दूसरी पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a)आधारभूत और भारी उद्योग सेक्टर का विकास
- (b)जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय आय में वृद्धि
- (c)उपभोक्ता वस्तु सेक्टर का विस्तार
- (d)रोज़गार के अवसरों का विस्तार
सही — C, उपभोक्ता वस्तु सेक्टर का विस्तार । यही वह कथन है जो दूसरी पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य नहीं था । महालनोबिस रणनीति पर आधारित दूसरी योजना (1956-61) ने अपना पूरा बल आधारभूत और भारी (पूँजीगत वस्तु) उद्योगों की अगुवाई में तीव्र औद्योगीकरण पर डाला, साथ ही राष्ट्रीय आय और जीवन स्तर बढ़ाने तथा रोज़गार का विस्तार करने का भी लक्ष्य रखा । उपभोक्ता वस्तु सेक्टर का विस्तार उसका घोषित लक्ष्य नहीं था — योजना यह अपेक्षा करती थी कि उपभोक्ता माँग लघु और कुटीर उद्योग पूरी करेंगे, और उसने सचेत रूप से उपभोक्ता वस्तुओं के मुकाबले पूँजीगत वस्तुओं को वरीयता दी । अतः विकल्प (c) ही बेमेल है ।
- (a)आधारभूत और भारी उद्योग सेक्टर का विकास — महालनोबिस मॉडल के अधीन यही दूसरी योजना का केंद्रीय लक्ष्य था, इसलिए यह कथन सही है — वह अपवाद नहीं जो प्रश्न पूछ रहा है ।
- (b)जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय आय में वृद्धि — जीवन स्तर ऊपर उठाने के लिए राष्ट्रीय आय बढ़ाना योजना का घोषित लक्ष्य था, इसलिए यह सही है और अपवाद नहीं ।
- (d)रोज़गार के अवसरों का विस्तार — रोज़गार का विस्तार योजना के लक्ष्यों में सम्मिलित था, इसलिए यह कथन सही है और अपवाद नहीं ।
दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61) महालनोबिस मॉडल पर गढ़ी गई थी, जिसका तर्क था कि घरेलू पूँजीगत वस्तु (भारी उद्योग) आधार खड़ा करना ही दीर्घकालिक वृद्धि और आत्मनिर्भरता का सबसे तेज़ मार्ग है । यही सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्रों और 1956 के औद्योगिक नीति संकल्प का आधार बना ।
'कौन-सा सही नहीं है' प्रकार के प्रश्न में तीन विकल्प योजना का सही वर्णन करते हैं और एक बेमेल होता है । यहाँ बेमेल है उपभोक्ता वस्तुओं का विस्तार — योजना ने उपभोक्ता वस्तुओं को कम महत्त्व दिया और उन्हें मुख्यतः लघु तथा कुटीर क्षेत्र पर छोड़ दिया ।
- दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61) महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी, जिसमें आधारभूत और भारी (पूँजीगत वस्तु) उद्योगों को प्राथमिकता दी गई ।
- इसी अवधि में भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर के सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र स्थापित किए गए ।
- यह 1956 के औद्योगिक नीति संकल्प के साथ चली, जिसने उद्योग की 'नियंत्रक ऊँचाइयाँ' राज्य के लिए आरक्षित कीं ।
- उपभोक्ता और मज़दूरी-वस्तुएँ किसी अलग बड़े पैमाने के उपभोक्ता-वस्तु अभियान के बजाय मुख्यतः लघु और कुटीर उद्योगों से आने की अपेक्षा थी ।
- 'औद्योगीकरण' को उपभोक्ता वस्तुओं के अभियान सहित पढ़ लेना — दूसरी योजना ने पूँजीगत और भारी वस्तुओं को वरीयता दी और उपभोक्ता वस्तुएँ लघु उद्योग पर छोड़ीं ।
- दूसरी योजना के भारी उद्योग पर बल को पहली योजना की कृषि-और-सिंचाई प्राथमिकता से गड्डमड्ड कर देना ।
यह 'कौन-सा लक्ष्य नहीं था' प्रकार का प्रश्न है — जान लीजिए कि दूसरी योजना की पहचान महालनोबिस के अधीन भारी और आधारभूत उद्योग थी, इसलिए उपभोक्ता वस्तु वाला विकल्प ही बेमेल है ।
भारतीय नियोजन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. दूसरी पंचवर्षीय योजना ने भारी उद्योगों की स्थापना पर बल दिया । 2. तीसरी पंचवर्षीय योजना ने औद्योगीकरण की रणनीति के रूप में आयात प्रतिस्थापन की अवधारणा प्रस्तुत की । ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1, न ही 2
Answer(a) केवल 1 — दूसरी योजना ने भारी उद्योग पर बल दिया (महालनोबिस मॉडल); आयात प्रतिस्थापन पहले ही आरंभ हो चुका था, तीसरी योजना के साथ नहीं ।
यह दूसरी पंचवर्षीय योजना की उसी परिभाषक विशेषता को परखता है — महालनोबिस रणनीति के अधीन आधारभूत और भारी उद्योग पर उसका बल ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना किसके द्वारा विकसित वृद्धि मॉडल पर आधारित थी ?
- (a)हैरोड और डोमर
- (b)पी. सी. महालनोबिस
- (c)अमर्त्य सेन
- (d)वकील और ब्रह्मानंद
Answer(b) पी. सी. महालनोबिस — भारी उद्योग की अगुवाई वाले उनके वृद्धि मॉडल ने दूसरी योजना को गढ़ा ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के एकीकृत इस्पात संयंत्रों का कौन-सा समूह स्थापित किया गया था ?
- (a)भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर
- (b)बोकारो और सेलम
- (c)विशाखापत्तनम और भद्रावती
- (d)जमशेदपुर और बर्नपुर
Answer(a) भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर — ये तीनों सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात संयंत्र दूसरी योजना के दौरान स्थापित हुए ।