कोई रेलगाड़ी विश्राम स्थिति से एकसमान त्वरण से चलकर 5 मिनट में 108 किलोमीटर/घंटा की चाल प्राप्त कर लेती है। इस चाल को प्राप्त करने में उस रेलगाड़ी द्वारा तय की गई दूरी क्या है?
- (a)9000 मीटर
- (b)4500 मीटर
- (c)355 मीटर
- (d)108 मीटर
सही उत्तर — B, (b) 4500 मीटर — पहले मात्रक बदलिए, फिर औसत चाल से गुणा कर दीजिए। दी हुई बातें तीन हैं : रेलगाड़ी विश्राम से आरंभ करती है, त्वरण एकसमान है, और 5 मिनट में उसकी चाल 108 किलोमीटर/घंटा हो जाती है। पूछी गई राशि इस अवधि में तय की गई दूरी है। पहला चरण मात्रकों का है, और यही वह जगह है जहाँ अधिकांश भूलें होती हैं। 108 किलोमीटर/घंटा को मीटर प्रति सेकंड में बदलिए : 108 × 1000 ÷ 3600 = 30 मीटर/सेकंड। इसी को याद रखने का सरल रूप है — किलोमीटर/घंटा को 5/18 से गुणा कीजिए, और 108 × 5 ÷ 18 = 30। इसी तरह 5 मिनट = 300 सेकंड। दूसरा चरण दूरी का है, और इसके तीन समान रास्ते हैं। सबसे छोटा रास्ता औसत चाल का है : एकसमान त्वरण में औसत चाल आरंभिक और अंतिम चाल का औसत होती है, अर्थात् (0 + 30) ÷ 2 = 15 मीटर/सेकंड, और दूरी = 15 × 300 = 4500 मीटर। दूसरा रास्ता त्वरण निकालने का है : त्वरण = 30 ÷ 300 = 0·1 मीटर/सेकंड वर्ग, और दूरी = ½ × 0·1 × 300 × 300 = 4500 मीटर। तीसरा रास्ता समय के बिना चलता है : दूरी = चाल का वर्ग ÷ (2 × त्वरण) = 900 ÷ 0·2 = 4500 मीटर। तीनों एक ही उत्तर देते हैं, और परीक्षा में पहला सबसे तेज़ है। यहाँ जो एक बात पकड़नी है वह आधे का गुणक है। विश्राम से आरंभ करने वाली, एकसमान त्वरित वस्तु पूरी अवधि में अंतिम चाल से नहीं चलती — वह शून्य से बढ़कर अंतिम चाल तक पहुँचती है, इसलिए उसकी औसत चाल अंतिम चाल की ठीक आधी होती है। यदि यह आधा भूल जाएँ तो उत्तर ठीक दुगुना निकलता है, और वही दुगुना मान विकल्पों में रखा हुआ है। अंत में एक मोटी जाँच, जो उत्तर लिखने से पहले कर लेनी चाहिए : रेलगाड़ी पाँच मिनट तक चल रही है और अंत में उसकी चाल 30 मीटर/सेकंड है, इसलिए तय दूरी हज़ारों मीटर के क्रम की ही हो सकती है — कुछ सौ मीटर तो वह अंतिम चाल पर केवल दस-बारह सेकंड में तय कर लेती है। इस एक जाँच से छोटे मान वाले दोनों विकल्प तुरंत हट जाते हैं और निर्णय केवल 9000 तथा 4500 के बीच बचता है, जहाँ आधे का गुणक निर्णायक हो जाता है।
- (a)9000 मीटर — 9000 मीटर ठीक दुगुना उत्तर है, और यह उसी भूल से निकलता है जिसकी चर्चा ऊपर की गई : अंतिम चाल को पूरे समय के लिए मान लेना, अर्थात् 30 × 300। पर रेलगाड़ी पूरे पाँच मिनट 30 मीटर/सेकंड पर नहीं चली — वह विश्राम से आरंभ हुई और धीरे-धीरे उस चाल तक पहुँची, इसलिए उसकी औसत चाल 15 मीटर/सेकंड है, अंतिम चाल की आधी। यही आधे का गुणक गति के दोनों सूत्रों में दिखाई देता है — औसत चाल वाले रूप में सीधे, और ½ × त्वरण × समय के वर्ग वाले रूप में गुणक के रूप में। इसे इस तरह याद रखिए : एकसमान त्वरण में दूरी वेग-समय ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल है, और वह क्षेत्रफल यहाँ आयत नहीं, त्रिभुज है, इसलिए आधा लगता ही है।
