निम्नलिखित में से कौन-सा एक, सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं है ?
- (a)TLS
- (b)SSL
- (c)IPsec
- (d)MIME
सही उत्तर — D, (d) MIME । स्टेम में 'नहीं' मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है, अतः यहाँ वह विकल्प खोजना है जो सुरक्षा प्रोटोकॉल है ही नहीं । MIME का पूरा रूप है Multipurpose Internet Mail Extensions — बहुउद्देश्यीय इंटरनेट डाक विस्तार । यह मानक (RFC 2045 से RFC 2049) ई-मेल की उस पुरानी सीमा को तोड़ने के लिए बना था कि संदेश केवल सादे ASCII पाठ का हो सकता है । MIME दो शीर्ष जोड़ता है — Content-Type, जो बताता है कि सामग्री पाठ है, चित्र है, ध्वनि है या संलग्नक ; और Content-Transfer-Encoding, जो बताता है कि द्विआधारी सामग्री को base64 जैसी विधि से पाठ में कैसे बदला गया है । इनमें से कोई काम सुरक्षा का नहीं है : MIME न संदेश को कूटबद्ध (encrypt) करता है, न भेजने वाले की पहचान प्रमाणित करता है, न यह जाँचता है कि रास्ते में संदेश बदला तो नहीं गया । वह केवल यह बताता है कि सामग्री को पढ़ा कैसे जाए । सुरक्षा उसके अलग संस्करण S/MIME (RFC 8551) से आती है, जो उसी ढाँचे पर डिजिटल हस्ताक्षर और कूटलेखन जोड़ता है — पर पुस्तिका ने विकल्प में S/MIME नहीं, सादा MIME छापा है, और यही एक अक्षर का अंतर इस प्रश्न की धुरी है । शेष तीनों विकल्प वास्तव में सुरक्षा प्रोटोकॉल हैं और तीनों वही तीन सेवाएँ देते हैं जो MIME नहीं देता — गोपनीयता, अखंडता और प्रमाणीकरण । TLS और SSL परिवहन स्तर पर बैठते हैं और HTTPS की नींव हैं ; IPsec नेटवर्क स्तर पर बैठता है और VPN की नींव है ।
- (a)TLS — TLS (Transport Layer Security) सुरक्षा प्रोटोकॉल ही है, इसलिए नकारात्मक स्टेम में यह उत्तर नहीं हो सकता । यह अनुप्रयोग और परिवहन स्तर के बीच काम करता है : हस्तमिलन (handshake) में सर्वर अपना X.509 प्रमाणपत्र दिखाता है, दोनों पक्ष एक सत्र कुंजी तय करते हैं, और उसके बाद का सारा आवागमन कूटबद्ध तथा अखंडता-जाँच से युक्त होता है । वेब पते में दिखने वाला HTTPS और कुछ नहीं, TLS के ऊपर चलता HTTP है । इसके प्रचलित संस्करण TLS 1.2 (RFC 5246) और TLS 1.3 (RFC 8446) हैं ।
- (b)SSL — SSL (Secure Sockets Layer) भी सुरक्षा प्रोटोकॉल है — वस्तुतः TLS का ही पूर्वज । यह विकल्प इसलिए फँसाता है कि SSL अब पुराना पड़ चुका है : SSL 2.0 और SSL 3.0 दोनों औपचारिक रूप से त्याज्य घोषित किए जा चुके हैं और आज के ब्राउज़र उन्हें स्वीकार नहीं करते । पर अप्रचलित होना और सुरक्षा प्रोटोकॉल न होना दो अलग बातें हैं । स्टेम यह नहीं पूछ रहा कि कौन-सा प्रोटोकॉल आज प्रयोग में नहीं है ; वह पूछ रहा है कि कौन-सा सुरक्षा का प्रोटोकॉल है ही नहीं । SSL का प्रयोजन आरंभ से ही कूटलेखन और प्रमाणीकरण रहा है, इसलिए वह इस कसौटी पर पूरा उतरता है ।
- (c)IPsec — IPsec (Internet Protocol Security) सुरक्षा प्रोटोकॉलों का समूह है जो नेटवर्क स्तर पर, यानी स्वयं IP पैकेट पर काम करता है — इसीलिए उसके ऊपर चलने वाले हर अनुप्रयोग को अलग से सुरक्षित करने की आवश्यकता नहीं पड़ती । इसके दो मुख्य अंग हैं : AH (Authentication Header), जो प्रमाणीकरण और अखंडता देता है, तथा ESP (Encapsulating Security Payload), जो इनके साथ कूटलेखन भी देता है ; कुंजियों का आदान-प्रदान IKE से होता है । कार्यालयों को जोड़ने वाले अधिकांश VPN इसी पर टिके हैं ।
सुरक्षा प्रोटोकॉल की पहचान इस बात से होती है कि वह तीन में से कोई सेवा देता है या नहीं — गोपनीयता (सामग्री को कूटबद्ध करना), अखंडता (यह जाँचना कि रास्ते में सामग्री बदली तो नहीं) और प्रमाणीकरण (यह प्रमाणित करना कि दूसरा पक्ष वही है जो होने का दावा करता है) । जो मानक केवल यह तय करता है कि सामग्री का रूप-रंग क्या होगा, वह सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं है । सुरक्षा प्रोटोकॉल अलग-अलग स्तरों पर बैठते हैं : IPsec नेटवर्क स्तर पर, TLS और SSL परिवहन स्तर के ऊपर, तथा S/MIME और PGP सीधे अनुप्रयोग स्तर पर, जहाँ वे संदेश को ही कूटबद्ध कर देते हैं ।
