मृदाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. जिन मृदाओं में सोडियम और कैल्सियम की मात्रा बहुत अधिक हो और जिनका pH 7·0 से अधिक हो, वे क्षारीय मृदाएँ हैं ।; 2. काली कपास मृदा दक्कनी बेसाल्टी लावा पर उष्ण एवं आर्द्र परिस्थितियों के कारण विकसित हुई है ।; 3. लैटेराइट मृदाएँ ऐसी सतह हैं जिनका गहराई से अपक्षय हो जाता है और जिनमें सिलिका का निक्षालन हो चुका होता है ।; उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
- (a)केवल 1
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
सही — D, तीनों (1, 2 और 3) । कथन 1 सत्य है — जिन मृदाओं में सोडियम और कैल्सियम लवणों की मात्रा अधिक हो और pH 7·0 से ऊपर हो, वे क्षारीय (लवणीय-क्षारीय) मृदाएँ हैं । कथन 2 सत्य है — काली कपास (रेगड़) मृदा दक्कनी बेसाल्टी (ट्रैप) लावा पर विकसित हुई है । कथन 3 सत्य है — लैटेराइट मृदाओं की परिच्छेदिका गहरी और तीव्र रूप से अपक्षयित होती है, जिसमें से सिलिका का निक्षालन हो चुका होता है और पीछे लोहे तथा ऐलुमिनियम के ऑक्साइड रह जाते हैं । तीनों कथन सही हैं ।
- (a)केवल 1 — यह काली कपास मृदा और लैटेराइट संबंधी दोनों सही कथनों को छोड़ देता है ।
- (b)केवल 1 और 2 — यह कथन 3 को छोड़ देता है, किंतु लैटेराइट में वस्तुतः गहरी अपक्षयित परत होती है जिसमें से सिलिका का निक्षालन हो चुका होता है ।
- (c)केवल 2 और 3 — यह कथन 1 को छोड़ देता है, जबकि सोडियम/कैल्सियम लवणों से समृद्ध और 7 से ऊपर pH वाली मृदाएँ ठीक ही क्षारीय मृदाएँ कहलाती हैं ।
यह प्रश्न भारत की तीन मृदाओं को समेटता है । क्षारीय (लवणीय/'ऊसर') मृदाओं में सोडियम और कैल्सियम का भारी लवण-भार तथा 7 से ऊपर pH होता है, और वे खराब जल-निकास वाले शुष्क तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में मिलती हैं । काली कपास (रेगड़) मृदा दक्कन ट्रैप बेसाल्ट से निकलती है और कपास के अनुकूल है । लैटेराइट भारी उष्णकटिबंधीय वर्षा तथा बारी-बारी से आने वाली आर्द्र और शुष्क ऋतुओं में बनती है, जहाँ तीव्र निक्षालन सिलिका और क्षारकों को हटा देता है तथा अघुलनशील लोहे और ऐलुमिनियम के ऑक्साइडों को संकेंद्रित कर देता है, इसलिए खुली हवा में आते ही वह कठोर हो जाती है ।
तीनों कथन पाठ्यपुस्तक के मानक वर्णन हैं, इसलिए प्रत्येक को सही पहचानने पर 1, 2 और 3 मिलता है । जिसे एक बार परख लेना उचित है, वह लैटेराइट है — याद रखिए कि निक्षालन सिलिका को हटाता है, लोहे को नहीं, और पीछे लाल, लोहे तथा ऐलुमिनियम से समृद्ध अवशेष छोड़ जाता है ।
- क्षारीय/लवणीय मृदाओं (स्थानीय रूप से 'ऊसर' या 'रेह') में सोडियम और कैल्सियम के अतिरिक्त लवण होते हैं और pH 7 से ऊपर रहता है; इनका सुधार जिप्सम और निक्षालन से किया जाता है ।
- काली (रेगड़) मृदा अपक्षयित दक्कनी बेसाल्टी लावा से बनती है और मृण्मय तथा अत्यधिक नमी-धारक होती है ।
- लैटेराइट उष्ण, आर्द्र-और-शुष्क जलवायु में तीव्र निक्षालन से बनती है — सिलिका बह जाती है, लोहे और ऐलुमिनियम के ऑक्साइड बचे रहते हैं, और वह ईंट जैसे गुटकों में कठोर हो जाती है ।
- काली मृदा का क्षेत्र वस्तुतः उष्ण और अर्ध-शुष्क है, यद्यपि कथन 2 परिस्थितियों को ढीले ढंग से 'उष्ण एवं आर्द्र' कहता है ।

- यह सोचना कि निक्षालन लैटेराइट से लोहा हटाता है — वह सिलिका हटाता है और लोहे तथा ऐलुमिनियम के ऑक्साइडों को संकेंद्रित करता है ।
- यह मान लेना कि क्षारीय मृदाओं का pH 7 से नीचे होता है — क्षारीय का अर्थ ही 7 से ऊपर pH है ।
- लैटेराइट (आर्द्र उष्णकटिबंध) को शुष्क क्षेत्रों की लवणीय/क्षारीय मृदाओं से गड्डमड्ड कर देना ।
मृदा संबंधी प्रश्न प्रत्येक प्रकार के जनक पदार्थ, बनने की जलवायु, रसायन (pH और पोषक तत्त्व) तथा सर्वाधिक उपयुक्त फ़सल को परखते हैं ।
भारत की लैटेराइट मृदाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं ? 1. वे सामान्यतः लाल रंग की होती हैं । 2. वे नाइट्रोजन और पोटाश से समृद्ध होती हैं । 3. वे राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भली-भाँति विकसित हैं । 4. इन मृदाओं पर टैपिओका और काजू अच्छी तरह उगते हैं । नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए ।
- (a) 1, 2 और 3
- (b) 2, 3 और 4
- (c) 1 और 4
- (d) केवल 2 और 3
Answer(c) 1 और 4
लगभग वही अवधारणा — UPSC का प्रश्न लैटेराइट मृदाओं की विशेषताएँ (रंग, पोषक तत्त्व, फ़सलें) परखता है, ठीक वही मृदा प्रकार जिसका नाम इस NDA प्रश्न के कथन 3 में है ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लैटेराइट मृदाओं में उष्ण, आर्द्र जलवायु के अधीन तीव्र निक्षालन मुख्यतः किस घटक को हटाता है ?
- (a)लौह ऑक्साइड
- (b)ऐलुमिनियम ऑक्साइड
- (c)सिलिका
- (d)मैंगनीज़
Answer(c) सिलिका — निक्षालन सिलिका और क्षारकों को बहा ले जाता है और पीछे लोहे तथा ऐलुमिनियम के ऑक्साइड छोड़ देता है ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
उच्च सोडियम-लवण मात्रा और 7 से काफ़ी ऊपर pH वाली मृदा का सर्वोत्तम वर्णन है
- (a)अम्लीय मृदा
- (b)क्षारीय (लवणीय) मृदा
- (c)पीटमय मृदा
- (d)उदासीन मृदा
Answer(b) क्षारीय (लवणीय) मृदा — सोडियम और कैल्सियम के अतिरिक्त लवण pH को 7 से ऊपर उठा देते हैं ।