- (c)355 मीटर — 355 मीटर मान के क्रम से ही बाहर है, और इसे काटने के लिए किसी सूत्र की आवश्यकता नहीं। सोचिए : अंतिम चाल 30 मीटर/सेकंड है, अर्थात् उस चाल पर रेलगाड़ी 355 मीटर की दूरी बारह सेकंड से भी कम में तय कर लेती है, जबकि प्रश्न में वह पूरे पाँच मिनट तक त्वरित होती रही है। इतनी लंबी अवधि में तय दूरी कुछ सौ मीटर हो ही नहीं सकती। ऐसे विकल्प इसीलिए रखे जाते हैं कि जल्दबाज़ी में मात्रक बदलते समय कहीं शून्य छूट जाए या गुणा-भाग उलट जाए, और तब कोई भी अटपटा मान परिचित लगने लगता है। इसलिए उत्तर लिखने से पहले परिमाण की एक मोटी जाँच अवश्य कीजिए।
- (d)108 मीटर — 108 मीटर वह विकल्प है जो स्टेम की संख्या को ही उत्तर बनाकर लौटा देता है, केवल मात्रक बदलकर — प्रश्न में 108 किलोमीटर/घंटा चाल है, और यहाँ वही अंक मीटर में दूरी बनकर खड़ा है। यह अंकगणित की भूल नहीं, ध्यान की भूल के लिए रखा गया विकल्प है, और ऐसे विकल्प उन अभ्यर्थियों को मिलते हैं जो समय की कमी में दी हुई संख्याओं में से कोई परिचित संख्या चुन लेते हैं। परिमाण की वही मोटी जाँच इसे भी तुरंत काट देती है, क्योंकि 108 मीटर तो रेलगाड़ी अंतिम चाल पर चार सेकंड से भी कम में तय कर लेती है। ध्यान दीजिए कि दिए गए मात्रक भी अलग-अलग हैं — चाल किलोमीटर/घंटा में और उत्तर मीटर में — इसलिए संख्या का लौटना केवल संयोग जैसा दिखता है।
एकसमान त्वरण से चलने वाली वस्तु की गति तीन सूत्रों से पूरी तरह वर्णित हो जाती है : अंतिम वेग आरंभिक वेग और त्वरण-समय के गुणनफल का योग है; दूरी आरंभिक वेग-समय तथा आधे त्वरण और समय के वर्ग के गुणनफल का योग है; और अंतिम वेग का वर्ग आरंभिक वेग के वर्ग तथा दो-त्वरण-दूरी के गुणनफल का योग है। इनके साथ एक चौथा और अत्यंत उपयोगी रूप है — एकसमान त्वरण में औसत वेग आरंभिक और अंतिम वेग का समांतर माध्य होता है, इसलिए दूरी उस औसत वेग और समय का गुणनफल है। विश्राम से आरंभ करने पर यह सब और सरल हो जाता है : औसत वेग अंतिम वेग का आधा, दूरी अंतिम वेग और समय के गुणनफल की आधी। इसी को ग्राफ़ की भाषा में देखिए तो और स्पष्ट हो जाता है : वेग-समय ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल तय दूरी देता है, और विश्राम से एकसमान त्वरण की स्थिति में वह क्षेत्रफल एक समकोण त्रिभुज है, जिसका क्षेत्रफल आधार और ऊँचाई के गुणनफल का आधा होता है। मात्रकों के लिए दो रूपांतरण कंठस्थ रखिए : किलोमीटर/घंटा से मीटर/सेकंड के लिए 5/18 से गुणा, और उलटी दिशा में 18/5 से।
इस प्रकार के प्रश्न संख्यात्मक अभियोग्यता और सामान्य विज्ञान दोनों खंडों में आते हैं, और उनकी कठिनाई गणना में नहीं, अनुशासन में होती है। तीन आदतें बना लीजिए। पहली, कुछ भी करने से पहले सभी राशियों को एक ही मात्रक-पद्धति में लाइए — यहाँ मीटर और सेकंड में — क्योंकि आधी भूलें किलोमीटर/घंटा और मिनट को यों ही सूत्र में रख देने से होती हैं। दूसरी, विश्राम से आरंभ होने वाली स्थितियों में आधे के गुणक को अलग से जाँचिए, क्योंकि उसे भूलने पर उत्तर ठीक दुगुना निकलता है और वह मान प्रायः विकल्पों में रखा रहता है। तीसरी, उत्तर लिखने से पहले परिमाण की एक मोटी जाँच कीजिए : अंतिम चाल और कुल समय से यह अनुमान लगाइए कि दूरी किस क्रम की होनी चाहिए। इस प्रश्न में ये तीन आदतें ही तीनों ग़लत विकल्पों को काट देती हैं — दुगुना, बहुत छोटा, और स्टेम से लौटी हुई संख्या।
