मेकॉले ने भारतीय शिक्षा पर अपना प्रसिद्ध मिनट कब जारी किया था ?
- (a)02 फरवरी 1835
- (b)01 फरवरी 1835
- (c)12 फरवरी 1836
- (d)12 फरवरी 1835
सही — (a), 02 फरवरी 1835। थॉमस बैबिंगटन मेकॉले का भारतीय शिक्षा पर मिनट अपनी तिथि स्वयं अपने मुख पर लिए हुए है : शिक्षा से सम्बन्धित मिनटों के संकलन में जब यह दस्तावेज़ छपा तो वह इस शीर्षक के नीचे आया — 'मिनट बाइ मिस्टर मेकॉले (2 फ़रवरी, 1835)'। मेकॉले 1834 में गवर्नर-जनरल की परिषद् के विधि सदस्य के रूप में भारत आए थे और उन्हें लोक शिक्षा की सामान्य समिति का अध्यक्ष बनाया गया — वही निकाय, जिसे यह तय करना था कि शिक्षा का अनुदान कैसे ख़र्च हो — और यह समिति प्राच्यवादियों तथा आंग्लवादियों के बीच दस-दस पर बँट गई थी। यह मिनट उसी गतिरोध को तोड़ने के लिए उनका हस्तक्षेप था। उसमें उन्होंने तर्क दिया कि पश्चिमी विद्या श्रेष्ठ है और उस समय उसे केवल अंग्रेज़ी के माध्यम से ही पहुँचाया जा सकता है; कि कंपनी को अरबी तथा संस्कृत की पुस्तकें छापना बंद कर देना चाहिए और 'बनारस के संस्कृत कॉलेज तथा दिल्ली के महमूडन कॉलेज' से आगे परंपरागत संस्थाओं को धन देना भी बंद कर देना चाहिए; और अपने सर्वाधिक उद्धृत वाक्य में, कि सीमित साधनों के साथ 'हमें फ़िलहाल अपना सर्वोत्तम प्रयास करके ऐसा वर्ग बनाना चाहिए जो हमारे और उन करोड़ों के बीच दुभाषिया बन सके जिन पर हम शासन करते हैं; ऐसे लोगों का वर्ग जो रक्त तथा रंग में भारतीय हों, पर रुचि, विचार, नैतिकता तथा बुद्धि में अंग्रेज़।' गवर्नर-जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिंक ने कुछ ही सप्ताह में, मार्च 1835 के एक संकल्प द्वारा, यह संस्तुति स्वीकार कर ली, और यह निर्णय 1835 के अंग्रेज़ी शिक्षा अधिनियम के रूप में विधायी रूप ले गया। शेष तीनों तिथियाँ दिन या वर्ष का एक अंक खिसकाकर गढ़ी गई निकट-चूकें हैं; अभिलेख में इनमें से किसी के अनुरूप कोई दस्तावेज़ नहीं है।
- (b)01 फरवरी 1835 — वर्ष तथा माह सही, पर दिन ग़लत — एक दिन पहले का, अर्थात् किसी सुपरिचित तिथि को ज़रा-सा खिसकाकर बनाया गया चिरपरिचित विकल्प। मिनट की तिथि 2 है, और यह तिथि बाद में जोड़-घटाकर निकाली गई नहीं है; वह दस्तावेज़ के शीर्ष पर वैसे ही छपी है जैसे लेखक ने डाली थी।
- (c)12 फरवरी 1836 — दिन और वर्ष, दोनों ग़लत। 1836 इस मिनट को बेंटिंक के संकल्प के बाद और अंग्रेज़ी शिक्षा अधिनियम के बाद रख देता, जो कालक्रम की दृष्टि से असंभव है — मिनट ही वह तर्क है जिससे वह निर्णय निकला, इसलिए उसे निर्णय से पहले आना ही होगा।
- (d)12 फरवरी 1835 — वर्ष सही, दिन ग़लत — यह उस अभ्यर्थी के लिए बनाया गया है जिसने '1835' रट रखा है और फिर तिथि का अनुमान लगाता है। यदि आपको केवल वर्ष याद हो, तो सबसे सुरक्षित सहारा 1835 का क्रम है : फ़रवरी में मिनट, मार्च में सरकारी संकल्प, और उसके बाद अंग्रेज़ी शिक्षा की ओर धन का पुनरावंटन।
यह मिनट प्राच्यवादी–आंग्लवादी विवाद का निर्णायक मोड़ है। 