1 जनवरी, 2008 को मंगलवार है । 1 जनवरी, 2009 को सप्ताह का कौन-सा दिन होगा ?
- (a)बुधवार
- (b)सोमवार
- (c)रविवार
- (d)गुरुवार
सही — (d), गुरुवार। दोनों तिथियों को नहीं, उनके बीच के दिनों को गिनिए। 1 जनवरी 2008 से 1 जनवरी 2009 तक कैलेंडर पूरे 2008 से होकर गुज़रता है, और 2008 अधिवर्ष है : वह 4 से विभाज्य है और शताब्दी वर्ष नहीं है, इसलिए फ़रवरी 29 दिन की रही और वर्ष 366 दिन का। सात से भाग दीजिए और जो शेष बचे वही महत्त्व रखता है — 366 = 52 × 7 + 2, अर्थात् यह वर्ष 2 विषम दिन देता है। इसलिए सप्ताह का दिन दो क़दम आगे बढ़ जाता है : मंगलवार + 2 = गुरुवार। खोलकर लिखें तो — 1 जनवरी 2008 मंगलवार था, इसलिए 30 दिसंबर 2008 (365वाँ दिन) फिर मंगलवार पड़ा और 1 जनवरी 2009 उससे दो दिन आगे, गुरुवार को — और कैलेंडर वास्तव में यही दिखाता है। साथ ले जाने योग्य ढाँचा यह है कि कोई भी तिथि साधारण वर्ष के बाद सप्ताह के एक दिन आगे लौटती है (365 = 52 सप्ताह + 1 विषम दिन) और ऐसी अवधि के बाद दो दिन आगे जिसमें 29 फ़रवरी आती हो। यह भी देखिए कि प्रश्न किस चीज़ की माँग नहीं करता : आपको यह जानने की आवश्यकता कभी नहीं पड़ती कि 1 जनवरी 2008 वस्तुतः मंगलवार था, क्योंकि प्रश्न ही यह बता देता है। उसके बाद का सब कुछ सात से भाग देना है, और जो अभ्यर्थी याद किए हुए कैलेंडर की खोज में लग जाता है वह अंक के मूल्य से अधिक समय पहले ही ख़र्च कर चुका होता है।
- (a)बुधवार — यह वह उत्तर है जो केवल एक विषम दिन जोड़ने से मिलता है, अर्थात् 2008 को 365 दिन का साधारण वर्ष मान लेने से। इस प्रकार के प्रश्नों में यही अकेली सबसे आम भूल है, और वह एक ही जाँच से पकड़ी जाती है : पहली तिथि से दूसरी तिथि तक की अवधि में 29 फ़रवरी आती है क्या? यहाँ आती है, इसलिए खिसकाव एक दिन का नहीं, दो दिन का है।
- (b)सोमवार — मंगलवार में से एक घटाने पर — अर्थात् आगे गिनने के बजाय पीछे गिनने का परिणाम। 1 जनवरी 2008 से 1 जनवरी 2009 की ओर जाना समय में आगे बढ़ना है, इसलिए सप्ताह का दिन आगे ही बढ़ेगा; सोमवार तो उलटे प्रश्न का उत्तर होता — कि 1 जनवरी 2007 को कौन-सा दिन था — और वह भी तभी जब 2007 अधिवर्ष होता, जो वह नहीं है।
- (c)रविवार — मंगलवार में से दो घटाने पर — वही पीछे गिनने वाली भूल जो (b) में है, पर यहाँ अधिवर्ष वाला खिसकाव ग़लत दिशा में लगाया गया है। जो दोनों विषम दिन जोड़ने के बजाय घटा देता है वह यहीं आ पहुँचता है, और इसीलिए यह विकल्प पृष्ठ पर रखा गया है।
