नीचे दिए गए दो कथनों पर विचार कीजिए : कथन-1 : अवरक्त तरंगों को ऊष्मा तरंगें भी कहा जाता है ।; कथन-2 : जल के अणु अवरक्त तरंगों को आसानी से अवशोषित कर लेते हैं ।; नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)दोनों कथन अलग-अलग सही हैं और कथन-2, कथन-1 का सही स्पष्टीकरण है ।
- (b)दोनों कथन अलग-अलग सही हैं, किंतु कथन-2, कथन-1 का सही स्पष्टीकरण नहीं है ।
- (c)कथन-1 सही है, किंतु कथन-2 ग़लत है ।
- (d)कथन-2 सही है, किंतु कथन-1 ग़लत है ।
सही — A, दोनों कथन सही हैं और दूसरा पहले का स्पष्टीकरण है । अवरक्त विकिरण को वस्तुतः ऊष्मा विकिरण कहा जाता है, और उसका कारण ठीक दूसरा कथन ही है: जल के अणु, जो हमारे शरीर सहित अधिकांश पदार्थों में उपस्थित हैं, अवरक्त तरंगों को आसानी से अवशोषित कर लेते हैं, और यह अवशोषण अणुओं को कंपित कर पदार्थ को गर्म कर देता है । चूँकि अवरक्त इतनी कुशलता से अवशोषित होकर तापीय ऊर्जा में बदल जाती है, इसलिए वह ऊष्मा के रूप में अनुभव होती है, और इसी से उसे ऊष्मा तरंगें नाम मिलता है । अतः दूसरा कथन केवल पहले के साथ खड़ा कोई सत्य तथ्य नहीं है; वह वही क्रियाविधि है जो पहले को सत्य बनाती है ।
- (b)दोनों कथन अलग-अलग सही हैं, किंतु कथन-2, कथन-1 का सही स्पष्टीकरण नहीं है । — ये दोनों स्वतंत्र तथ्य नहीं हैं — जल के अणुओं द्वारा अवरक्त का सहज अवशोषण ही वह कारण है जिससे अवरक्त ऊष्मा जैसी अनुभव होती है, अतः दूसरा कथन पहले का सही स्पष्टीकरण है, कोई अलग संयोग नहीं ।
- (c)कथन-1 सही है, किंतु कथन-2 ग़लत है । — दूसरा कथन सही है — जल के अणु अवरक्त विकिरण को सचमुच आसानी से अवशोषित करते हैं; यही अवशोषण आणविक तापन और हरितगृह प्रभाव के मूल में है ।
- (d)कथन-2 सही है, किंतु कथन-1 ग़लत है । — पहला कथन भी सही है — अपने प्रबल तापन प्रभाव के कारण अवरक्त तरंगों को नियमित रूप से ऊष्मा तरंगें कहा जाता है ।
अवरक्त विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य लाल प्रकाश से ठीक आगे का क्षेत्र घेरती है, जिसकी तरंगदैर्घ्य दृश्य प्रकाश से लंबी किंतु सूक्ष्मतरंगों से छोटी होती है । यह गर्म पिंडों से उत्सर्जित होती है और अणुओं द्वारा, विशेषकर जल द्वारा, प्रबल रूप से अवशोषित होकर उनकी तापीय ऊर्जा बढ़ा देती है ।
यह कथन-कारण शैली का युग्म है । कुंजी यह पहचानने में है कि 'ऊष्मा तरंग' नाम जल और उस जैसे अणुओं द्वारा अवरक्त के अवशोषण का ही परिणाम है, अतः दूसरा कथन पहले के पीछे का कारण देता है ।
- विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में अवरक्त दृश्य प्रकाश और सूक्ष्मतरंगों के बीच है; परम शून्य से ऊपर की सभी वस्तुएँ अवरक्त उत्सर्जित करती हैं ।
- जल के अणुओं और अनेक कार्बनिक अणुओं में ऐसे कंपन विधाएँ होती हैं जो अवरक्त को प्रबल रूप से अवशोषित कर उस विकिरण को ऊष्मा में बदल देती हैं ।
- वायुमंडलीय जलवाष्प और कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा यही अवशोषण पृथ्वी को गर्म रखने वाले हरितगृह प्रभाव के केंद्र में है ।
- NCERT भौतिकी स्पष्ट रूप से कहती है कि अवरक्त तरंगों को प्रायः ऊष्मा तरंगें कहा जाता है, क्योंकि अधिकांश पदार्थों में उपस्थित जल के अणु उन्हें आसानी से अवशोषित कर लेते हैं ।

- जब कारण वस्तुतः कथन के पीछे की क्रियाविधि ही हो, तब 'दोनों सत्य किंतु स्पष्टीकरण नहीं' चिह्नित कर देना ।
- अवरक्त को पराबैंगनी से गड्डमड्ड कर देना — पराबैंगनी उच्च ऊर्जा वाली है और दृश्य प्रकाश के विपरीत ओर है ।
यह कथन-कारण (कथन-1 और कथन-2) प्रश्न के रूप में आता है — दोनों के सत्य-मान तय कीजिए और यह भी कि दूसरा पहले का कारण है या नहीं ।
रात्रि दृष्टि उपकरण में निम्नलिखित में से किस प्रकार की तरंगें काम में ली जाती हैं ?
- (a) रेडियो तरंगें
- (b) सूक्ष्मतरंगें
- (c) अवरक्त तरंगें
- (d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer(c) अवरक्त तरंगें — रात्रि दृष्टि उपकरण वस्तुओं से उत्सर्जित या परावर्तित अवरक्त विकिरण का संसूचन कर उसे दृश्य प्रतिबिंब में बदल देते हैं ।
दोनों अवरक्त विकिरण के गुणधर्मों पर टिके हैं — UPSC का प्रश्न परखता है कि रात्रि दृष्टि उपकरण अवरक्त के संसूचन से काम करते हैं, जो इस प्रश्न की इस बात का पूरक है कि अवरक्त ही वह ऊष्मा-वाहक बैंड है जिसे जल के अणु आसानी से अवशोषित कर लेते हैं ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
TV के रिमोट कंट्रोल में किस प्रकार का विद्युत-चुंबकीय विकिरण काम में लिया जाता है, जिसे ऊष्मा विकिरण भी कहा जाता है ?
- (a)पराबैंगनी
- (b)अवरक्त
- (c)X-किरणें
- (d)सूक्ष्मतरंगें
Answer(b) अवरक्त — रिमोट कंट्रोल अवरक्त उत्सर्जित करते हैं, वही बैंड जिसे सामान्यतः ऊष्मा विकिरण कहा जाता है ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में अवरक्त विकिरण किनके बीच स्थित है ?
- (a)दृश्य प्रकाश और पराबैंगनी
- (b)सूक्ष्मतरंग और रेडियो तरंगें
- (c)दृश्य प्रकाश और सूक्ष्मतरंगें
- (d)X-किरणें और गामा किरणें
Answer(c) दृश्य प्रकाश और सूक्ष्मतरंगें — अवरक्त की तरंगदैर्घ्य लाल प्रकाश से लंबी किंतु सूक्ष्मतरंगों से छोटी होती है ।