जब ज्वालामुखीय राख बहते पानी द्वारा बहकर अवसादी परत के रूप में निक्षेपित हो जाती है, तब निम्नलिखित में से क्या बनता है ?
- (a)बेसाल्ट
- (b)ज्वालामुखी अस्मक (लैपिली)
- (c)स्लेट
- (d)टफ़
सही — D, टफ़। टफ़ वह शैल है जो तब बनती है जब ज्वालामुखीय राख (उद्गार में बाहर फेंकी गई महीन पायरोक्लास्टिक सामग्री) बैठ जाती है और संपीडित तथा संयोजित होकर एक ठोस परत बन जाती है। जब वह राख निक्षेपित होने से पहले बहते पानी द्वारा उठाकर ले जाई जाती है और फिर परतों में जमती है, तो जल-निक्षेपित (पुनःसंसाधित) टफ़ बनती है — एक ऐसी शैल जो उद्गम में ज्वालामुखीय है, फिर भी अवसाद की तरह परतदार है। यही प्रश्न के वर्णन से ठीक मेल खाता है।
- (a)बेसाल्ट — बेसाल्ट एक सूक्ष्मकणीय आग्नेय शैल है, जो तरल लावा के ठंडा होकर जमने पर बनती है (जैसे दक्कन ट्रैप में)। यह पिघले लावा से आती है, हवा या पानी से आई राख से नहीं, इसलिए यह उत्तर नहीं है।
- (b)ज्वालामुखी अस्मक (लैपिली) — लैपिली उद्गार के दौरान बाहर फेंके गए छोटे पायरोक्लास्टिक खंड (लगभग 2-64 mm) हैं। ये ढीले निष्कासित कण हैं, कोई संपिंडित, जल-निक्षेपित अवसादी परत नहीं।
- (c)स्लेट — स्लेट एक कायांतरित शैल है, जो शेल (मृत्तिका-बहुल अवसादी शैल) के संपीडन और तापन से बनती है। इसका पानी द्वारा निक्षेपित ज्वालामुखीय राख से कोई संबंध नहीं है।
विस्फोटक ज्वालामुखी उद्गार से बाहर फेंकी गई सामग्री पायरोक्लास्टिक (या टेफ्रा) कहलाती है, और वह महीन राख से लेकर छोटे लैपिली तथा बड़े खंडों और बमों तक होती है। जब महीन राख संचित होकर संपीडित और संयोजित होती है, तो वह कठोर होकर टफ़ नामक शैल बन जाती है। यदि शिलीभवन से पहले पानी उस राख को छाँटकर परतों में पुनः निक्षेपित कर दे, तो जल-निक्षेपित टफ़ बनती है।
विकल्पों को उनके उद्गम के अनुसार छाँटिए। बेसाल्ट = जमा हुआ लावा (आग्नेय, पिघल से, राख से नहीं)। लैपिली = उद्गार के ढीले खंड (कोई शैल परत नहीं)। स्लेट = कायांतरित शेल (कोई ज्वालामुखीय राख नहीं)। केवल टफ़ ही वह संपिंडित, परतदार शैल है जो विशेष रूप से ज्वालामुखीय राख से बनती है — और वही बहते पानी द्वारा निक्षेपित हो सकती है, इसलिए वही वर्णन पर खरी उतरती है।
- टफ़ = संपिंडित ज्वालामुखीय राख से बनी शैल (एक पायरोक्लास्टिक/ज्वालामुखी-क्लास्टिक शैल)।
- जल-निक्षेपित (पुनःसंसाधित) टफ़ तब बनती है जब राख पानी द्वारा ढोकर परतों में निक्षेपित की जाती है।
- बेसाल्ट ठंडे हुए तरल लावा से बनी एक सूक्ष्मकणीय आग्नेय शैल है।
- लैपिली लगभग 2-64 mm आकार के पायरोक्लास्टिक खंड हैं; स्लेट कायांतरित शेल है।

- बेसाल्ट को केवल इसलिए चुन लेना कि वह 'ज्वालामुखीय' है — बेसाल्ट लावा से बनती है, टफ़ राख से।
- ढीले लैपिली खंडों को टफ़ जैसी संपिंडित राख-शैल से भ्रमित करना।
शैल-उद्गम वाले प्रश्न निर्माण का वर्णन देते हैं — प्रक्रिया (लावा, राख, अवसाद या कायांतरण) को सही शैल के नाम से मिलाइए।
No directly related past PYQ was found.
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सी जमे हुए लावा से बनी सूक्ष्मकणीय आग्नेय शैल है?
- (a)टफ़
- (b)बेसाल्ट
- (c)स्लेट
- (d)संगमरमर
Answer(b) बेसाल्ट — यह तब बनती है जब तरल लावा सतह पर या उसके निकट तेजी से ठंडा होता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
स्लेट किससे बनी कायांतरित शैल है?
- (a)चूना पत्थर
- (b)बलुआ पत्थर
- (c)शेल
- (d)ग्रेनाइट
Answer(c) शेल — ताप और दाब मृत्तिका-बहुल शेल को स्लेट में बदल देते हैं।