'ध्रुवीय ज्योति' के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ? 1. सौर पवन पृथ्वी के वायुमंडल में पहुँचने के पश्चात् दोनों चुंबकीय ध्रुवों की ओर निदेशित हो जाती है और रंगीन प्रकाश का प्रदर्शन रात्रि को आकाश में दिखाई देता है ।; 2. ये कण वायुमंडल की विभिन्न गैसों से अन्योन्य क्रिया करते हैं और प्रत्येक गैस एक विशेष रंग से उद्दीप्त हो जाती है ।; 3. अप्रैल 2023 में, लद्दाख के हानले स्थित भारतीय खगोलीय वेधशाला द्वारा भारत में रात्रि के आकाश में ध्रुवीय ज्योति का चित्र लिया गया ।; नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2 और 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
सही — D, तीनों (1, 2 और 3) । कथन 1 सत्य है: सौर पवन द्वारा लाए गए आवेशित कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से दोनों चुंबकीय ध्रुवों की ओर मोड़ दिए जाते हैं, जहाँ वे रात्रि के आकाश को प्रकाशित कर देते हैं । कथन 2 सत्य है: जब वे कण वायुमंडलीय गैसों से टकराते हैं, तो प्रत्येक गैस अपना ही रंग उत्सर्जित करती है — ऑक्सीजन हरा और लाल देती है, नाइट्रोजन नीला और बैंगनी । कथन 3 भी सत्य है: अप्रैल 2023 में एक भू-चुंबकीय तूफ़ान के दौरान लद्दाख के हानले में भारतीय खगोलीय वेधशाला के पूर्ण-आकाश कैमरे ने एक दुर्लभ निम्न-अक्षांशीय लाल ध्रुवीय ज्योति (स्थायी ध्रुवीय लाल चाप) का चित्र लिया । तीनों सही हैं, अतः उत्तर 1, 2 और 3 है ।
- (a)केवल 1 — यह कथन 2 और 3 को छोड़ देता है, जबकि दोनों सत्य हैं — भिन्न गैसें सचमुच भिन्न रंगों में उद्दीप्त होती हैं, और अप्रैल 2023 का हानले प्रेक्षण वास्तव में हुआ था ।
- (b)केवल 2 और 3 — यह कथन 1 को छोड़ देता है, जबकि कथन 1 ठीक-ठीक बताता है कि सौर पवन किस प्रकार चुंबकीय ध्रुवों तक निर्देशित होकर यह दृश्य रचती है ।
- (c)केवल 1 और 3 — यह कथन 2 को छोड़ देता है, किंतु कथन 2 सत्य है — ध्रुवीय ज्योति के रंग वायुमंडल की भिन्न-भिन्न गैसों से आते हैं, जिनमें प्रत्येक अपना विशिष्ट रंग उत्सर्जित करती है ।
ध्रुवीय ज्योति आकाश में दिखने वाला एक प्राकृतिक प्रकाश-प्रदर्शन है, जो सूर्य से आए आवेशित कणों के कारण होता है । सौर पवन और सौर तूफ़ानों की सामग्री इन कणों को पृथ्वी तक लाती है, जहाँ ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र उन्हें चुंबकीय ध्रुवों की ओर मोड़ देता है । वहाँ वे ऊँचाई पर वायुमंडलीय गैसों से टकराकर परमाणुओं को उत्तेजित करते हैं, जिससे प्रकाश उत्सर्जित होता है — उत्तर में औरोरा बोरियलिस और दक्षिण में औरोरा ऑस्ट्रेलिस ।
प्रत्येक कथन को भौतिकी और समाचार — दोनों के विरुद्ध पढ़िए । कथन 1 और 2 पाठ्यपुस्तक के तथ्य हैं कि ध्रुवीय ज्योति कैसे बनती है और वह रंगीन क्यों होती है । कथन 3 समसामयिकी का विषय है: ध्रुवीय ज्योति सामान्यतः उच्च अक्षांशों तक सीमित रहती है, इसलिए अप्रैल 2023 में लद्दाख के हानले से दर्ज हुआ निम्न-अक्षांशीय लाल प्रदर्शन ठीक इसीलिए समाचार बना कि वह भारतीय क्षेत्र के लिए असामान्य था । तीनों को सत्य पहचानने पर विकल्प D मिलता है ।
- ध्रुवीय ज्योति सौर पवन के आवेशित कणों से बनती है, जिन्हें पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र ध्रुवीय क्षेत्रों तक ले जाता है ।
- ऑक्सीजन प्रायः हरा और लाल प्रकाश उत्सर्जित करती है तथा नाइट्रोजन नीला और बैंगनी, अतः प्रत्येक गैस एक विशिष्ट रंग का योगदान देती है ।
- 22-23 अप्रैल 2023 के भू-चुंबकीय तूफ़ान के दौरान भारतीय खगोलीय वेधशाला, हानले, लद्दाख में एक दुर्लभ निम्न-अक्षांशीय लाल ध्रुवीय ज्योति (स्थायी ध्रुवीय लाल चाप) का चित्र लिया गया ।
- भारतीय खगोलीय वेधशाला, हानले, जिसका संचालन भारतीय तारा-भौतिकी संस्थान करता है, लगभग 4,500 मीटर की ऊँचाई पर है और विश्व के सर्वोच्च प्रेक्षण स्थलों में से एक है ।

- यह सोचना कि ध्रुवीय ज्योति केवल ध्रुवों पर ही होती है और हानले के निम्न-अक्षांशीय दर्शन को असंभव मान बैठना ।
- एक ही रंग मान लेना, जबकि रंग वायुमंडल की भिन्न-भिन्न गैसों से तय होते हैं ।
- औरोरा बोरियलिस (उत्तरी) को औरोरा ऑस्ट्रेलिस (दक्षिणी) से गड्डमड्ड कर देना ।
परीक्षाएँ ध्रुवीय ज्योति की भौतिकी (सौर पवन, चुंबकीय ध्रुव, गैसों के रंग) को हानले के दर्शन जैसी किसी हालिया घटना के साथ जोड़ देती हैं — प्रत्येक कथन अलग-अलग जाँचिए ।
यदि कोई बड़ा सौर तूफ़ान (सौर ज्वाला) पृथ्वी तक पहुँचे, तो पृथ्वी पर निम्नलिखित में से कौन-से संभावित प्रभाव होंगे ? 1. GPS और नौवहन तंत्र विफल हो सकते हैं । 2. भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में सुनामी आ सकती है । 3. विद्युत ग्रिड क्षतिग्रस्त हो सकते हैं । 4. पृथ्वी के बड़े भाग पर तीव्र ध्रुवीय ज्योति हो सकती है । 5. ग्रह के बड़े भाग पर वनाग्नि लग सकती है । 6. उपग्रहों की कक्षाएँ विक्षुब्ध हो सकती हैं । 7. ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर उड़ते विमानों का लघु-तरंग रेडियो संचार बाधित हो सकता है । नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a) केवल 1, 2, 4 और 5
- (b) केवल 2, 3, 5, 6 और 7
- (c) केवल 1, 3, 4, 6 और 7
- (d) 1, 2, 3, 4, 5, 6 और 7
Answer(c) केवल 1, 3, 4, 6 और 7
वही चालक — सौर सक्रियता । यह UPSC प्रश्न किसी बड़े सौर तूफ़ान के प्रभाव गिनाता है, जिनमें तीव्र ध्रुवीय ज्योति भी है — सौर पवन से ध्रुवीय ज्योति तक की वही कड़ी जो यहाँ परखी गई है ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ध्रुवीय ज्योति के रंग मुख्यतः किन वायुमंडलीय गैसों के उत्तेजन से उत्पन्न होते हैं ?
- (a)कार्बन डाइऑक्साइड और आर्गन
- (b)ऑक्सीजन और नाइट्रोजन
- (c)हाइड्रोजन और हीलियम
- (d)ओज़ोन और मेथेन
Answer(b) ऑक्सीजन और नाइट्रोजन — ऑक्सीजन हरा और लाल प्रकाश उत्सर्जित करती है तथा नाइट्रोजन नीला और बैंगनी, जिससे ध्रुवीय ज्योति को उसके रंग मिलते हैं ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अप्रैल 2023 में दुर्लभ ध्रुवीय ज्योति दर्ज करने वाली भारतीय खगोलीय वेधशाला कहाँ स्थित है ?
- (a)कवलूर, तमिलनाडु
- (b)नैनीताल, उत्तराखंड
- (c)हानले, लद्दाख
- (d)माउंट आबू, राजस्थान
Answer(c) हानले, लद्दाख — भारतीय तारा-भौतिकी संस्थान द्वारा संचालित वही उच्च-तुंगता वेधशाला, जिसने अप्रैल 2023 की ध्रुवीय ज्योति का चित्र लिया ।