कैलेंडर के प्रश्न विषम दिनों से हल होते हैं — अर्थात् दिनों की संख्या को सात से भाग देने पर बचा शेष। साधारण वर्ष 365 दिन का होता है, और 365 = 52 × 7 + 1, इसलिए वह 1 विषम दिन देता है; अधिवर्ष 366 दिन का होता है और 2 देता है। अधिवर्ष का नियम यह है : कोई वर्ष अधिवर्ष है यदि वह 4 से विभाज्य हो, इस अपवाद के साथ कि शताब्दी वर्ष को 400 से विभाज्य होना चाहिए। इसलिए 1996, 2004, 2008, 2012 तथा 2000 अधिवर्ष हैं, जबकि 1900, 2100 तथा 2200 नहीं। इस शताब्दी वाले अपवाद के वास्तविक परिणाम हैं — 1 जनवरी 2100 शुक्रवार को पड़ती है, न कि उस शनिवार को जो चार वर्ष वाला सीधा नियम बता देता। ऊपर की ओर बढ़ें तो एक शताब्दी में 24 अधिवर्ष और 76 साधारण वर्ष होते हैं, जिससे 5 विषम दिन बनते हैं; 200 वर्ष 3 देते हैं, 300 वर्ष 1, और 400 वर्ष 0 — और इसीलिए ग्रेगोरी कैलेंडर ठीक हर 400 वर्ष पर दोहराता है। छोटी अवधियों के लिए महीनों के कूट महत्त्व रखते हैं : जनवरी 31 दिन की है इसलिए 3 विषम दिन देती है, फ़रवरी साधारण वर्ष में 0 और अधिवर्ष में 1, अप्रैल 2, और इसी प्रकार आगे।
तर्क का रास्ता यंत्रवत् है, बशर्ते वह सही क्रम में चले। पहले, अवधि पहचानिए — यहाँ ठीक एक वर्ष, इसलिए एकमात्र प्रश्न यह है कि उसके भीतर किस प्रकार का वर्ष पड़ता है। दूसरे, अधिवर्ष की जाँच कीजिए : 2008 ÷ 4 = 502, शेष शून्य, और 2008 शताब्दी वर्ष नहीं है, इसलिए वह अधिवर्ष है। तीसरे, अवधि को विषम दिनों में बदलिए : 366 mod 7 = 2। चौथे, आगे बढ़ते समय जोड़िए, घटाइए कभी नहीं : मंगलवार + 2 = गुरुवार। दोनों गंभीर विकल्पों, बुधवार तथा गुरुवार, के बीच निर्णय करने वाला अकेला तथ्य यह है कि 29 फ़रवरी 2008 इस अंतराल के भीतर पड़ती है या नहीं — और वह पड़ती है, क्योंकि अंतराल 1 जनवरी 2008 से आरंभ होकर फ़रवरी के बाद समाप्त होता है। आधार-तिथि बदल दीजिए और उत्तर भी बदल जाएगा : 1 मार्च 2008 से 1 मार्च 2009 केवल 365 दिन है, क्योंकि अधिदिन उस अवधि के आरंभ से पहले पड़ जाता है, इसलिए वहाँ खिसकाव दो नहीं, एक दिन का होगा। परीक्षक ठीक यही जाल फ़रवरी के दोनों ओर की तिथियाँ चुनकर बिछाते हैं, इसलिए अधिवर्ष का नियम उठाने से पहले दोनों तिथियाँ पढ़िए।
- 365 दिन का साधारण वर्ष 1 विषम दिन देता है (365 = 52 × 7 + 1); 366 दिन का अधिवर्ष 2 विषम दिन देता है।
- अधिवर्ष का नियम : 4 से विभाज्य, पर शताब्दी वर्ष तभी जब वह 400 से विभाज्य हो — इसलिए 2000 अधिवर्ष था, जबकि 1900 तथा 2100 नहीं हैं।
- 2008 अधिवर्ष था, इसलिए 1 जनवरी 2009 सप्ताह के उस दिन से दो दिन आगे पड़ी जिस दिन 1 जनवरी 2008 थी — मंगलवार से गुरुवार।
- अधिदिन तभी गिना जाता है जब 29 फ़रवरी उस अवधि के भीतर पड़े : 1 जनवरी 2008 से 1 जनवरी 2009 तक 366 दिन हैं, पर 1 मार्च 2008 से 1 मार्च 2009 तक 365 दिन, और वहाँ खिसकाव केवल एक दिन का होता है।
