भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं ?
- (a)एस. सोमनाथ
- (b)के. सिवन
- (c)यू. आर. राव
- (d)जी. माधवन नायर
सही — (a) एस. सोमनाथ। जो प्रश्न 'वर्तमान' कहता है, उसका उत्तर परीक्षा की तिथि के अनुसार दिया जाता है, और यह पत्र — 70वीं CCE की पुनर्परीक्षा — 4 जनवरी 2025 को हुआ था। उस दिन इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ थे। उन्होंने 14 जनवरी 2022 को के. सिवन के उत्तराधिकारी के रूप में सचिव, अंतरिक्ष विभाग तथा अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग का कार्यभार सँभाला था, और 13 जनवरी 2025 को उसे छोड़ दिया, जब डॉ. वी. नारायणन ने 14 जनवरी 2025 को कार्यभार ग्रहण किया। अन्तर केवल दस दिन का है: यही प्रश्न दो सप्ताह बाद हल करने वाले अभ्यर्थी का सही उत्तर दूसरा होता — और ठीक इसीलिए परीक्षा की तिथि प्रश्न पढ़ने के तरीक़े का हिस्सा होनी चाहिए। सोमनाथ इस पद पर तिरुवनन्तपुरम के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र के निदेशक पद से आए थे, और उनके तीन वर्ष उन्हीं अभियानों को समेटते हैं जिन पर इस पत्र के दूसरे प्रश्न भी टिके हैं — 23 अगस्त 2023 को चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चन्द्रयान-3 की सुरक्षित लैंडिंग, जो अब हर वर्ष राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाई जाती है, और 2 सितम्बर 2023 को भारत की पहली सौर वेधशाला आदित्य-L1 का प्रक्षेपण। पद को ठीक-ठीक जान लेना भी काम का है: एक ही व्यक्ति तीन पद एक साथ रखता है — इसरो का अध्यक्ष, अंतरिक्ष विभाग का सचिव और अंतरिक्ष आयोग का अध्यक्ष — और इसीलिए नियुक्ति-आदेश तथा इसरो की अपनी विज्ञप्तियाँ केवल इसरो के बजाय 'सचिव, अंतरिक्ष विभाग का कार्यभार ग्रहण करने' की बात कहती हैं।
- (b)के. सिवन — ठीक पिछले अध्यक्ष, जनवरी 2018 से जनवरी 2022 तक — अर्थात् उनका नाम केवल एक क़दम पुराना है, और यही जाल है। उनके कार्यकाल में 2019 का चन्द्रयान-2 आता है, और अधिकतर अभ्यर्थी 'इसरो अध्यक्ष' के साथ यही अभियान जोड़ते हैं, इसलिए ग़लत जोड़ी आसानी से मन में बैठ जाती है।
- (c)यू. आर. राव — उडुपी रामचन्द्र राव (1932–2017) 1984 से 1994 तक इसरो के अध्यक्ष रहे — इस पत्र से तीन दशक पहले — और पत्र बनने से आठ वर्ष पूर्व उनका निधन हो चुका था। उनके वर्षों में इनसैट कार्यक्रम की शुरुआत और वह प्रयास आता है जिससे PSLV निकला, इसीलिए ऐसी सूचियों में उनका नाम आता है — पर किसी भी अर्थ में वे 'वर्तमान' नहीं हो सकते।
- (d)जी. माधवन नायर — 2003 से 2009 तक अध्यक्ष, अर्थात् चन्द्रयान-1 का काल। विकल्प (c) की तरह यह भी एक वास्तविक पूर्व अध्यक्ष है, जो उस अभ्यर्थी के सामने रखा गया है जो नाम तो पहचानता है पर तिथियाँ नहीं रखता — पूरा विकल्प-समूह वस्तुतः समसामयिकी के भेस में कालक्रम की परीक्षा है।