1813 के चार्टर अधिनियम ने कंपनी से यह अपेक्षा की थी कि वह साहित्य के पुनरुद्धार तथा उन्नयन, भारत के विद्वानों के प्रोत्साहन और विज्ञान के ज्ञान के प्रवेश के लिए प्रतिवर्ष कम से कम एक लाख रुपये अलग रखे — पर उसने यह नहीं कहा था कि किस भाषा में। उस धन के प्रशासन के लिए 1823 में बनी लोक शिक्षा की सामान्य समिति दो हिस्सों में बँट गई : प्राच्यवादी, जो उसे संस्कृत, फ़ारसी तथा अरबी विद्या पर ख़र्च करना चाहते थे, और आंग्लवादी, जो अंग्रेज़ी तथा पश्चिमी विज्ञान चाहते थे। मेकॉले के मिनट ने यह विवाद आंग्लवादियों के पक्ष में तय कर दिया और उस विचार को तर्क दिया जो आगे चलकर अधोमुखी निस्यंदन सिद्धांत कहलाया : अंग्रेज़ी जानने वाला एक छोटा वर्ग शिक्षित कर दीजिए, और ज्ञान उसी के माध्यम से जनसामान्य तक रिसता चला जाएगा। नीति की यह रेखा वहाँ से 1854 के वुड के प्रेषण तक जाती है, जिसे 'भारत में अंग्रेज़ी शिक्षा का महाधिकार-पत्र' कहा जाता है और जिसने सहायता-अनुदान की व्यवस्था दी तथा प्रेसीडेंसी नगरों में विश्वविद्यालयों की संस्तुति की।
इस तरह की तिथियों का उत्तर किसी संख्या के बजाय क्रम याद रखकर दिया जाता है, क्योंकि विकल्प-सूची हमेशा तीन विश्वसनीय पड़ोसी सामने रखेगी। जो क्रम साथ रखना है वह है : चार्टर अधिनियम 1813 (एक लाख का अनुदान), लोक शिक्षा की सामान्य समिति 1823, मेकॉले का मिनट 2 फ़रवरी 1835, उसी 1835 में आगे बेंटिंक का संकल्प तथा अंग्रेज़ी शिक्षा अधिनियम, वुड का प्रेषण 1854, हंटर आयोग 1882, सार्जेंट रिपोर्ट 1944। यह शृंखला बैठ जाए तो ग़लत वर्ष तत्काल दिख जाता है — 1836 इस मिनट को उस निर्णय के बाद रख देता जो उसी से निकला था। रही दिन की बात, तो उपयोगी सूत्र यह है कि मिनट और संकल्प के बीच लगभग एक महीने का अंतर है, फ़रवरी से मार्च 1835, और इसीलिए सरकार उसे उसी वर्ष लागू कर सकी। मिनट की तिथि ही नहीं, उसका तर्क भी पढ़ना चाहिए, क्योंकि BPSC तथा UPSC दोनों उसकी अंतर्वस्तु पूछते हैं — दुभाषियों का वर्ग, संस्कृत तथा अरबी की छपाई बंद करना, और बनारस तथा दिल्ली के कॉलेजों को अपवाद रखना।
- मेकॉले का भारतीय शिक्षा पर मिनट 2 फ़रवरी 1835 का है — यही तिथि स्वयं दस्तावेज़ के शीर्ष पर छपी है।
- थॉमस बैबिंगटन मेकॉले (1800–1859) 1834 में गवर्नर-जनरल की परिषद् के विधि सदस्य के रूप में भारत आए और लोक शिक्षा की सामान्य समिति के अध्यक्ष बने, जो प्राच्यवादियों तथा आंग्लवादियों के बीच गतिरोध में फँसी थी।
- मिनट का सर्वाधिक उद्धृत वाक्य : सरकार को ऐसा 'वर्ग बनाना चाहिए जो हमारे और उन करोड़ों के बीच दुभाषिया बन सके जिन पर हम शासन करते हैं; ऐसे लोगों का वर्ग जो रक्त तथा रंग में भारतीय हों, पर रुचि, विचार, नैतिकता तथा बुद्धि में अंग्रेज़।'
- उसने संस्तुति की कि कंपनी अरबी तथा संस्कृत की पुस्तकें छापना बंद करे और 'बनारस के संस्कृत कॉलेज तथा दिल्ली के महमूडन कॉलेज' से आगे परंपरागत शिक्षा को सहारा देना भी बंद करे।
- लॉर्ड विलियम बेंटिंक ने मार्च 1835 के एक संकल्प द्वारा यह मिनट स्वीकार किया, जिसने 1835 के अंग्रेज़ी शिक्षा अधिनियम का रूप लिया; इसके बाद 1854 में वुड का प्रेषण आया, जिसमें सहायता-अनुदान तथा प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय थे।
- जिस धन पर यह विवाद था वह 1813 के चार्टर अधिनियम से आया, जिसने प्रतिवर्ष कम से कम एक लाख रुपये साहित्य, भारतीय विद्वानों तथा विज्ञान के लिए अलग रखने की अपेक्षा की थी।

- मिनट (फ़रवरी 1835) को उसी वर्ष उसके बाद आए सरकारी संकल्प तथा अंग्रेज़ी शिक्षा अधिनियम से गड्डमड्ड कर देना।
- भारतीय दंड संहिता और इस मिनट का श्रेय अलग-अलग व्यक्तियों को देना — दोनों के पीछे मेकॉले हैं, और ठीक इसीलिए परीक्षक इन्हें जोड़कर पूछते हैं।
- यह मान लेना कि वुड के प्रेषण ने हर स्तर पर अंग्रेज़ी को माध्यम बना दिया; उसने उच्च शिक्षा के लिए अंग्रेज़ी की संस्तुति की और निचले स्तरों पर देशी भाषाओं का समर्थन किया।
