R बाह्य त्रिज्या और R/2 आंतरिक त्रिज्या के एक वृत्ताकार शेल में R/2 त्रिज्या का एक ठोस गोला अंतर्विष्ट है (चित्र देखें) । ठोस गोले की सामग्री का घनत्व ρ और शेल की सामग्री का घनत्व ρ/2 है । इस प्रकार बने बृहत्तर गोले का औसत द्रव्यमान घनत्व क्या है ?
- (a)3ρ/4
- (b)9ρ/16
- (c)7ρ/8
- (d)5ρ/8
सही — B, 9ρ/16. पूरे गोले को दो भागों में बाँटिए — त्रिज्या R/2 का भीतरी ठोस गोला, और R/2 से R तक का बाहरी शेल । चूँकि आयतन त्रिज्या के घन के अनुपात में बढ़ता है, भीतरी गोला कुल आयतन का (1/2)^3 = 1/8 है और शेल शेष 7/8 । औसत घनत्व दोनों घनत्वों का आयतन-भारित औसत होता है, (1/8)ρ + (7/8)(ρ/2) = 2ρ/16 + 7ρ/16 = 9ρ/16 । समतुल्य रूप से, कुल द्रव्यमान ÷ कुल आयतन से भी वही 9ρ/16 मिलता है ।
- (a)3ρ/4 — 3ρ/4 दोनों घनत्वों का सादा औसत है, (ρ + ρ/2)/2, जो इस तथ्य की उपेक्षा करता है कि सघन क्रोड कुल आयतन का केवल 1/8 भरता है । घनत्वों को उनके अपने-अपने आयतन से भारित करना पड़ता है, जिससे 9ρ/16 मिलता है, 3ρ/4 नहीं ।
- (c)7ρ/8 — 7ρ/8 में आयतन-भिन्न आपस में गड्डमड्ड हो जाती हैं — जैसे शेल की 7/8 भिन्न को पूरे घनत्व ρ के साथ जोड़ देना । प्रत्येक घनत्व को उसकी सही भिन्न से भारित करने पर (क्रोड के लिए 1/8, शेल के लिए 7/8) 9ρ/16 मिलता है ।
- (d)5ρ/8 — 5ρ/8 (= 10ρ/16) अंतिम चरण की अंकगणितीय चूक है — इसमें शेल के 7ρ/16 में क्रोड का गलत रूपांतरित पद (सही ρ/8 = 2ρ/16 के बजाय 3ρ/16) जोड़ दिया गया है । सही योग 2ρ/16 + 7ρ/16 = 9ρ/16 है ।
किसी मिश्रित (संयुक्त) पिंड का औसत घनत्व उसका कुल द्रव्यमान बटा कुल आयतन होता है । चूँकि द्रव्यमान योज्य है, यह भागों के घनत्वों का वही औसत बनता है जो प्रत्येक भाग द्वारा घेरे गए आयतन-अंश से भारित हो — घनत्वों का सादा औसत नहीं ।
पहले आयतन-भिन्न निकालिए । त्रिज्या आधी करने पर आयतन घटकर (1/2)^3 = 1/8 रह जाता है, इसलिए भीतरी गोला पूरे गोले का 1/8 है और शेल 7/8 । फिर ρ (क्रोड) और ρ/2 (शेल) का आयतन-भारित औसत लीजिए । एक उपयोगी जाँच यह है कि चूँकि सघन क्रोड पूरे गोले का बहुत छोटा अंश है, उत्तर शेल के घनत्व ρ/2 से थोड़ा ही ऊपर होना चाहिए — और 9ρ/16 ≈ 0.56ρ ठीक यही करता है ।
- गोले का आयतन उसकी त्रिज्या के घन के समानुपाती होता है, इसलिए त्रिज्या आधी करने पर आयतन आठवाँ भाग रह जाता है ।
- त्रिज्या R/2 का भीतरी गोला कुल आयतन का 1/8 है; R/2 से R तक का शेल शेष 7/8 है ।
- औसत घनत्व = कुल द्रव्यमान ÷ कुल आयतन, जो भागों के घनत्वों का आयतन-भारित औसत होता है ।
- (1/8)ρ + (7/8)(ρ/2) = 2ρ/16 + 7ρ/16 = 9ρ/16 ।
- चूँकि सघन क्रोड पूरे गोले का केवल 1/8 है, 9ρ/16 ≈ 0.56ρ शेल के ρ/2 से ठीक ऊपर बैठता है ।
- आयतन से भारित करने के बजाय दोनों घनत्वों का सादा औसत ले लेना ।
- यह भूल जाना कि त्रिज्या आधी करने पर आयतन आधा नहीं, आठवाँ भाग रह जाता है ।
- क्रोड और शेल के बीच 1/8 और 7/8 भिन्न आपस में बदल देना ।
NDA/UPSC भिन्न घनत्वों वाला परतदार गोला देकर औसत घनत्व पूछते हैं — प्रत्येक आयतन-अंश (त्रिज्या का घन) निकालिए और आयतन-भारित औसत लीजिए ।
No directly related past PYQ was found.
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
यदि किसी गोले की त्रिज्या आधी कर दी जाए, तो उसका आयतन हो जाएगा
- (a)आधा
- (b)एक-चौथाई
- (c)एक-आठवाँ
- (d)एक-सोलहवाँ
Answer(c) एक-आठवाँ — आयतन त्रिज्या के घन के अनुपात में चलता है, अतः (1/2)^3 = 1/8 ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ρ और 2ρ घनत्व वाले दो द्रवों के समान आयतन मिलाए जाते हैं । मिश्रण का घनत्व होगा
- (a)ρ
- (b)1.5ρ
- (c)2ρ
- (d)3ρ
Answer(b) 1.5ρ — समान आयतन होने पर औसत (ρ + 2ρ)/2 = 1.5ρ होता है ।