यह प्रश्न प्रश्नपत्र के कंप्यूटर और नेटवर्किंग खंड का है, और इसका ढाँचा 'चार में से तीन एक जैसे' वाला है : तीन विकल्प सुरक्षा प्रोटोकॉल हैं और एक किसी और श्रेणी का मानक है । ऐसे प्रश्न में सबसे तेज़ तरीक़ा संक्षिप्ताक्षरों का पूरा रूप खोलना है — TLS में Security है, SSL में Secure है, IPsec में Security है, और MIME में Mail Extensions । नाम ही श्रेणी बता देता है । इस प्रश्नपत्र की एक सुविधा यह है कि यह अपने नकारात्मक प्रश्नों में 'नहीं' को मोटे तिरछे अक्षरों में छापता है, दोनों भाषाओं के स्तंभों में, जिससे स्टेम की दिशा पकड़ने में चूक की गुंजाइश कम रहती है । ध्यान रहे कि चारों विकल्प यहाँ अंग्रेज़ी के संक्षिप्ताक्षर ही हैं — हिन्दी स्तंभ में भी उनका कोई अनुवाद नहीं छापा गया, इसलिए दोनों स्तंभों के विकल्प अक्षरशः एक हैं ।
- MIME (RFC 2045–2049) ई-मेल में ASCII से बाहर का पाठ, चित्र, ध्वनि और संलग्नक भेजने का मानक है ; यह Content-Type और Content-Transfer-Encoding शीर्ष जोड़ता है ।
- MIME स्वयं कोई कूटलेखन या प्रमाणीकरण नहीं करता ; वह काम S/MIME (RFC 8551) करता है, जो उसी ढाँचे पर डिजिटल हस्ताक्षर और कूटलेखन जोड़ता है ।
- TLS परिवहन स्तर का सुरक्षा प्रोटोकॉल है ; HTTPS = HTTP + TLS । प्रचलित संस्करण TLS 1.2 (RFC 5246) और TLS 1.3 (RFC 8446) ।
- SSL, TLS का पूर्वज है ; SSL 2.0 और SSL 3.0 दोनों त्याज्य घोषित किए जा चुके हैं, पर वे हैं सुरक्षा प्रोटोकॉल ही ।
- IPsec नेटवर्क स्तर पर IP पैकेट को सुरक्षित करता है ; इसके अंग AH (प्रमाणीकरण व अखंडता) और ESP (इनके साथ कूटलेखन) हैं, और यह VPN का आधार है ।
- MIME प्रकार (जैसे text/html, image/png) केवल ई-मेल में नहीं, वेब पर HTTP के Content-Type शीर्ष में भी प्रयुक्त होते हैं ।
- SSL को केवल इसलिए उत्तर मान लेना कि वह अप्रचलित है ; अप्रचलित होना और सुरक्षा प्रोटोकॉल न होना अलग बातें हैं ।
- MIME और S/MIME को एक मान लेना — अंतर केवल एक अक्षर का है, पर सुरक्षा पूरी की पूरी उसी अक्षर में है ।
- नकारात्मक स्टेम में जल्दबाज़ी करके पहला सुरक्षा प्रोटोकॉल चुन बैठना ।
इस विषय पर प्रश्न प्रायः तीन शैलियों में आते हैं । पहली — चार संक्षिप्ताक्षर देकर बाहरी को पहचानने को कहना, जैसा यहाँ है । दूसरी — किसी प्रोटोकॉल का स्तर पूछना, जैसे 'IPsec किस परत पर कार्य करता है' या 'HTTPS किस प्रोटोकॉल पर टिका है' । तीसरी — संक्षिप्ताक्षर का पूरा रूप ही पूछ लेना । तैयारी का सबसे व्यावहारिक तरीक़ा यह है कि हर संक्षिप्ताक्षर के साथ तीन बातें याद रखी जाएँ — पूरा रूप, वह किस परत पर बैठता है, और वह किस समस्या का समाधान है ।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
निम्नलिखित में से कौन-सा एक, ई-मेल संदेश में डिजिटल हस्ताक्षर और कूटलेखन जोड़ने के लिए बना मानक है ?
- (a)MIME
- (b)S/MIME
- (c)SMTP
- (d)POP3
उत्तर(b) S/MIME — MIME केवल सामग्री का रूप तय करता है, SMTP संदेश भेजने का प्रोटोकॉल है और POP3 संदेश उतारने का ; सुरक्षा केवल S/MIME जोड़ता है ।
- practice — not a real PYQ
IPsec मुख्यतः OSI निदर्श की किस परत पर कार्य करता है ?
- (a)अनुप्रयोग परत
- (b)परिवहन परत
- (c)नेटवर्क परत
- (d)दत्त-कड़ी परत
उत्तर(c) नेटवर्क परत — IPsec स्वयं IP पैकेट को सुरक्षित करता है, इसीलिए उसके ऊपर चलने वाले अनुप्रयोगों को अलग से बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती ।