नर्मदा नदी का साहित्यिक सन्दर्भ सर्वप्रथम कहाँ मिलता है ?
- (a)शतपथ ब्राह्मण
- (b)मनुस्मृति
- (c)वराहमिहिर संहिता
- (d)अग्नि पुराण
सही उत्तर — (a) शतपथ ब्राह्मण। नर्मदा — संस्कृत साहित्य में जिसे इसके प्राचीनतर नाम 'रेवा' से जाना जाता है — का सबसे पुराना उपलब्ध साहित्यिक उल्लेख शतपथ ब्राह्मण में मिलता है, जो वैदिक साहित्य (शुक्ल यजुर्वेद परम्परा) का एक प्रमुख गद्य ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ कालक्रम की दृष्टि से पुराणों, मनुस्मृति तथा वराहमिहिर की छठी शताब्दी ईस्वी की रचना से कई शताब्दियाँ पूर्व का है।
- (b)मनुस्मृति — एक धर्मशास्त्र (विधिक व सामाजिक संहिता) ग्रन्थ है, जिसका संकलन वैदिक ब्राह्मणों के काफी बाद हुआ — यह मुख्यतः कोई भौगोलिक स्रोत नहीं है और शतपथ ब्राह्मण के बाद की रचना है।
- (c)वराहमिहिर संहिता — वराहमिहिर की बृहत्संहिता छठी शताब्दी ईस्वी का एक ज्योतिषीय/भौगोलिक ग्रन्थ है — वैदिक-युगीन शतपथ ब्राह्मण से कहीं परवर्ती, यद्यपि इसमें नर्मदा क्षेत्र की चर्चा अवश्य है।
- (d)अग्नि पुराण — परवर्ती पुराणों में से एक है, जो नर्मदा की पवित्र भूगोल का विस्तार से वर्णन करता है — परन्तु सम्पूर्ण पौराणिक साहित्य कालक्रम की दृष्टि से वैदिक ब्राह्मणों के बाद का है।
शतपथ ब्राह्मण ('सौ पथों का ब्राह्मण') वैदिक साहित्य के सबसे महत्त्वपूर्ण गद्य ग्रन्थों में से एक है, जिसे विद्वान सामान्यतः लगभग 8वीं–6वीं शताब्दी ईसा-पूर्व का मानते हैं। ब्राह्मण ग्रन्थ वैदिक अनुष्ठान-निर्देशों को भौगोलिक व पौराणिक संदर्भों के साथ गूँथते हैं, जिससे वे भारतीय नदियों — नर्मदा (जिसे यहाँ 'रेवा' कहा गया है) सहित — के सबसे प्राचीन साहित्यिक उल्लेखों के प्रमुख स्रोत बन जाते हैं।
जाल यह है कि नर्मदा की सबसे विस्तृत चर्चा करने वाले ग्रन्थ को चुन लिया जाए (पुराण इसकी पवित्रता पर पूरे खण्ड समर्पित करते हैं), न कि उस ग्रन्थ को जो कालक्रम की दृष्टि से इसका सर्वप्रथम उल्लेख करता है। 'सर्वाधिक विस्तृत' और 'सर्वप्रथम' दो भिन्न कसौटियाँ हैं, और MPPSC यहाँ दूसरी कसौटी पूछ रहा है।
- नर्मदा का प्राचीनतर संस्कृत नाम 'रेवा' है।
- शतपथ ब्राह्मण वैदिक साहित्य (शुक्ल यजुर्वेद) का एक गद्य ग्रन्थ है — संस्कृत साहित्य की सबसे प्राचीन परतों में से एक।
- पुराण (अग्नि पुराण सहित) नर्मदा की पवित्र भूगोल की कहीं अधिक विस्तृत चर्चा करते हैं, परन्तु कालक्रम की दृष्टि से ये परवर्ती ग्रन्थ हैं।
- मनुस्मृति मुख्यतः एक धर्मशास्त्र (विधिक/सामाजिक संहिता) ग्रन्थ है, कोई भौगोलिक ग्रन्थ नहीं।

शतपथ ब्राह्मण का वैदिक-युगीन काल इसे चारों में सबसे प्राचीन बनाता है, भले ही परवर्ती ग्रन्थ नर्मदा का कहीं अधिक विस्तृत वर्णन करते हों।
- 'सर्वाधिक विस्तार से वर्णित' (पुराण) को 'सर्वप्रथम उल्लिखित' (शतपथ ब्राह्मण) समझ बैठना
- यह मान लेना कि ज्योतिष/भूगोल-केंद्रित ग्रन्थ (वराहमिहिर संहिता) ही सर्वप्रथम स्रोत होगा — जबकि यह वास्तव में छठी शताब्दी ईस्वी का ग्रन्थ है, वैदिक ब्राह्मणों से कहीं परवर्ती
MPPSC को मध्यप्रदेश की नदियों व क्षेत्रों पर 'सर्वप्रथम साहित्यिक सन्दर्भ' वाले प्रश्न पसन्द हैं — विकल्पों के पाठों को विषय-सम्बद्धता के बजाय कालक्रम (वैदिक → वैदिकोत्तर → शास्त्रीय → पौराणिक) के अनुसार क्रमबद्ध कीजिए।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नर्मदा नदी को प्राचीन साहित्य में किस प्राचीनतर संस्कृत नाम से सम्बोधित किया जाता है?
- (a)रेवा
- (b)सिन्धु
- (c)वितस्ता
- (d)इरावती
उत्तर(a) रेवा।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संस्कृत साहित्य की निम्नलिखित परतों में से कौन-सा सही कालानुक्रम (सर्वप्रथम से नवीनतम) है?
- (a)वैदिक संहिताएँ → ब्राह्मण → उपनिषद् → पुराण
- (b)पुराण → ब्राह्मण → संहिताएँ → उपनिषद्
- (c)उपनिषद् → संहिताएँ → ब्राह्मण → पुराण
- (d)ब्राह्मण → संहिताएँ → पुराण → उपनिषद्
उत्तर(a) वैदिक संहिताएँ → ब्राह्मण → उपनिषद् → पुराण।