भारत में लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व से शहरी केंद्रों के उद्भव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. उन सभी का विकास महाजनपदों की राजधानियों से दूर हुआ ।; 2. प्रमुख नगर आवागमन मार्गों पर स्थित थे ।; 3. इनमें से अनेक वाणिज्यिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों के बड़े केंद्र थे ।; उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं ?
- (a)1
- (b)2
- (c)3
- (d)कोई नहीं
सही — B, दो कथन । कथन 1 गलत है: छठी शताब्दी ईसा पूर्व के अनेक नए नगर स्वयं महाजनपदों की राजधानियाँ थे — जैसे राजगृह (मगध), श्रावस्ती (कोसल), चंपा (अंग) और कौशांबी (वत्स) — इसलिए उनका विकास उन राजधानियों से 'दूर' नहीं हुआ । कथन 2 सही है: प्रमुख नगर थल और नदी के आवागमन मार्गों के सहारे विकसित हुए । कथन 3 सही है: ये शहरी केंद्र वाणिज्यिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जीवन के व्यस्त केंद्र थे । कथन 2 और 3 सही हैं, अतः गिनती दो है ।
- (a)1 — यह गिनती कम कर देता है — कथन 2 (आवागमन मार्गों पर बसे नगर) और कथन 3 (व्यस्त वाणिज्यिक व राजनीतिक केंद्र) — दोनों सही हैं, इसलिए कम से कम दो सही हैं ।
- (c)3 — यह गिनती बढ़ा देता है — कथन 1 असत्य है, क्योंकि इनमें से कई नगर स्वयं महाजनपदों की राजधानियाँ थे, उनसे दूर बसे स्थान नहीं ।
- (d)कोई नहीं — गलत — कथन 2 और 3 आरंभिक शहरी केंद्रों का स्पष्ट रूप से सही वर्णन करते हैं ।
लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व से भारत ने अपना 'द्वितीय नगरीकरण' देखा (पहला हड़प्पा के नगरों का था), जिसमें गंगा घाटी भर में नगर उभरे । इनमें से अनेक महाजनपदों की राजधानियों और व्यापार तथा आवागमन मार्गों के जोड़-बिंदुओं से मेल खाते थे ।
असत्य कथन 'सभी' शब्द पर खेलता है — कोई निरपेक्ष दावा एक ही प्रति-उदाहरण से खंडित हो जाता है, और यहाँ कई प्रसिद्ध नगर महाजनपदों की राजधानियाँ ही थे, उनसे दूर बसी बस्तियाँ नहीं ।
- लगभग छठी शताब्दी ईसा पूर्व से आरंभ काल को भारत का द्वितीय नगरीकरण कहा जाता है, जिसका केंद्र गंगा घाटी थी ।
- अनेक प्रमुख नगर महाजनपदों की राजधानियाँ थे — जैसे राजगृह (मगध), श्रावस्ती (कोसल), चंपा (अंग) और कौशांबी (वत्स) ।
- नगर प्राय: व्यापार और आवागमन के नदी तथा थल मार्गों के सहारे उभरे ।
- इन वाणिज्यिक शहरी केंद्रों की वृद्धि के साथ-साथ लोहे के औज़ारों और आहत सिक्कों (punch-marked coins) का प्रसार भी हुआ ।

- 'सभी' जैसे निरपेक्ष शब्दों के जाल में फँस जाना — एक ही प्रति-उदाहरण (कोई ऐसा नगर जो महाजनपद की राजधानी था) ऐसे कथन को असत्य बना देता है ।
- यह मान लेना कि नगर राजनीतिक राजधानियों से अलग थे — अनेक राजधानियाँ स्वयं अग्रणी नगर थीं ।
यह 'कितने कथन सही हैं' प्रकार का प्रश्न है — 'सभी' कहने वाला व्यापक कथन प्राय: असत्य होता है; प्रत्येक को ज्ञात महाजनपद राजधानियों के विरुद्ध जाँचिए ।
छठी शताब्दी ईसा पूर्व में आरंभ में निम्नलिखित में से कौन-सा भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली नगर-राज्य था ?
- (a) गांधार
- (b) कंबोज
- (c) काशी
- (d) मगध
Answer(c) काशी — छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आरंभ में काशी सबसे प्रभुत्वशाली महाजनपद था, इससे पहले कि कोसल और फिर मगध उभरे ।
यह उसी छठी शताब्दी ईसा पूर्व वाले नगर-राज्यों और महाजनपदों के संसार में स्थित है, जिनकी राजधानियाँ उन्हीं शहरी केंद्रों में थीं जिनका वर्णन यह NDA प्रश्न करता है ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
महाजनपद और उसकी राजधानी का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है ?
- (a)मगध और श्रावस्ती
- (b)कोसल और राजगृह
- (c)वत्स और कौशांबी
- (d)अंग और उज्जयिनी
Answer(c) वत्स और कौशांबी — कौशांबी वत्स महाजनपद की राजधानी थी ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
गंगा घाटी में नगरों के उदय से चिह्नित भारत का 'द्वितीय नगरीकरण' सामान्यतः लगभग किस काल से माना जाता है ?
- (a)2500 ईसा पूर्व
- (b)1500 ईसा पूर्व
- (c)छठी शताब्दी ईसा पूर्व
- (d)तीसरी शताब्दी ईस्वी
Answer(c) छठी शताब्दी ईसा पूर्व — महाजनपदों का युग और गंगा घाटी के नगरों की वृद्धि का काल ।