निम्नलिखित में से किस अधिनियम में, यूरोप के लोगों, उनके कर्मचारियों और भारत के नागरिकों के लिए कलकत्ता में न्याय का उच्चतम न्यायालय स्थापित किए जानेका उपबंध किया गया ?
- (a)1773 का रेग्यूलेटिंग एक्ट
- (b)1793 का चार्टर एक्ट
- (c)1813 का चार्टर एक्ट
- (d)1858 का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट
सही — A, 1773 का रेग्यूलेटिंग एक्ट। कंपनी के मामलों में यह ब्रिटेन का पहला बड़ा संसदीय हस्तक्षेप था, और इसने कलकत्ता में एक उच्चतम न्यायालय का उपबंध किया — जो 1774 में फोर्ट विलियम में स्थापित हुआ — जिसकी अधिकारिता यूरोपीय लोगों, उनके कर्मचारियों और कलकत्ता के निवासियों पर थी। इसी अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर को गवर्नर-जनरल बना दिया, जिनके साथ चार सदस्यों की कार्यकारी परिषद थी।
- (b)1793 का चार्टर एक्ट — 1793 के चार्टर एक्ट ने कंपनी के अधिकार-पत्र को बीस वर्ष के लिए नवीनीकृत किया और वरिष्ठ वेतनों को नियमित किया; इसने उच्चतम न्यायालय का सृजन नहीं किया, जो 1774 से पहले ही विद्यमान था।
- (c)1813 का चार्टर एक्ट — 1813 के चार्टर एक्ट ने कंपनी का व्यापार-एकाधिकार समाप्त किया (चाय तथा चीन-व्यापार को छोड़कर) और मिशनरियों को प्रवेश दिया; कलकत्ता के उच्चतम न्यायालय से इसका कोई संबंध नहीं था।
- (d)1858 का गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट — 1858 के अधिनियम ने 1857 के विद्रोह के बाद सत्ता कंपनी से ब्रिटिश राजमुकुट को हस्तांतरित की — उच्चतम न्यायालय की स्थापना के बहुत बाद।
रेग्यूलेटिंग एक्ट, 1773 भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासन को नियंत्रित करने की दिशा में संसद का पहला कदम था। कलकत्ता के उच्चतम न्यायालय के अतिरिक्त, इसने बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बनाया तथा कुछ मामलों में बंबई और मद्रास को बंगाल के अधीन कर दिया।
चारों विकल्प वास्तविक संवैधानिक अधिनियम हैं, इसलिए 1773 का वर्ष और कलकत्ता में उच्चतम न्यायालय का विशिष्ट संकेत ही रेग्यूलेटिंग एक्ट को अलग पहचान देते हैं।
- रेग्यूलेटिंग एक्ट, 1773 ने कलकत्ता में उच्चतम न्यायालय स्थापित किया, जो 1774 से फोर्ट विलियम में कार्यरत हुआ।
- इसने बंगाल के गवर्नर को बंगाल का गवर्नर-जनरल घोषित किया, जिनकी सहायता के लिए चार सदस्यों की परिषद थी।
- इसी अधिनियम के अंतर्गत वॉरेन हेस्टिंग्स बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल बने।
- यह कंपनी को विनियमित करने का पहला संसदीय प्रयास था; इसके बाद 1784 का पिट्स इंडिया एक्ट आया।

- रेग्यूलेटिंग एक्ट (1773) को बाद के चार्टर एक्टों से भ्रमित कर देना।
- यह मान लेना कि उच्चतम न्यायालय 1858 में राजमुकुट-शासन के साथ बना — यह 1774 से है।
किसी औपनिवेशिक अधिनियम को उसके विशिष्ट उपबंध — उच्चतम न्यायालय, गवर्नर-जनरल या नियंत्रण मंडल — से सुमेलित कराकर पूछा जाता है।
सूची I (भारत की औपनिवेशिक सरकार के अधिनियम) को सूची II (उपबंध) से सुमेलित कीजिए: A. चार्टर एक्ट, 1813 B. रेग्यूलेटिंग एक्ट C. 1858 का अधिनियम D. पिट्स इंडिया एक्ट।
- (a) A-2 B-4 C-3 D-1
- (b) A-1 B-3 C-4 D-2
- (c) A-2 B-3 C-4 D-1
- (d) A-1 B-4 C-3 D-2
Answer(a) A-2 B-4 C-3 D-1
वही अवधारणा — औपनिवेशिक अधिनियमों को उनके उपबंधों से सुमेलित करना, जिनमें रेग्यूलेटिंग एक्ट भी है। रेग्यूलेटिंग एक्ट के उच्चतम न्यायालय / गवर्नर-जनरल संबंधी उपबंध को जानना ही दोनों प्रश्नों की कसौटी है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1773 के रेग्यूलेटिंग एक्ट के अंतर्गत नियुक्त बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल कौन थे?
- (a)रॉबर्ट क्लाइव
- (b)वॉरेन हेस्टिंग्स
- (c)लॉर्ड कॉर्नवालिस
- (d)लॉर्ड वेलेज़ली
Answer(b) वॉरेन हेस्टिंग्स — बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में कंपनी के असैनिक और सैनिक मामलों की देखरेख हेतु नियंत्रण मंडल (बोर्ड ऑफ कंट्रोल) किसके द्वारा बनाया गया था?
- (a)रेग्यूलेटिंग एक्ट 1773
- (b)पिट्स इंडिया एक्ट 1784
- (c)चार्टर एक्ट 1813
- (d)गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1858
Answer(b) पिट्स इंडिया एक्ट 1784 — इसने नियंत्रण मंडल के माध्यम से द्वैध नियंत्रण स्थापित किया।