'सी-बॉट (C-Bot)' के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ? 1. यह प्रवाल भित्तियों (coral reefs) का मॉनीटर करने के लिए पानी के नीचे चलने वाला वाहन है; 2. इसे सीएसआईआर (CSIR) और एनआईओ (NIO) द्वारा विकसित किया गया है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1, न ही 2
सही — C, 1 और 2 दोनों। 'सी-बॉट' एक स्वायत्त पनडुब्बी वाहन है, जिसे CSIR-NIO (राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा) ने 2024 के आरंभ में प्रवाल भित्तियों की मॉनीटरिंग के लिए उतारा; इसमें लगे संवेदक और कैमरे लगभग 200 मीटर गहराई तक प्रवाल के स्वास्थ्य और विरंजन (ब्लीचिंग) का अवलोकन करते हैं। चूँकि NIO एक CSIR प्रयोगशाला है, इसलिए यह कहना सही है कि यह वाहन CSIR और NIO ने विकसित किया। दोनों कथन सही ठहरते हैं।
- (a)केवल 1 — कथन 1 (प्रवाल भित्तियों की मॉनीटरिंग के लिए पानी के नीचे चलने वाला वाहन) सही है, पर कथन 2 भी सही है — सी-बॉट बनाने वाला NIO एक CSIR प्रयोगशाला है — इसलिए उत्तर को 'केवल 1' तक सीमित करना गलत है।
- (b)केवल 2 — कथन 2 (CSIR और NIO द्वारा विकसित) सही है, पर कथन 1 भी सही है — सी-बॉट वास्तव में प्रवाल भित्तियों की मॉनीटरिंग करता है — इसलिए 'केवल 2' एक सही कथन को छोड़ देता है।
- (d)न तो 1, न ही 2 — दोनों कथन सही हैं, इसलिए 'न तो' सच्चाई के ठीक उलट है।
सी-बॉट समुद्री अनुसंधान के लिए बना स्वदेशी स्वायत्त पनडुब्बी वाहन (AUV) है, जिसे CSIR-NIO ने प्रवाल भित्तियों की मॉनीटरिंग के लिए बनाया है। AUV वैज्ञानिकों को गोताखोरों के बिना ही भित्तियों का लगातार और गहराई तक सर्वेक्षण करने देते हैं, जिससे गर्म और अम्लीय होते महासागरों से होने वाले प्रवाल विरंजन के आँकड़े जुटाए जाते हैं।
यह दो-कथन वाला 'कौन-सा सही है' प्रकार का प्रश्न है। सी-बॉट के बारे में दोनों तथ्य सही हैं — इसका उद्देश्य (प्रवाल भित्ति मॉनीटरिंग) और इसका विकासकर्ता (CSIR-NIO) — इसलिए उत्तर '1 और 2 दोनों' है।
- सी-बॉट एक स्वायत्त पनडुब्बी वाहन है, जिसे CSIR-NIO ने 2024 में उतारा।
- इसका काम लगभग 200 मीटर गहराई तक प्रवाल भित्तियों — प्रवाल के स्वास्थ्य और विरंजन — की मॉनीटरिंग करना है।
- गोवा स्थित राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) एक CSIR प्रयोगशाला है।
- प्रवाल विरंजन समुद्र की सतह के बढ़ते तापमान और महासागरीय अम्लीकरण से होता है।

- केवल एक कथन को सही मान लेना; सी-बॉट का उद्देश्य और उसका विकासकर्ता, दोनों सही बताए गए हैं।
- NIO (समुद्र विज्ञान, CSIR के अधीन) को NIOT (महासागर प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन) से गड्डमड्ड कर देना।
यह हाल में उतारे गए किसी अनुसंधान वाहन पर दो कथनों की सत्यता जाँचने के रूप में पूछा जाता है।
विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति निम्नलिखित में से किस देश के तट के पास पाई जाती है?
- (a) ऑस्ट्रेलिया
- (b) क्यूबा
- (c) घाना
- (d) फिलीपींस
Answer(a) ऑस्ट्रेलिया
अवधारणा वही है — प्रवाल भित्तियाँ। वह UPSC प्रश्न सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति (ग्रेट बैरियर रीफ) जाँचता है; यह प्रश्न प्रवाल भित्तियों के स्वास्थ्य की मॉनीटरिंग के लिए बने सी-बॉट वाहन से जुड़ा है, इसलिए दोनों प्रवाल भित्ति पारिस्थितिकी पर केंद्रित हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्रवाल भित्तियों की मॉनीटरिंग के लिए बनाया गया स्वायत्त पनडुब्बी वाहन 'सी-बॉट' किसने विकसित किया?
- (a)DRDO
- (b)CSIR-NIO
- (c)ISRO
- (d)BARC
Answer(b) CSIR-NIO — राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्रवाल विरंजन का मुख्य कारण है
- (a)समुद्र के बढ़ते तापमान
- (b)केवल लवणता में गिरावट
- (c)केवल तेल रिसाव
- (d)अत्यधिक मछली पकड़ना
Answer(a) समुद्र के बढ़ते तापमान — प्रवाल पर तापीय दबाव।