इसरो का गठन 1969 में INCOSPAR से हुआ, वह समिति जिसकी अध्यक्षता विक्रम साराभाई 1962 से कर रहे थे, और यह अंतरिक्ष विभाग के अधीन काम करता है, जो सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है। संगठन का प्रमुख एक साथ तीन टोपियाँ पहनता है — इसरो का अध्यक्ष, अंतरिक्ष विभाग का सचिव और अंतरिक्ष आयोग का अध्यक्ष — इसलिए एक ही नियुक्ति-आदेश तीनों को समेटता है, और 'इसरो के प्रमुख' के बारे में पूछा गया कोई भी प्रश्न वस्तुतः उसी संयुक्त पद के बारे में है। अध्यक्षों की शृंखला विक्रम साराभाई से चलकर सतीश धवन तक जाती है, जिनका कार्यकाल बारह वर्ष का सबसे लम्बा रहा, फिर यू. आर. राव (1984–1994), के. कस्तूरीरंगन, जी. माधवन नायर (2003–2009), के. राधाकृष्णन, ए. एस. किरण कुमार, के. सिवन (2018–2022), एस. सोमनाथ (2022–2025) और 14 जनवरी 2025 से वी. नारायणन। हर नाम किसी कार्यक्रम से जुड़ा है, और परीक्षक विकल्प-समूह इसी तरह बनाते हैं: साराभाई से स्थापना, धवन से SLV, राव से इनसैट तथा PSLV का प्रयास, नायर से चन्द्रयान-1, सिवन से चन्द्रयान-2, सोमनाथ से चन्द्रयान-3 और आदित्य-L1।
जिस भी प्रश्न में 'वर्तमान' शब्द हो, उसे परीक्षा की तिथि से बाँधकर पढ़िए, उस दिन से नहीं जिस दिन आप पढ़ रहे हैं — वही वाक्य अलग-अलग वर्षों में अलग उत्तर देता है, और यह पत्र तो कार्यभार बदलने से ठीक दस दिन पहले बैठा है। व्यावहारिक तरीक़ा यह है कि किसी भी राज्य-परीक्षा से पहले के पखवाड़े में पदधारकों की एक पृष्ठ की सूची अद्यतन रखिए: इसरो के अध्यक्ष, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, रिज़र्व बैंक के गवर्नर, भारत के मुख्य न्यायाधीश, कैबिनेट सचिव, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष, और उन संस्थाओं के प्रमुख जो समाचारों में हों। फिर उसमें ठीक पिछले पदधारक का एक दूसरा स्तम्भ जोड़िए, क्योंकि पूर्ववर्ती सदैव विकल्पों में रहता है। इस विशेष प्रश्न का निर्णायक बिन्दु एक ही तिथि है: 14 जनवरी 2025, जब वी. नारायणन ने कार्यभार सँभाला। उससे पहले का सब कुछ सोमनाथ का है, और यह परीक्षा 4 जनवरी को पड़ती है। यह भी ध्यान दीजिए कि बाक़ी दो नाम इतने पुराने हैं कि उन्हें कोई भी समसामयिक जानकारी के बिना ही हटाया जा सकता है — जिस अभ्यर्थी को इतना भर पता है कि चन्द्रयान-3 2023 में उतरा और तब के अध्यक्ष न राव थे न नायर, वह पहले ही दो विकल्पों पर आ चुका है।
- एस. सोमनाथ ने 14 जनवरी 2022 को के. सिवन के उत्तराधिकारी के रूप में सचिव, अंतरिक्ष विभाग तथा अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग का कार्यभार सँभाला और 13 जनवरी 2025 तक इस पद पर रहे
- डॉ. वी. नारायणन ने 14 जनवरी 2025 को इसरो के अध्यक्ष तथा सचिव, अंतरिक्ष विभाग का कार्यभार ग्रहण किया — इस पत्र के दस दिन बाद; इससे पहले वे 23 जनवरी 2018 से द्रव नोदन प्रणाली केन्द्र के निदेशक थे
- के. सिवन जनवरी 2018 से जनवरी 2022 तक अध्यक्ष रहे; यू. आर. राव (1932–2017) 1984 से 1994 तक; जी. माधवन नायर 2003 से 2009 तक
- सोमनाथ के कार्यकाल के अभियानों में 23 अगस्त 2023 की चन्द्रयान-3 लैंडिंग, जो अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाई जाती है, तथा 2 सितम्बर 2023 का आदित्य-L1 प्रक्षेपण शामिल हैं
- इसरो का प्रमुख एक साथ सचिव, अंतरिक्ष विभाग तथा अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग के पद भी रखता है; अंतरिक्ष विभाग प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है
यह पद एक साथ तीन पद है — इसरो का अध्यक्ष, अंतरिक्ष विभाग का सचिव और अंतरिक्ष आयोग का अध्यक्ष — इसीलिए नियुक्ति-आदेश 'सचिव, अंतरिक्ष विभाग का कार्यभार ग्रहण करने' की भाषा में लिखे जाते हैं। ध्यान दीजिए कि दोनों सबसे पुराने नाम बिना किसी समसामयिक जानकारी के ही हटाए जा सकते हैं।
- 'वर्तमान' वाले प्रश्न का उत्तर आज की जानकारी से देना, परीक्षा की तिथि से नहीं; यहाँ कार्यभार का परिवर्तन पत्र के दस दिन बाद हुआ
- अध्यक्षों और उनके कार्यकाल के अभियानों को गड्डमड्ड कर देना — चन्द्रयान-1 माधवन नायर के, चन्द्रयान-2 सिवन के, और चन्द्रयान-3 सोमनाथ के काल में
- यह मान लेना कि इसरो का अध्यक्ष केवल इसरो का अध्यक्ष है; उस नियुक्ति के साथ अंतरिक्ष विभाग और अंतरिक्ष आयोग भी आते हैं
BPSC पदधारकों को सीधे-सीधे पूछता है और उन्हें परीक्षा की तिथि से बाँधता है, इसलिए तैयारी का अर्थ है एक छोटी, वर्तमान सूची जिसे पत्र से पहले के अन्तिम पखवाड़े में दोहराया जाए। UPSC यह नहीं पूछता कि किसी संगठन का प्रमुख कौन है; वह पूछता है कि संगठन करता क्या है — भुवन क्या है, मंगल कक्षित्र अभियान ने क्या हासिल किया, कोई नीति क्या बदलती है — इसलिए वही समाचार नामों के बजाय संस्थागत समझ में बदलना पड़ता है।
18वीं लोकसभा के चुनाव के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय कपड़ा मंत्री के रूप में किसे नियुक्त किया गया ?
- (a) भूपेन्द्र यादव (अलवर)
- (b) गिरिराज सिंह (बेगूसराय)
- (c) गजेंद्र सिंह शेखावत (जोधपुर)
- (d) राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (मुंगेर)
उत्तर(b) गिरिराज सिंह (बेगूसराय)
दिसम्बर 2024 में हुए 70वीं CCE के पत्र ने — जो इस पुनर्परीक्षा से अलग पत्र है — ठीक इसी क़िस्म की वस्तु रखी थी: पत्र के क्षण पर कोई नामित पद किसके पास है। दोनों प्रश्नों का उत्तर किसी अवधारणा से नहीं, वर्तमान पदधारकों की सूची से आता है, और दोनों उसी क्षण पुराने पड़ जाते हैं जब वह पद किसी और के हाथ चला जाए।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
इसरो का अध्यक्ष एक साथ निम्नलिखित में से कौन-सा पद भी रखता है ?
- (a)सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- (b)सचिव, अंतरिक्ष विभाग तथा अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग
- (c)भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार
- (d)निदेशक, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र
उत्तर(b) सचिव, अंतरिक्ष विभाग तथा अध्यक्ष, अंतरिक्ष आयोग — तीनों पद एक साथ रखे जाते हैं, और इसीलिए नियुक्ति-आदेश में तीनों का नाम आता है।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
चन्द्रयान-3 ने चन्द्रमा पर किस तिथि को सुरक्षित लैंडिंग की, जो अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाई जाती है ?
- (a)22 जुलाई 2023
- (b)23 अगस्त 2023
- (c)2 सितम्बर 2023
- (d)14 जनवरी 2025
उत्तर(b) 23 अगस्त 2023 — चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास की गई लैंडिंग; 2 सितम्बर 2023 उसी मौसम के एक भिन्न अभियान आदित्य-L1 के प्रक्षेपण की तिथि है।