CIRCLE का संबंध RICELC से है उसी प्रकार SQUARE का संबंध ________ से है ।
- (a)ERAUQS
- (b)AREUQS
- (c)UQSARE
- (d)UQSERA
सही — (d), UQSERA। विकल्पों को छूने से पहले दिए गए जोड़े से नियम निकालिए। CIRCLE के अक्षरों को क्रमांक दीजिए : C(1) I(2) R(3) C(4) L(5) E(6)। अब इन्हीं क्रमांकों के सामने RICELC पढ़िए : R तीसरे स्थान का अक्षर है, I दूसरे का, C पहले का, E छठे का, L पाँचवें का और C चौथे का। अर्थात् निर्गत शब्द वही आगत शब्द है, जिसके अक्षर 3, 2, 1, 6, 5, 4 के क्रम में लिए गए हैं — पहले तीन अक्षर आपस में उलटे, और अंतिम तीन आपस में उलटे। यही क्रिया और सरल शब्दों में : शब्द को बीच से काटिए, CIR और CLE, और हर आधे को अलग-अलग उलट दीजिए, जिससे RIC और ELC बनते हैं, और दोनों को जोड़ने पर RICELC। दोनों विवरण साथ रखने योग्य हैं, क्योंकि उनका आपस में मेल खाना ही इस बात की जाँच है कि उदाहरण आपने ठीक पढ़ा। इस विशेष शब्द में एक और जाँच छिपी है : CIRCLE में C पहले और चौथे स्थान पर है, और RICELC में C तीसरे तथा छठे स्थान पर — ठीक वहीं, जहाँ नियम उन्हें भेजता है। अब इसे SQUARE पर लगाइए : S(1) Q(2) U(3) A(4) R(5) E(6)। 3, 2, 1, 6, 5, 4 के क्रम में लेने पर मिलता है U, Q, S, E, R, A — अर्थात् UQSERA। आधों वाली विधि से भी, SQU और ARE उलटकर UQS और ERA बनते हैं, जो जुड़कर UQSERA हैं। यही विकल्प (d) है, और दोनों रास्ते एक ही उत्तर पर मिलते हैं। इस प्रश्न को उसके अंक के योग्य जो बात बनाती है वह यह है कि शेष तीनों विकल्प ऐसी निकट-चूकें हैं जो क्रिया का एक हिस्सा ठीक और दूसरा ग़लत करने से बनती हैं — इसलिए जिस अभ्यर्थी ने नियम आधा ही निकाला हो, उसे भी सूची में कुछ न कुछ जाना-पहचाना मिल जाएगा।
- (a)ERAUQS — यह SQUARE को उलटकर लिखा गया है। अक्षर-सादृश्य वाले प्रश्नों में यही सबसे आम ग़लत उत्तर है, क्योंकि पूरा शब्द उलटना पहली ही क्रिया है जिसे कोई भी जाँचता है, और ऊपर से देखने पर वह CIRCLE के साथ हुई क्रिया जैसा जान पड़ता है। पर वह दिखाए गए नियम पर विफल हो जाता है : CIRCLE को पूरा उलटने पर ELCRIC बनता है, RICELC नहीं। यह भी देखिए कि ERAUQS वही UQSERA है जिसके दोनों आधे आपस में बदल दिए गए हों, इसलिए जो अभ्यर्थी सही उत्तर निकालकर भी दोनों आधों को उलटे क्रम में लिख दे, वह यहीं आ गिरता है।
- (b)AREUQS — यह दूसरे आधे, ARE, को ज्यों का त्यों आगे ले आता है और उलटे हुए पहले आधे, UQS, को पीछे रख देता है। इसमें दो क्रियाएँ आपस में गड्डमड्ड हो गई हैं — आधों की अदला-बदली, और उनमें से केवल एक को उलटना। दिखाया गया नियम इनमें से कुछ भी नहीं करता : वह दोनों आधों को उनके मूल क्रम में रखता है और हर एक को उसी जगह उलट देता है। इस विकल्प वाला नियम CIRCLE पर लगाने से CLERIC बनता, जो प्रश्न में दिखाया गया रूप नहीं है।
- (c)UQSARE — यह पहले आधे को ठीक-ठीक उलटकर UQS बनाता है, पर ARE को छूता ही नहीं। यह उस व्यक्ति का उत्तर है जिसने नियम का आधा भाग पकड़ा और वहीं रुक गया, और यहाँ सबसे ख़तरनाक विकल्प यही है, क्योंकि इसके पहले तीन अक्षर सही उत्तर के पहले तीन अक्षरों जैसे ही हैं। CIRCLE पर लगाने से यह RICCLE देता, जो दिखाए गए परिणाम से मेल नहीं खाता — पहचान अंतिम तीन अक्षरों से होती है, जिन्हें भी उलटना ही है।
