निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए : 1. असहयोग आंदोलन का आरंभ; 2. दिल्ली में अखिल-भारतीय ख़िलाफ़त सम्मेलन; 3. रॉलेट ऐक्ट पारित करना; 4. जलियाँवाला बाग घटना; निम्नलिखित में से कौन-सा, दी गई घटनाओं का सही कालानुक्रम है (आरंभ से लेकर नवीनतम तक) ?
- (a)1, 2, 3, 4
- (b)3, 4, 2, 1
- (c)3, 2, 4, 1
- (d)2, 3, 4, 1
सही — B, क्रम 3, 4, 2, 1 । रॉलेट ऐक्ट 18 मार्च 1919 को पारित हुआ (घटना 3), और उसी के विरुद्ध हुए विरोध ने 13 अप्रैल 1919 को जलियाँवाला बाग हत्याकांड तक पहुँचाया (घटना 4) । अखिल-भारतीय ख़िलाफ़त सम्मेलन नवंबर 1919 में दिल्ली में हुआ (घटना 2), और असहयोग आंदोलन 1920 में आरंभ हुआ (घटना 1), जब पंजाब के अत्याचार और ख़िलाफ़त की शिकायत — दोनों एक साथ आ चुके थे । अतः आरंभ से नवीनतम तक क्रम है रॉलेट ऐक्ट, जलियाँवाला बाग, ख़िलाफ़त सम्मेलन, असहयोग आंदोलन — अर्थात् 3, 4, 2, 1 ।
- (a)1, 2, 3, 4 — यह असहयोग आंदोलन को पहले और रॉलेट ऐक्ट को तीसरे स्थान पर रख देता है, जो वास्तविक क्रम को उलट देता है । असहयोग (1920) इन चारों में अंतिम था, पहला नहीं, और रॉलेट ऐक्ट (1919) उससे पहले आया था, बाद में नहीं ।
- (c)3, 2, 4, 1 — यह आरंभ तो ठीक रॉलेट ऐक्ट से करता है, किंतु ख़िलाफ़त सम्मेलन (नवंबर 1919) को जलियाँवाला बाग हत्याकांड (अप्रैल 1919) से पहले रख देता है । हत्याकांड कई महीने पहले हुआ था, इसलिए 4 को 2 से पहले आना चाहिए ।
- (d)2, 3, 4, 1 — यह ख़िलाफ़त सम्मेलन से आरंभ करता है, किंतु वह सम्मेलन (नवंबर 1919) वस्तुतः रॉलेट ऐक्ट (मार्च 1919) और जलियाँवाला बाग (अप्रैल 1919) — दोनों के बाद हुआ । क्रम रॉलेट ऐक्ट से ही आरंभ होना चाहिए ।
घटनाओं का यह गुच्छ स्वाधीनता संग्राम के नरम, संवैधानिक चरण से पहले देशव्यापी जन आंदोलन की ओर संक्रमण को चिह्नित करता है । दमनकारी ब्रिटिश विधान (रॉलेट ऐक्ट) ने विरोध भड़काया; जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने जन आक्रोश को और गहरा किया; ख़िलाफ़त के प्रश्न ने मुसलमानों को राष्ट्रीय आंदोलन में खींचा; और गांधी ने इन शिकायतों को जोड़कर असहयोग आंदोलन गढ़ा ।
इन्हें क्रम में रखने की कुंजी 1919 को लंगर बनाना है: रॉलेट ऐक्ट (मार्च) और जलियाँवाला बाग हत्याकांड (अप्रैल) — दोनों उसी वर्ष के आरंभ में इसी क्रम में पड़ते हैं, क्योंकि हत्याकांड रॉलेट-विरोधी आंदोलन से ही निकला था । दिल्ली का ख़िलाफ़त सम्मेलन 1919 में बाद में हुआ, और असहयोग तो 1920 में ही । विद्यार्थी तब चूक जाते हैं जब वे यह मान लेते हैं कि ख़िलाफ़त सम्मेलन या असहयोग पहले आए, क्योंकि वे अभियान 'कारण' जैसे लगते हैं, जबकि वस्तुतः वे प्रतिक्रिया थे ।
- रॉलेट ऐक्ट (अराजक तथा क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) 18 मार्च 1919 को पारित हुआ ।
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को, रॉलेट ऐक्ट के विरुद्ध विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुआ ।
- अखिल-भारतीय ख़िलाफ़त सम्मेलन नवंबर 1919 में दिल्ली में हुआ, जिसने ख़िलाफ़त के प्रश्न को राष्ट्रीय राजनीति में ला दिया ।
- असहयोग आंदोलन 1920 में आरंभ हुआ और बाद में दिसंबर 1920 के कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन में उसका अनुमोदन हुआ ।

- यह मान लेना कि ख़िलाफ़त सम्मेलन या असहयोग, रॉलेट ऐक्ट और जलियाँवाला बाग से पहले आए ।
- रॉलेट ऐक्ट और जलियाँवाला बाग हत्याकांड का क्रम आपस में बदल देना, जबकि हत्याकांड सीधे रॉलेट-विरोधी प्रदर्शनों से निकला था ।
यह स्वाधीनता संग्राम के 1919-1920 चरण पर कालानुक्रम या वर्ष-सुमेलन वाले प्रश्न के रूप में पूछा जाता है ।
निम्नलिखित घटनाओं का सही अनुक्रम क्या है ? I. लखनऊ समझौता II. द्वैध शासन की शुरुआत III. रॉलेट ऐक्ट IV. बंगाल विभाजन
- (a) I, II, III, IV
- (b) IV, I, III, II
- (c) I, III, II, IV
- (d) IV, III, II, I
Answer(b) IV, I, III, II
वही अवधारणा — बीसवीं शताब्दी के आरंभिक स्वाधीनता संग्राम के पड़ावों का कालानुक्रम, और वह भी उसी लंगर, मार्च 1919 के रॉलेट ऐक्ट, पर टिका है । वहाँ क्रम चलता है बंगाल विभाजन (1905), लखनऊ समझौता (1916), रॉलेट ऐक्ट (1919), फिर 1919 के अधिनियम के अधीन द्वैध शासन ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
13 अप्रैल 1919 का जलियाँवाला बाग हत्याकांड निम्नलिखित में से किसके विरुद्ध विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुआ था ?
- (a)बंगाल विभाजन
- (b)रॉलेट ऐक्ट
- (c)साइमन कमीशन
- (d)भारत शासन अधिनियम 1935
Answer(b) रॉलेट ऐक्ट — यह हत्याकांड 1919 के इसी दमनकारी कानून के विरुद्ध चल रहे आंदोलन के दौरान हुआ ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
असहयोग आंदोलन का औपचारिक अनुमोदन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दिसंबर 1920 में कहाँ हुए अपने अधिवेशन में किया ?
- (a)लखनऊ
- (b)लाहौर
- (c)नागपुर
- (d)कलकत्ता
Answer(c) नागपुर — दिसंबर 1920 के नागपुर अधिवेशन ने असहयोग कार्यक्रम अपनाया ।