निम्नलिखित में से किस यौगिक की गंध मधुर और फल जैसी होती है ?
- (a)एथिल ऐल्कोहॉल
- (b)ऐसीटिक अम्ल
- (c)एथिल ऐसिटेट
- (d)ऐसीटोफ़ीनोन
सही — C, एथिल ऐसिटेट। एथिल ऐसिटेट एक एस्टर (CH3COOC2H5) है, जो ऐसीटिक अम्ल की एथिल ऐल्कोहॉल से अभिक्रिया द्वारा बनता है, और एस्टर ही कार्बनिक यौगिकों का वह ठीक वही वर्ग है जो पकते फलों तथा अनेक इत्रों और स्वादकारकों की मधुर, फल जैसी सुगंध के लिए उत्तरदायी है। अतः मधुर और फल जैसी गंध वाला यौगिक एथिल ऐसिटेट है।
- (a)एथिल ऐल्कोहॉल — एथेनॉल की गंध तीक्ष्ण, मदिरा जैसी होती है, मधुर-फलमय नहीं; यह ऐल्कोहॉल वर्ग का है, न कि उस एस्टर वर्ग का जो फल जैसी गंध देता है।
- (b)ऐसीटिक अम्ल — ऐसीटिक अम्ल सिरके का अम्ल है और इसकी गंध चरपरी, खट्टी, सिरके जैसी होती है — सुखद फल जैसी सुगंध के ठीक विपरीत।
- (d)ऐसीटोफ़ीनोन — ऐसीटोफ़ीनोन एक ऐरोमैटिक कीटोन है जिसकी गंध कुछ मीठी, भारी नारंगी-पुष्प/बादाम जैसी होती है और इत्र-उद्योग में इसका उपयोग होता है, परंतु विशेष रूप से हल्की, फल जैसी गंध के लिए जिसे चुना जाता है वह एस्टर — एथिल ऐसिटेट — ही है।
कार्बन यौगिकों के अलग-अलग वर्गों की अपनी विशिष्ट गंध होती है। एस्टर — जो किसी कार्बोक्सिलिक अम्ल की ऐल्कोहॉल से अभिक्रिया द्वारा बनते हैं — वे मधुर, फल जैसी गंध वाले यौगिक हैं, जो फलों और फूलों में प्राकृतिक रूप से मिलते हैं तथा कृत्रिम स्वादकारकों और इत्रों में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं। एथिल ऐसिटेट ऐसीटिक अम्ल और एथेनॉल से बना एक सरल एस्टर है।
विकल्पों को उनके रासायनिक वर्ग और उस वर्ग की सामान्य गंध के अनुसार छाँटिए। ऐल्कोहॉल की गंध तीक्ष्ण होती है, कार्बोक्सिलिक अम्लों की खट्टी और चरपरी, कीटोनों की भिन्न-भिन्न, और एस्टर मधुर व फल जैसे होते हैं। केवल एथिल ऐसिटेट ही एस्टर है, अतः फल जैसी गंध उसी की है।
- एस्टर एस्टरीकरण से बनते हैं — कार्बोक्सिलिक अम्ल की ऐल्कोहॉल से अभिक्रिया, प्रायः थोड़े सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उत्प्रेरक उपस्थिति में।
- एथिल ऐसिटेट ऐसीटिक अम्ल और एथेनॉल से बनता है; यह एक सामान्य विलायक है और फल जैसे स्वादकारकों तथा अनेक नेल-पॉलिश रिमूवरों की गंध में योगदान देता है।
- ऐसीटिक अम्ल सिरके को उसकी खट्टी, चरपरी गंध देता है, जबकि एथेनॉल की गंध विशिष्ट मदिरा जैसी होती है।
- सुखद गंध के कारण एस्टरों का उपयोग कृत्रिम फल-सार तथा इत्रों में किया जाता है।

- यह मान लेना कि हर सुगंधित अणु एस्टर ही है — ऐसीटोफ़ीनोन, जो एक कीटोन है, उसकी गंध भी मीठी होती है।
- ऐसीटिक अम्ल (चरपरी सिरके जैसी गंध) को उसके एस्टर (फल जैसी गंध) से गड्डमड्ड कर देना।
- एथिल ऐल्कोहॉल (एथेनॉल) और एथिल ऐसिटेट को आपस में मिला देना।
NDA/UPSC पूछते हैं कि कौन-सा यौगिक या वर्ग फल जैसी गंध वाला है, अथवा किसी एस्टर को स्वादकारक या इत्र के रूप में उसके उपयोग से सुमेलित करने को कहते हैं।
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- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एस्टर सामान्यतः ऐल्कोहॉल की किसके साथ अभिक्रिया द्वारा बनाए जाते हैं?
- (a)कीटोन
- (b)कार्बोक्सिलिक अम्ल
- (c)हाइड्रोकार्बन
- (d)धातु ऑक्साइड
Answer(b) कार्बोक्सिलिक अम्ल — अम्ल की ऐल्कोहॉल से अभिक्रिया (एस्टरीकरण) से एस्टर और जल बनते हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सिरके की चरपरी गंध किसकी उपस्थिति के कारण होती है?
- (a)एथेनॉल
- (b)एथिल ऐसिटेट
- (c)ऐसीटिक अम्ल
- (d)ऐसीटोन
Answer(c) ऐसीटिक अम्ल — सिरका ऐसीटिक अम्ल का तनु विलयन है, जिसकी गंध तीक्ष्ण और खट्टी होती है।