BPSC तिथि ही पूछता है और उसके चारों ओर तीन लगभग एक जैसे विकल्प रख देता है, इसलिए उत्तर केवल वर्ष तक नहीं, दिन तक याद रखना पड़ता है। UPSC सादी तिथि लगभग कभी नहीं पूछता : वह क्रम पूछता है (मेकॉले का मिनट, वुड का प्रेषण, हंटर आयोग, सार्जेंट रिपोर्ट को क्रम में लगाइए) अथवा कारण पूछता है (1813 का चार्टर अधिनियम, लोक शिक्षा की समिति तथा प्राच्यवादी–आंग्लवादी विवाद में से किनसे अंग्रेज़ी शिक्षा आई), इसलिए वही सामग्री कारणों सहित एक शृंखला के रूप में साथ रखनी पड़ती है।
निम्नलिखित में से किनसे भारत में अंग्रेज़ी शिक्षा का प्रवेश हुआ ? 1. 1813 का चार्टर अधिनियम 2. लोक शिक्षा की सामान्य समिति, 1823 3. प्राच्यवादी तथा आंग्लवादी विवाद नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a) केवल 1 और 2
- (b) केवल 2
- (c) केवल 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(d) 1, 2 और 3
जिस दस्तावेज़ की तिथि यह प्रश्न पूछता है, उसी के पीछे की कारण-शृंखला। UPSC पूछता है कि अंग्रेज़ी शिक्षा किन कारणों से आई — 1813 का अनुदान, उसे ख़र्च करने वाली समिति, और वह विवाद जिसने समिति को बाँट दिया — और फ़रवरी 1835 का मेकॉले का मिनट वही जगह है जहाँ यह शृंखला समाप्त होती है।
निम्नलिखित का सही कालक्रम क्या है ? I. वुड का शिक्षा प्रेषण II. मेकॉले का शिक्षा पर मिनट III. सार्जेंट शिक्षा रिपोर्ट IV. भारतीय शिक्षा (हंटर आयोग)
- (a) II, I, IV, III
- (b) II, I, III, IV
- (c) I, II, IV, III
- (d) IV, III, I, II
उत्तर(a) II, I, IV, III
वही मिनट, तिथि के बजाय किसी क्रम में उसके स्थान के रूप में जाँचा गया। जिस अभ्यर्थी ने 1835–1854–1882–1944 को शृंखला की तरह सीखा है वह दोनों प्रश्नपत्रों का उत्तर देता है; जिसने केवल 'मेकॉले, 1835' सीखा है वह इस सूची को क्रम में तो लगा लेगा, पर दिन नहीं चुन पाएगा।
वुड के 1854 के प्रेषण के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. इसने उच्च अध्ययन के लिए शिक्षा के माध्यम के रूप में अंग्रेजी की सिफारिश की। 2. इसने महिला शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर जोर दिया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(c) 1 और 2 दोनों
69वीं CCE ने इसी शृंखला की अगली कड़ी उठाई — 1854 का वह प्रेषण, जो उसी नीति पर बना जिसे मेकॉले के मिनट ने 1835 में तय कर दिया था। दोनों प्रश्नपत्रों को मिलाकर आयोग औपनिवेशिक शिक्षा-नीति के दोनों छोर पूछ चुका है, और यह इस बात का प्रबल संकेत है कि किसी एक पड़ाव के बजाय पूरी शृंखला साथ रखनी चाहिए।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में शिक्षा पर वुड का प्रेषण किस वर्ष जारी हुआ था ?
- (a)1835
- (b)1844
- (c)1854
- (d)1882
उत्तर(c) 1854 — इसे प्रायः भारत में अंग्रेज़ी शिक्षा का महाधिकार-पत्र कहा जाता है; इसने सहायता-अनुदान की व्यवस्था दी और प्रेसीडेंसी नगरों में विश्वविद्यालयों की संस्तुति की। 1835 मेकॉले के मिनट का वर्ष है और 1882 हंटर आयोग का।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
1813 के चार्टर अधिनियम ने भारत में शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष कम से कम कितने अनुदान का उपबंध किया था ?
- (a)दस हज़ार रुपये
- (b)एक लाख रुपये
- (c)दस लाख रुपये
- (d)एक करोड़ रुपये
उत्तर(b) एक लाख रुपये — प्रतिवर्ष साहित्य के पुनरुद्धार, भारतीय विद्वानों के प्रोत्साहन तथा विज्ञान के प्रवेश के लिए अलग रखे जाते थे; इसी को ख़र्च करने के तरीक़े पर हुए विवाद से मेकॉले का मिनट निकला।