एकसमान चाल (uniform speed) पर त्वरण होता है
- (a)अधिकतम
- (b)न्यूनतम
- (c)शून्य
- (d)स्थिर
सही — C, शून्य। त्वरण वेग के परिवर्तन की दर है। जब कोई पिंड सरल रेखा में एकसमान चाल से चलता है तो उसका वेग न परिमाण में बदलता है और न दिशा में, अतः वेग में परिवर्तन शून्य होता है और इसलिए त्वरण भी शून्य। (एकमात्र अपवाद वक्र में गति है, जैसे एकसमान वृत्तीय गति, जहाँ दिशा लगातार बदलती रहती है और चाल नियत होने पर भी अभिकेंद्री त्वरण होता है — किंतु सरल रेखा में एकसमान चाल के लिए त्वरण शून्य ही होता है।)
- (a)अधिकतम — त्वरण तब सबसे अधिक होता है जब वेग सबसे तेज़ी से बदलता है; एकसमान चाल पर वेग बदलता ही नहीं, अतः वह अधिकतम नहीं हो सकता।
- (b)न्यूनतम — 'न्यूनतम' अस्पष्ट है; सरल रेखा में चाल एकसमान होने पर त्वरण केवल कम नहीं, बल्कि ठीक शून्य होता है।
- (d)स्थिर — शून्य भी निस्संदेह एक स्थिर मान है, किंतु सटीक और अभीष्ट उत्तर यह है कि त्वरण शून्य है, न कि केवल कोई अशून्य स्थिर मान।
चाल वेग का परिमाण है; वेग के साथ दिशा भी होती है। त्वरण वेग के परिवर्तन की दर है, अतः कोई पिंड तभी त्वरित होता है जब उसकी चाल अथवा दिशा बदले। सरल रेखा में नियत चाल से चलने का अर्थ है नियत वेग, और इसलिए शून्य त्वरण। एकसमान वृत्तीय गति वह विशेष स्थिति है जिसमें चाल नियत रहती है किंतु दिशा बदलती है, जिससे अशून्य (अभिकेंद्री) त्वरण मिलता है।
विकल्प 'स्थिर' (जो इस मामूली अर्थ में सही है कि शून्य भी स्थिर होता है) और 'न्यूनतम' से लुभाते हैं। सरल रेखा में एकसमान चाल के लिए ठीक उत्तर यही है कि त्वरण शून्य होता है, क्योंकि वेग अपरिवर्तित रहता है।
- त्वरण = वेग में परिवर्तन ÷ समय; वेग नियत होने पर यह शून्य होता है।
- सरल रेखा में एकसमान चाल का अर्थ है नियत वेग और इसलिए शून्य त्वरण।
- वेग–समय ग्राफ़ पर एकसमान वेग एक क्षैतिज रेखा होती है जिसका ढाल (त्वरण) शून्य होता है।
- एकसमान वृत्तीय गति में चाल नियत रहती है किंतु दिशा बदलने के कारण अभिकेंद्री त्वरण विद्यमान रहता है।
- 'स्थिर' चुन लेना — यद्यपि शून्य भी स्थिर होता है, अभीष्ट उत्तर यही है कि त्वरण शून्य है।
- यह मान लेना कि नियत चाल का अर्थ सदैव शून्य त्वरण है; वृत्तीय गति में दिशा बदलती है, अतः अभिकेंद्री त्वरण होता है।
सीधे एकसमान चाल पर त्वरण के बारे में, अथवा वेग–समय ग्राफ़ का ढाल पढ़वाकर।
NDA_GAT_2024_II_Q912024एक वाहन विरामावस्था से सरल रेखीय पथ पर चलना आरंभ करता है । पहले t सेकंड में वह 2 m/s² के त्वरण से चलता है और फिर अगले 10 सेकंड में 5 m/s² के त्वरण से । वाहन द्वारा तय की गई कुल दूरी 550 m है । समय t का मान है
- (a) 10 s
- (b) 13 s
- (c) 20 s
- (d) 25 s
Answer(a) 10 s
वही अवधारणा — सरल रेखा में गति के साथ वेग और त्वरण का संबंध। वह NDA प्रश्न समय निकालने के लिए अशून्य त्वरणों के साथ काम करता है; यह प्रश्न उस आधारभूत स्थिति को जाँचता है जहाँ एकसमान चाल का अर्थ है शून्य त्वरण।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वेग–समय ग्राफ़ पर शून्य त्वरण वाली गति किससे निरूपित होती है ?
- (a)ऊपर की ओर झुकी सरल रेखा
- (b)क्षैतिज सरल रेखा
- (c)ऊपर की ओर मुड़ता वक्र
- (d)नीचे की ओर झुकी सरल रेखा
Answer(b) क्षैतिज सरल रेखा — नियत वेग का अर्थ है शून्य ढाल, अर्थात शून्य त्वरण।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
नियत चाल से वृत्त में चलते पिंड में होता है
- (a)शून्य त्वरण
- (b)केंद्र की ओर दिष्ट त्वरण
- (c)अपनी गति की दिशा में त्वरण
- (d)घटती हुई चाल
Answer(b) केंद्र की ओर दिष्ट त्वरण — उसकी दिशा बदलती रहती है, जिससे नियत चाल पर भी अभिकेंद्री त्वरण मिलता है।