- 108 किलोमीटर/घंटा = 108 × 5 ÷ 18 = 30 मीटर/सेकंड, और 5 मिनट = 300 सेकंड; किलोमीटर/घंटा से मीटर/सेकंड में बदलने के लिए 5/18 से गुणा किया जाता है।
- विश्राम से एकसमान त्वरण की स्थिति में औसत चाल अंतिम चाल की आधी होती है, इसलिए दूरी = 15 × 300 = 4500 मीटर।
- वही उत्तर त्वरण से भी निकलता है : त्वरण = 30 ÷ 300 = 0·1 मीटर/सेकंड वर्ग, और दूरी = ½ × 0·1 × 300 × 300 = 4500 मीटर।
- समय के बिना भी वही उत्तर मिलता है : दूरी = चाल का वर्ग ÷ (2 × त्वरण) = 900 ÷ 0·2 = 4500 मीटर।
- वेग-समय ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल तय दूरी देता है, और विश्राम से एकसमान त्वरण में वह क्षेत्रफल त्रिभुज होता है — यहीं से आधे का गुणक आता है।
- अंतिम चाल को पूरे समय से गुणा कर देने पर 9000 मीटर आता है, जो ठीक दुगुना है; यही इस प्रश्न की सबसे आम भूल है।
- आधे का गुणक भूल जाना; तब उत्तर ठीक दुगुना निकलता है और वही मान विकल्पों में रखा हुआ है।
- मात्रक बदले बिना सूत्र में मान रख देना; चाल किलोमीटर/घंटा में और समय मिनट में दिया गया है।
- स्टेम की संख्या को ही उत्तर मान लेना; 108 वहाँ चाल है, दूरी नहीं।
- परिमाण की मोटी जाँच न करना; पाँच मिनट तक त्वरित होती रेलगाड़ी कुछ सौ मीटर में नहीं रुकती।
- औसत चाल और अंतिम चाल को एक मान लेना; एकसमान त्वरण में औसत चाल दोनों सिरों का समांतर माध्य होती है।
गति के समीकरणों से प्रश्न तीन ढंग से आते हैं। पहला ढंग सीधा प्रतिस्थापन है, जैसा यहाँ है : आरंभिक अवस्था, अंतिम चाल और समय देकर दूरी या त्वरण पुछवाना, और विकल्पों में एक दुगुना मान रख देना, ताकि आधे का गुणक भूलने वाला वहीं जा गिरे। दूसरा ढंग मात्रकों का जाल है : चाल किलोमीटर/घंटा में, समय मिनट या घंटे में, और उत्तर मीटर में माँगना; ऐसे प्रश्नों में पहला काम सब कुछ मीटर और सेकंड में लाना ही होना चाहिए। तीसरा ढंग ग्राफ़ का है : वेग-समय ग्राफ़ देकर तय दूरी या त्वरण पुछवाना, जहाँ उत्तर क्षेत्रफल और ढाल से निकलता है। तीनों के लिए एक ही तैयारी काम आती है — तीन समीकरण और औसत वेग वाला चौथा रूप याद रखिए, 5/18 का रूपांतरण कंठस्थ कीजिए, और हर उत्तर पर परिमाण की मोटी जाँच लगाइए।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- practice — not a real PYQ
कोई कार विश्राम स्थिति से एकसमान त्वरण के साथ चलकर 20 सेकंड में 72 किलोमीटर/घंटा की चाल प्राप्त कर लेती है। इस अवधि में उसने कितनी दूरी तय की?
- (a)200 मीटर
- (b)400 मीटर
- (c)100 मीटर
- (d)720 मीटर
उत्तर(a) 200 मीटर
- practice — not a real PYQ
90 किलोमीटर/घंटा की चाल मीटर प्रति सेकंड में कितनी होगी?
- (a)25
- (b)30
- (c)32·4
- (d)15
उत्तर(a) 25