- विषम दिन इस प्रकार इकट्ठे होते हैं — 100 वर्ष में 5, 200 में 3, 300 में 1 और 400 में 0, और इसीलिए ग्रेगोरी कैलेंडर हर 400 वर्ष पर दोहराता है।
रेखांकित पंक्ति ही वह जगह है जहाँ अंक टिका है : खिसकाव दो का तभी होगा जब अधिदिन उस अवधि के भीतर पड़े। अंतिम पंक्ति वह जाल है जिसे वही प्रश्न-रचयिता जनवरी के बजाय मार्च चुनकर बना सकता है।
- यह भूल जाना कि अवधि में 29 फ़रवरी पड़ती है, और दो के बजाय एक विषम दिन जोड़ देना।
- जोड़ने के बजाय घटा देना — समय में आगे बढ़ने पर सप्ताह का दिन सदैव आगे ही बढ़ता है।
- अधिवर्ष के नियम को शताब्दी वर्षों पर यंत्रवत् लगा देना; 1900 तथा 2100 अधिवर्ष नहीं हैं, क्योंकि वे 400 से विभाज्य नहीं हैं।
BPSC हर प्रश्नपत्र में इस प्रकार के दो-तीन विशुद्ध तर्कशक्ति वाले प्रश्न रखता है और उन्हें एक ही क़दम गहरा रखता है — एक अवधि, एक अधिवर्ष की जाँच, एक जोड़ — इसलिए यदि विषम दिनों की विधि स्वतः चलने लगे तो ये प्रश्नपत्र के सबसे सस्ते अंक हैं। UPSC सामान्य अध्ययन की प्रारंभिक परीक्षा में कैलेंडर पूछता ही नहीं; वही तर्क CSAT के प्रश्नपत्र में आता है, जहाँ वह प्रायः सादी तिथि के रूप में नहीं, किसी लंबी आँकड़ा या व्यवस्था वाली समस्या के भीतर रखा जाता है।
यदि 1 फरवरी 1996 को बुधवार है, तो 3 मार्च 1996 को कौन-सा दिन होगा ?
- (a) रविवार
- (b) शुक्रवार
- (c) सोमवार
- (d) शनिवार
उत्तर(d) शनिवार
दिसंबर 2024 की 70वीं CCE का प्रश्नपत्र — जो इस जनवरी 2025 की पुनर्परीक्षा से अलग प्रश्नपत्र है — विषम दिनों का यही अभ्यास उसी अधिवर्ष वाले मोड़ के साथ रखता है : 1996 अधिवर्ष था, इसलिए फ़रवरी 29 दिन की रही और 1 फ़रवरी से 3 मार्च तक की गिनती 31 दिन, अर्थात् 3 विषम दिन बनती है। आयोग के लगातार दो प्रश्नपत्र एक ही विधि को पुरस्कृत कर रहे हों, तो इस पाठ्यक्रम में इससे प्रबल संकेत कोई नहीं होता।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
यदि 1 मार्च 2008 को शनिवार था, तो 1 मार्च 2009 को कौन-सा दिन था ?
- (a)शनिवार
- (b)रविवार
- (c)सोमवार
- (d)शुक्रवार
उत्तर(b) रविवार — 1 मार्च 2008 से 1 मार्च 2009 तक की अवधि में 29 फ़रवरी नहीं पड़ती (2008 का अधिदिन उससे पहले ही बीत चुका है), इसलिए यह 365 दिन = 1 विषम दिन है, और शनिवार + 1 = रविवार।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ष अधिवर्ष नहीं है ?
- (a)1600
- (b)1900
- (c)2000
- (d)2400
उत्तर(b) 1900 — शताब्दी वर्ष अधिवर्ष तभी होता है जब वह 400 से विभाज्य हो। 1600, 2000 तथा 2400 इस कसौटी पर खरे उतरते हैं; 1900 नहीं।