निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द, सूफीवाद की प्रथा से संबद्ध है ?
- (a)जज़िया
- (b)इजमा
- (c)मुकद्दम
- (d)मुरीद
सही — D, मुरीद। सूफीवाद में मुरीद वह शिष्य या दीक्षित होता है जो ईश्वर की ओर जाने वाले मार्ग (तरीका) पर किसी पीर या मुर्शिद (गुरु) के आध्यात्मिक मार्गदर्शन को स्वीकार करता है। निष्ठा की शपथ (बैअत) से बँधा यह गुरु-शिष्य संबंध हर सूफी सिलसिले का केंद्र है, इसलिए 'मुरीद' ही वह शब्द है जो सूफी साधना से जुड़ा है।
- (a)जज़िया — जज़िया इस्लामी शासन में गैर-मुस्लिमों पर लगाया जाने वाला कर था — यह राजकोषीय शब्द है, सूफी नहीं।
- (b)इजमा — इजमा इस्लामी विधिवेत्ताओं की सर्वसम्मति है, जो शरीअत विधि का एक स्रोत है; यह न्यायशास्त्र (फ़िक़्ह) से संबंधित है, सूफी साधना से नहीं।
- (c)मुकद्दम — मुकद्दम मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था में ग्राम मुखिया या स्थानीय राजस्व अधिकारी होता था, जिसका सूफीवाद से कोई संबंध नहीं।
सूफीवाद इस्लाम का रहस्यवादी, भक्तिपरक पक्ष है, जो चिश्ती, सुहरावर्दी, कादिरी और नक्शबंदी जैसे सिलसिलों में संगठित है। सूफी गुरु (पीर/मुर्शिद) शिष्यों (मुरीदों) को दीक्षित करता है और खानकाह (आश्रम) में उन्हें शिक्षा देता है।
चार में से तीन शब्द कराधान, विधि और प्रशासन से आते हैं; केवल 'मुरीद' उस गुरु-शिष्य शब्दावली से लिया गया है जो सूफी साधना को परिभाषित करती है।
- मुरीद वह सूफी शिष्य है जिसका मार्गदर्शन पीर या मुर्शिद करता है और यह संबंध बैअत (शपथ) से बँधता है।
- सूफी सिलसिले कहलाते हैं; जहाँ सूफी शिक्षा देता है वह आश्रम खानकाह कहलाता है।
- साधना में ज़िक्र (ईश्वर-स्मरण) और समा (भक्ति-संगीत, विशेषकर चिश्ती सिलसिले में) शामिल हैं।
- जज़िया (कर), इजमा (विधिवेत्ताओं की सर्वसम्मति) और मुकद्दम (मुखिया) सूफी शब्द नहीं हैं।

- सूफी शब्दावली को इजमा या मुकद्दम जैसे विधिक अथवा प्रशासनिक शब्दों से मिला देना।
- यह मान लेना कि कोई भी इस्लामी शब्द 'सूफी' होगा — जज़िया राजकोषीय है और इजमा न्यायशास्त्रीय।
विधिक, राजकोषीय और प्रशासनिक शब्दों के मिश्रण में से 'कौन-सा शब्द सूफीवाद से संबद्ध है' के रूप में पूछा जाता है।
मध्यकालीन भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में, सूफी रहस्यवादी निम्नलिखित में से किन साधनाओं का अनुसरण करते थे? 1. ध्यान और श्वास पर नियंत्रण 2. एकांत स्थान में कठोर तपश्चर्या 3. भाव-विभोरता की अवस्था जगाने के लिए पवित्र गीतों का गायन
- (a) केवल 1 और 2
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 3
- (d) 1, 2 और 3
Answer(d) 1, 2 और 3
वही अवधारणा — सूफीवाद की साधनाएँ और शब्दावली। वहाँ ध्यान ज़िक्र, चिल्ला और समा पर है; यहाँ गुरु-शिष्य वाला शब्द मुरीद सूफी साधना को चिह्नित करता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सूफीवाद में वह आश्रम या स्थान, जहाँ गुरु अपने शिष्यों को शिक्षा देता था, क्या कहलाता था?
- (a)खानकाह
- (b)मदरसा
- (c)सराय
- (d)मक़बरा
Answer(a) खानकाह — सूफी शिक्षा का आश्रम।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
चिश्ती सूफी सिलसिले से विशेष रूप से जुड़ी भक्ति-संगीत सभा है
- (a)समा (कव्वाली)
- (b)इजमा
- (c)ज़ब्त
- (d)इक्ता
Answer(a) समा (कव्वाली) — आध्यात्मिक भाव-विभोरता की अवस्था जगाने के लिए गाई जाती थी।