय निकाय के लिए मज़दूरों का प्रतिनिधि नामित करना था और उसके पास ऐसा कोई संगठन नहीं था जो श्रम की ओर से बोलने का अधिकार रखता हो। कारण 1919 है; परिणाम, बम्बई का संस्थापक सम्मेलन, अक्टूबर 1920 है।
- (d)उपरोक्त में से एक से अधिक — किसी संगठन का स्थापना वर्ष एक ही होता है, इसलिए दिए गए तीन वर्षों में से दो एक साथ वही वर्ष नहीं हो सकते। यह विकल्प केवल तभी सही होता है जब प्रश्न में किया गया दावा एक साथ कई विकल्पों पर सच हो सकता हो, और 'किस वर्ष में गठन हुआ' ऐसा दावा नहीं है। इसे तभी चुनिए जब आप दो ऐसे विकल्प नाम से बता सकें जो एक साथ सही हों।
भारतीय ट्रेड यूनियनवाद तीन चरणों में बढ़ता है, और हर चरण से तिथियाँ जुड़ी हैं। पहला चरण परोपकारी और यूनियन-पूर्व है: 1884 में एन. एम. लोखंडे की बम्बई मिल-हैंड्स एसोसिएशन, तथा 1881 और 1891 के पहले फ़ैक्टरी अधिनियम, जिन्होंने काम के घंटे और बाल श्रम तो नियन्त्रित किए पर संगठित होने का कोई अधिकार नहीं दिया। दूसरा चरण प्रथम विश्वयुद्ध के आसपास वास्तविक यूनियनों का उभार है, जब युद्धकालीन महँगाई और रूसी क्रान्ति राष्ट्रवादी उभार से जा मिलीं — 1918 में मद्रास लेबर यूनियन, गांधी की 1918 की हड़ताल से निकला अहमदाबाद टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन, और फिर 1920 में अखिल भारतीय महासंघ के रूप में AITUC। तीसरा चरण विधिक मान्यता और राजनीतिक विभाजन का है: 1926 के ट्रेड यूनियन अधिनियम ने पंजीकृत यूनियनों को विधिक हैसियत और उन्मुक्तियाँ दीं, 1929 के व्यापार विवाद अधिनियम ने अधिकरण बनाए और हड़तालों पर रोक लगाई, और स्वयं महासंघ बार-बार टूटा — 1929 में नागपुर में और फिर 1930 के दशक में — जिसके बाद स्वतन्त्रता के बाद के प्रसार से 1947 में INTUC, 1948 में HMS और 1955 में BMS निकले।
इस प्रश्न में परीक्षक की चाल यह है कि सही वर्ष के चारों ओर पड़ोसी मील-पत्थरों के वर्ष रख दिए जाएँ, इसलिए बचाव यह है कि अकेली तिथि नहीं, पूरी शृंखला याद रखी जाए: 1881 पहला फ़ैक्टरी अधिनियम, 1884 बम्बई मिल-हैंड्स एसोसिएशन, 1918 मद्रास लेबर यूनियन तथा अहमदाबाद हड़ताल, 1919 ILO, 1920 AITUC, 1926 ट्रेड यूनियन अधिनियम, 1929 व्यापार विवाद अधिनियम तथा नागपुर विभाजन, 1947 INTUC। इस पृष्ठ का हर विकल्प उसी शृंखला का एक वास्तविक वर्ष है, और इसीलिए 'लगभग इसी दौर का है' जैसे धुँधले बोध से अनुमान लगाना विफल होता है। दूसरी आदत यह है कि पूछी जा रही संस्था का प्रकार अलग-अलग पहचानिए — एक कारख़ाने की यूनियन, नगर का संघ, अखिल भारतीय महासंघ, या कोई अधिनियम — क्योंकि उसी दशक में इनमें से एक-एक बैठा है। अन्त में यह भी ध्यान दीजिए कि AITUC के आरम्भिक वर्षों में काँग्रेस के नेतृत्व की भागीदारी लगातार रही, इसीलिए उसके अध्यक्षों की सूची राष्ट्रवादी नेताओं की सूची जैसी पढ़ी जाती है और इसी काल में श्रम का प्रश्न स्वतन्त्रता संग्राम से अलग नहीं किया जा सकता।
- AITUC का संस्थापक सम्मेलन 31 अक्टूबर 1920 को बम्बई के एम्पायर थिएटर में आरम्भ हुआ, जिसके पहले अध्यक्ष लाला लाजपत राय थे
- 64 यूनियनों से 101 प्रतिनिधि आए, जिनकी सदस्यता 1,40,854 थी; मोतीलाल नेहरू, एम. ए. जिन्ना, एनी बेसेंट और वी. जे. पटेल उपस्थित थे; स्वागत समिति की अध्यक्षता जोसेफ बैप्टिस्टा ने की
- AITUC भारत का सबसे पुराना ट्रेड यूनियन महासंघ है और 1945 तक प्रमुख महासंघ बना रहा, जिसके बाद यूनियनें दलगत आधार पर संगठित होने लगीं
- इसके बाद के अधिवेशनों के अध्यक्षों में जवाहरलाल नेहरू (झरिया, 1928), सुभाष चन्द्र बोस (नागपुर, 1929) और वी. वी. गिरि (कानपुर, 1942) थे
- भारत की पहली संगठित यूनियनों में से एक मद्रास लेबर यूनियन 1918 में बी. पी. वाडिया ने वी. कल्याणसुन्दरम मुदलियार के साथ बनाई थी; अन्तर्राष्ट्रीय श्रम संगठन 1919 में बना
दो आदतें इस पूरे परिवार के प्रश्न बन्द कर देती हैं। शृंखला को दशक की तरह नहीं, सूची की तरह याद रखिए। और पूछिए कि नामित संस्था का प्रकार क्या है — अकेली यूनियन, अखिल भारतीय महासंघ, या अधिनियम — क्योंकि इन्हीं थोड़े से वर्षों में तीनों में से एक-एक बैठा है। विकल्प (d) सिद्धान्ततः विफल है: कोई संस्था एक ही बार बनती है, इसलिए दो वर्ष एक साथ वही वर्ष नहीं हो सकते।
