निम्नलिखित स्वतन्त्रता सेनानियों को उनके क्रान्ति क्षेत्र से सुमेलित कीजिए । (स्वतंत्रता सेनानी – क्रान्ति क्षेत्र) 1. राजा मर्दन सिंह, 2. राजा दौलत सिंह, 3. राजा बख्तवली, 4. मुराद अली i. नेमावर, ii. भानपुर, iii. शाहगढ़, iv. महू
- (a)1-ii, 2-i, 3-iii, 4-iv
- (b)1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv
- (c)1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii
- (d)1-iv, 2-iii, 3-i, 4-ii
सही उत्तर — (a): 1-ii, 2-i, 3-iii, 4-iv। MPPSC की आधिकारिक उत्तर-कुंजी के अनुसार, राजा मर्दन सिंह को भानपुर से, राजा दौलत सिंह को नेमावर से, राजा बख्तवली को शाहगढ़ से, तथा मुराद अली को महू से जोड़ा गया है। पहले दो युग्म सुविज्ञ इतिहास से मेल खाते हैं: बानपुर के राजा मर्दन सिंह (कुंजी में 'भानपुर') सागर-बुंदेलखंड पट्टी के एक रियासती शासक थे, जिन्होंने झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ 1857 के प्रतिरोध का समन्वय किया, तथा शाहगढ़ के राजा बख्तवली (बख्त बली) उनके साथ मिलकर लड़े — दोनों राजाओं ने संयुक्त रूप से क्षेत्र पर अधिकार रखा, इससे पहले कि सर ह्यू रोज़ के नेतृत्व में ब्रिटिश सेनाओं ने उन्हें वापस बुंदेलखंड में खदेड़ दिया। दौलत सिंह-नेमावर तथा मुराद अली-महू युग्म भी उसी आधिकारिक कुंजी का अनुसरण करते हैं।
- (b)1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv — मद 1 और 2 को अदला-बदली करता है — मर्दन सिंह को नेमावर तथा दौलत सिंह को भानपुर पर रखता है, इन दोनों के लिए आधिकारिक युग्मन का उल्टा।
- (c)1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii — चारों क्षेत्रों को एक भिन्न क्रमचय में पुनः निर्धारित करता है (मर्दन सिंह–शाहगढ़, दौलत सिंह–महू, बख्तवली–नेमावर, मुराद अली–भानपुर) — चारों में से कोई भी युग्म आधिकारिक कुंजी से मेल नहीं खाता।
- (d)1-iv, 2-iii, 3-i, 4-ii — मर्दन सिंह को महू तथा मुराद अली को भानपुर से जोड़ता है, अन्य अदला-बदलियों के साथ — यहाँ भी चारों में से कोई युग्म सही नहीं है।
यह वर्तमान मध्यप्रदेश के अंतर्गत 1857 के विद्रोह के स्थानीय नेताओं पर एक सुमेलन प्रश्न है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध केंद्रों (झाँसी, ग्वालियर, इंदौर) से परे, इस विद्रोह ने सागर-बुंदेलखंड पट्टी के छोटे रियासती शासकों के एक नेटवर्क को भी इसमें शामिल किया — जिनमें बानपुर (भानपुर) तथा शाहगढ़ शामिल हैं — साथ ही आगे दक्षिण तथा पूर्व में महू जैसे छावनी-नगरों में अशांति भी।
जाल यह है कि MPPSC के सटीक कूट (कोड) के स्थान पर किसी सामान्य ज्ञान शॉर्टकट या प्रशंसनीय दिखने वाली अदला-बदली को अपना लिया जाए। मर्दन सिंह–बानपुर(भानपुर) तथा बख्तवली–शाहगढ़ युग्म बुंदेलखंड के 1857 इतिहास में स्वतंत्र रूप से सुविज्ञ हैं, जो इन्हें सबसे सुरक्षित संदर्भ बनाते हैं; दौलत सिंह–नेमावर तथा मुराद अली–महू युग्मों को केवल MPPSC के बताए गए कूट के रूप में याद कर लेना चाहिए।
- बानपुर के राजा मर्दन सिंह (इस कुंजी में 'भानपुर' लिखा गया) ने सागर-बुंदेलखंड पट्टी में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ 1857 के प्रतिरोध का समन्वय किया
- शाहगढ़ के राजा बख्तवली (बख्त बली) ने मर्दन सिंह के साथ मिलकर प्रतिरोध किया; सर ह्यू रोज़ के नेतृत्व में ब्रिटिश सेनाओं ने अंततः दोनों राजाओं को वापस बुंदेलखंड में खदेड़ दिया
- महू, इंदौर के निकट एक ब्रिटिश छावनी नगर, ने भी मध्य भारत के व्यापक 1857 विद्रोह के दौरान अशांति देखी
- नेमावर वह स्थान है जिसे MPPSC की कुंजी राजा दौलत सिंह के साथ जोड़ती है
कूट (a): 1-ii, 2-i, 3-iii, 4-iv — MPPSC का आधिकारिक युग्मन। मर्दन सिंह–भानपुर (बानपुर) तथा बख्तवली–शाहगढ़, दोनों सुविज्ञ बुंदेलखंड इतिहास से मेल खाते हैं।
- सटीक आधिकारिक कूट के बजाय सन्निकट युग्मों की अदला-बदली करना (जैसा विकल्प b/c/d करते हैं)
- भानपुर (बानपुर, बुंदेलखंड) को अन्य समान-नाम वाले स्थानों से भ्रमित करना
MPPSC मध्यप्रदेश की रियासती पट्टी में 1857 के भौगोलिक विस्तार पर सुमेलन प्रश्न पसंद करता है; सुविज्ञ नेता-स्थान तथ्यों (मर्दन सिंह–बानपुर, बख्तवली–शाहगढ़) को संदर्भ मानते हुए सटीक परीक्षा कूट को याद रखें।
निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र 1857 के विद्रोह से प्रभावित नहीं हुआ था?
- (a) झाँसी
- (b) चित्तौड़
- (c) जगदीशपुर
- (d) लखनऊ
उत्तर(b) चित्तौड़
वही व्यापक अवधारणा — 1857 के विद्रोह का नामित क्षेत्रों/स्थानों तक सटीक भौगोलिक विस्तार, जिसे वहाँ राष्ट्रीय स्तर पर तथा यहाँ मध्यप्रदेश के स्थानीय स्तर पर परखा गया है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बानपुर के राजा मर्दन सिंह, सागर-बुंदेलखंड पट्टी के एक प्रमुख 1857 विद्रोही नेता, ने किस अन्य प्रमुख 1857 नेता के साथ प्रतिरोध का समन्वय किया, इसका दस्तावेज़ीकरण मिलता है?
- (a)झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई
- (b)नाना साहेब
- (c)बेगम हज़रत महल
- (d)कुँवर सिंह
उत्तर(a) झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई — उन्हें बुंदेलखंड अभियान में सहायता हेतु मर्दन सिंह से अपील करते हुए दर्ज किया गया है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बानपुर तथा शाहगढ़ के राजा, जिन्होंने 1857 में संयुक्त रूप से अंग्रेज़ों का प्रतिरोध किया, अंततः किस अधिकारी के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेनाओं द्वारा वापस बुंदेलखंड में खदेड़ दिए गए?
- (a)सर ह्यू रोज़
- (b)सर कॉलिन कैंपबेल
- (c)लॉर्ड कैनिंग
- (d)जनरल नील
उत्तर(a) सर ह्यू रोज़ — सेंट्रल इंडिया फील्ड फ़ोर्स के कमांडर।