'A का संबंध B से है, उसी प्रकार C का संबंध किससे है' — इस रूप का शाब्दिक सादृश्य दो चरणों का काम है, और लगभग सारे अंक पहले चरण में ही गँवाए जाते हैं। पहला चरण है दिए गए जोड़े से रूपांतरण का अनुमान लगाना; दूसरा है उसे लागू करना। चूँकि सिद्धांततः एक ही उदाहरण एक से अधिक नियमों के अनुरूप हो सकता है, इसलिए भरोसेमंद विधि स्थान-आधारित है : स्रोत शब्द को उसके अक्षर-क्रमांकों के साथ लिखिए, उसके नीचे लक्ष्य शब्द लिखिए, और दर्ज कीजिए कि निर्गत का हर अक्षर कहाँ से आया। इससे एक क्रमचय बनता है — यहाँ 3, 2, 1, 6, 5, 4 — जो असंदिग्ध है और जिसे यंत्रवत् लगाया जा सकता है। छह अक्षरों वाले शब्दों पर परीक्षक वास्तव में जिन रूपांतरणों का प्रयोग करते हैं वे एक छोटा-सा परिवार हैं, और उन सबको पहचान लेना उपयोगी है : पूरे शब्द का उलटना, हर आधे का अपनी जगह उलटना, आधों की अदला-बदली बिना उलटे, आसपास के अक्षर-युग्मों की अदला-बदली, कोई स्थिर वर्णमाला-विस्थापन जैसे +3, कोई एकांतर विस्थापन जैसे पहले +2 फिर −2, और हर अक्षर के स्थान पर वर्णमाला में उसका विपरीत अक्षर रखना, जहाँ A का जोड़ा Z है और B का Y। इस प्रश्नपत्र की विकल्प-सूची वस्तुतः इनमें से पहले तीन की सूची है, और इसीलिए सामान्य रुझान नहीं, ठीक-ठीक क्रमचय निकालना ही इस प्रश्न को तय करता है।
ऋणात्मक अंकन के बीच यह उन गिने-चुने प्रश्नों में है जहाँ निश्चितता बिना किसी अतिरिक्त लागत के उपलब्ध है, क्योंकि यहाँ उत्तर केवल चुना नहीं, सत्यापित किया जा सकता है। नियम निकालिए, लगाइए, और फिर उसे उलटा चलाइए : अपना उत्तर लीजिए, क्रिया को उलट दीजिए, और देखिए कि SQUARE वापस मिलता है या नहीं। UQSERA को UQS और ERA मानकर उलटने पर SQU और ARE मिलते हैं, अर्थात् SQUARE — तो उत्तर पसंद किया हुआ नहीं, सिद्ध किया हुआ है। यह उलटी जाँच कुछ ही सेकंड लेती है और दोनों सबसे संभावित चूकें पकड़ लेती है, अर्थात् पूरे शब्द को उलट देना और केवल एक आधे को उलटना। दूसरा अनुशासन यह है कि अपने अनुमानित नियम को लागू करने से पहले दिए गए जोड़े पर जाँच लीजिए, और ऐसा कोई भी नियम अस्वीकार कर दीजिए जो ठीक-ठीक RICELC न बनाता हो। विकल्प (b) तथा विकल्प (c) दोनों ऐसे ही नियमों के अनुरूप हैं जो इस जाँच पर विफल होते हैं — वे CIRCLE को क्रमशः CLERIC और RICCLE बना देते — इसलिए जो अभ्यर्थी उलटकर जाँचता है वह SQUARE की ओर देखे बिना ही इन्हें हटा सकता है। इस जैसे तर्कशक्ति के प्रश्न का अंक उतना ही है जितना अनुच्छेद 253 या मैकाल श्रेणी वाले प्रश्न का, और यही वे अंक हैं जो प्रश्नपत्र में किसी पूर्व जानकारी पर बिलकुल निर्भर नहीं करते। (हिन्दी संस्करण में एक छोटा-सा अंतर है : प्रश्न के भीतर एक छपी हुई रिक्त रेखा है, जो अंग्रेज़ी स्तंभ में नहीं है; अर्थ पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।)
- दिखाया गया नियम क्रमचय के रूप में : निर्गत = आगत के अक्षर, 3, 2, 1, 6, 5, 4 के क्रम में लिए गए — CIRCLE पर सत्यापित, जहाँ इन्हीं स्थानों के अक्षर R-I-C-E-L-C हैं।
- वही नियम विधि के रूप में : छह अक्षरों वाले शब्द को दो आधों में बाँटिए और हर आधे को उसी जगह उलट दीजिए — CIR|CLE से RIC|ELC।
- SQUARE पर लगाने पर : SQU|ARE से UQS|ERA = UQSERA, और UQSERA के हर आधे को उलटने पर SQUARE वापस मिल जाता है, जिससे उत्तर सिद्ध हो जाता है।
- पूरे शब्द को उलटना, जो सबसे आम ग़लत नियम है, CIRCLE को ELCRIC बना देता — वह रूप नहीं जो प्रश्न दिखाता है — और SQUARE को ERAUQS, जो विकल्प (a) है।
- विकल्प (b) तथा (c) ऐसे नियमों के अनुरूप हैं जो CIRCLE को क्रमशः CLERIC और RICCLE बना देते, इसलिए दोनों को लागू करने से पहले दिए गए जोड़े पर जाँचकर ही हटाया जा सकता है।