- किसी अकेली यूनियन की स्थापना (मद्रास लेबर यूनियन, 1918) को अखिल भारतीय महासंघ की स्थापना (AITUC, 1920) से गड्डमड्ड कर देना
- 1919 इसलिए चुन लेना कि ILO उसी वर्ष का है; ILO AITUC के बनने का कारण है, उसके बनने का वर्ष नहीं
- एक ही स्थापना वर्ष पूछने वाले प्रश्न में 'उपरोक्त में से एक से अधिक' चुन लेना — किसी अनन्य घटना या श्रेष्ठतावाचक कथन के दो सही उत्तर नहीं हो सकते
BPSC वर्ष पूछता है और साथ में पड़ोसी मील-पत्थरों के वर्ष रख देता है, इसलिए अभ्यर्थी को श्रम आंदोलन का कालक्रम कहानी की तरह नहीं, सूची की तरह चाहिए। UPSC यही खंड इस रूप में पूछता है कि किसी क़ानून ने किया क्या या किसने किसे संगठित किया — क्या 1881 के फ़ैक्टरी अधिनियम ने यूनियनों की अनुमति दी थी, 1929 के व्यापार विवाद अधिनियम में क्या उपबंध था — इसलिए वही दशक हर अधिनियम की अन्तर्वस्तु के साथ जोड़कर याद करना पड़ता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. फ़ैक्टरी अधिनियम, 1881 इस उद्देश्य से पारित किया गया था कि औद्योगिक मज़दूरों की मज़दूरी नियत की जाए और मज़दूरों को ट्रेड यूनियन बनाने की अनुमति दी जाए। 2. एन. एम. लोखंडे ब्रिटिश भारत में श्रम आंदोलन को संगठित करने के अग्रदूत थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(b) केवल 2
AITUC से ठीक पहले का चरण। लोखंडे की 1884 की बम्बई मिल-हैंड्स एसोसिएशन अग्रणी प्रयास थी, और 1881 के फ़ैक्टरी अधिनियम ने यूनियनों की अनुमति स्पष्ट रूप से नहीं दी — इसीलिए अखिल भारतीय महासंघ को 1920 तक रुकना पड़ा।
1929 के व्यापार विवाद अधिनियम में किसका उपबंध था ?
- (a) उद्योगों के प्रबन्धन में मज़दूरों की भागीदारी का।
- (b) औद्योगिक विवादों को दबाने के लिए प्रबन्धन को मनमानी शक्तियों का।
- (c) व्यापार विवाद होने पर ब्रिटिश न्यायालय के हस्तक्षेप का।
- (d) अधिकरणों की एक व्यवस्था तथा हड़तालों पर रोक का।
उत्तर(d) अधिकरणों की एक व्यवस्था तथा हड़तालों पर रोक का।
1920 में बने महासंघ का असर दिखने पर औपनिवेशिक राज्य ने क्या किया, यही वह प्रश्न है। 1926 के ट्रेड यूनियन अधिनियम ने यूनियनों को मान्यता दी और 1929 के व्यापार विवाद अधिनियम ने उनका मुख्य हथियार छीना — विधिक प्रतिक्रिया के ये दोनों आधे हिस्से सीधे इसी प्रश्न की तिथि से निकलते हैं।
सूची–I में सूचीबद्ध राजनीतिक दलों को सूची–II में उनकी स्थापना के वर्ष के साथ सुमेलित कीजिए : सूची–I (राजनीतिक दल) a. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) b. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी c. बहुजन समाज पार्टी d. ऑल इन्डिया तृणमूल काँग्रेस (ए० आइ० टी० सी०) सूची–II (स्थापना के वर्ष) 1. 1964 2. 1998 3. 1925 4. 1984 नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) a b c d 1 3 4 2
- (b) a b c d 2 1 4 3
- (c) a b c d 2 1 3 4
- (d) a b c d 3 4 1 2
उत्तर(a) a b c d 1 3 4 2
69वीं CCE ने स्थापना के वर्ष सुमेलन-सूची के रूप में पूछे थे — वही अपेक्षा, और वर्ष के बजाय दशक याद रखने पर वही दंड। ध्यान दीजिए कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 1925 AITUC के 1920 और 1929 के ट्रेड यूनियन विभाजनों के बीच बैठता है — वही काल जिसे यह प्रश्न खोलता है।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन काँग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?
- (a)एन. एम. जोशी
- (b)लाला लाजपत राय
- (c)दीवान चमनलाल
- (d)जोसेफ बैप्टिस्टा
उत्तर(b) लाला लाजपत राय — उन्होंने 31 अक्टूबर 1920 को बम्बई के संस्थापक सम्मेलन की अध्यक्षता की; जोसेफ बैप्टिस्टा स्वागत समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने 1921 में झरिया के दूसरे अधिवेशन की अध्यक्षता की।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में पंजीकृत ट्रेड यूनियनों को विधिक मान्यता तथा उन्मुक्तियाँ देने वाला ट्रेड यूनियन अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ ?
- (a)1920
- (b)1926
- (c)1929
- (d)1936
उत्तर(b) 1926 — AITUC की स्थापना के छह वर्ष बाद; 1929 का व्यापार विवाद अधिनियम बाद में आया और उल्टी दिशा में चला, अधिकरण बनाकर तथा हड़तालों पर रोक लगाकर।