ग़लत विकल्प ऐसे नियम हैं जो स्वयं उदाहरण पर ही विफल हो जाते हैं : पूरा उलटना CIRCLE को ELCRIC बनाता, विकल्प (b) का नियम CLERIC और विकल्प (c) का RICCLE।
- पूरे शब्द को उलट देना। यही सहज प्रतिक्रिया है और यहाँ विकल्प (a) के रूप में रखी भी गई है, पर वह CIRCLE से RICELC नहीं बनाती।
- पहले आधे के बाद रुक जाना। विकल्प (c) SQU को उलटकर UQS कर देता है और ARE को छोड़ देता है; उसके पहले तीन अक्षर सही उत्तर से मिलते हैं, और ठीक इसीलिए वह लोगों को फँसाता है।
- नियम को दिए गए जोड़े पर जाँचे बिना अपना लेना। यहाँ हर ग़लत विकल्प ऐसे नियम के अनुरूप है जो उस जाँच पर विफल होता है, इसलिए अकेली वह जाँच तीन विकल्प हटा देती है।
BPSC तर्कशक्ति को एक साथ रखने के बजाय सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में बिखेर देता है — जनवरी 2025 की इस पुनर्परीक्षा में प्रश्न 3 पर संख्या-शृंखला, प्रश्न 10 पर त्रिभुज गिनने वाली आकृति, प्रश्न 65 पर विषम-जोड़ा, यह अक्षर-सादृश्य, और प्रश्न 139 पर वेन-आरेख वाला प्रश्न — और इनमें से हर एक का अंक संविधान के प्रश्न के अंक के बराबर है। UPSC ने 2011 में CSAT के प्रश्नपत्र II बन जाने पर तर्कशक्ति को सामान्य अध्ययन से बाहर कर दिया, इसलिए इस प्रतिरूप के उसके उदाहरण पुराने हैं, पर प्रश्न-प्रकार वही हैं, जैसा उसका 1998 का विस्थापन-कूट वाला प्रश्न दिखाता है।
यदि किसी कूट में SAND को VDQG और BIRD को ELUG लिखा जाता है, तो LOVE का कूट क्या होगा ?
- (a) PRYG
- (b) ORTG
- (c) NPUH
- (d) ORYH
उत्तर(d) ORYH
वही दो चरणों वाला काम, रूपांतरण भर अलग — हल किए हुए जोड़े से नियम निकालिए, फिर उसे लागू कीजिए। वहाँ नियम वर्णमाला में तीन स्थान आगे का स्थिर विस्थापन है; यहाँ स्थानों का पुनर्विन्यास। दोनों में अंक पहले ही चरण में गँवाए जाते हैं।
शृंखला AABABCABCDABCDE... में 100वें स्थान पर कौन-सा अक्षर आएगा ?
- (a) H
- (b) I
- (c) J
- (d) K
उत्तर(b) I
तर्कशक्ति के पाठ्यक्रम का दूसरा आधा भाग, और उसी अनुशासन की याद : जनक नियम खोजिए, उसे ठीक-ठीक शब्दों में रखिए — यहाँ यह कि nवें खंड में पहले n अक्षर होते हैं, इसलिए nवें खंड के अंत तक n(n+1)/2 अक्षर आ चुके होते हैं — और उसके बाद ही गणना कीजिए।
SPRING को कोड में UNUFRC लिखा जाता है। उसी कोड भाषा में MOBILE शब्द को कैसे लिखेंगे ?
- (a) OMEFPA
- (b) OMPGNC
- (c) MPQSUL
- (d) SEGRFT
उत्तर(a) OMEFPA
छह अक्षरों वाला दूसरा रूपांतरण, जो आयोग को प्रिय है और जो 2025 में आगे चलकर 71वीं CCE में रखा गया। वहाँ नियम +2, −2, +3, −3, +4, −4 का एकांतर वर्णमाला-विस्थापन है, जिसे SPRING से UNUFRC तक अक्षर-दर-अक्षर निकाला जाता है — लागू करने से पहले हल किए हुए जोड़े से नियम निकालने का वही अनुशासन।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
BASKET का संबंध SABTEK से है, उसी प्रकार PENCIL का संबंध किससे है ?
- (a)LICNEP
- (b)NEPLIC
- (c)LICPEN
- (d)NEPCIL
उत्तर(b) NEPLIC — नियम यह है कि शब्द को आधों में बाँटकर हर आधे को उसी जगह उलट दिया जाए : BAS|KET से SAB|TEK बनता है, इसलिए PEN|CIL से NEP|LIC बनेगा।
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
किसी कूट भाषा में LONDON को NODNOL लिखा जाता है। उसी कूट में PARIS कैसे लिखा जाएगा ?
- (a)SIRAP
- (b)RAPIS
- (c)SIRPA
- (d)ISRAP
उत्तर(a) SIRAP — यहाँ नियम वास्तव में पूरे शब्द को उलटना ही है, क्योंकि NODNOL, LONDON को उलटकर लिखा गया है, और PARIS को उलटने पर SIRAP बनता है। इसकी तुलना ऊपर वाले प्रश्न के आधा-उलटने वाले नियम से कीजिए।