बोरॉन (जो दो समस्थानिक रूपों ¹⁰B और ¹¹B में विद्यमान होता है) का आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान (संहति) 10·81 है । क्रमशः ¹⁰B और ¹¹B की बहुलता क्या होगी (100 परमाणुओं के एक नमूने पर विचार कीजिए) ?
- (a)19% और 81%
- (b)81% और 19%
- (c)38% और 62%
- (d)62% और 38%
सही — A, 19% और 81%. आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान समस्थानिकों के द्रव्यमानों का बहुलता-भारित औसत होता है । यदि परमाणुओं का x अंश ¹⁰B हो और (1 - x) अंश ¹¹B, तो 10x + 11(1 - x) = 10.81, जो सरल होकर 11 - x = 10.81 बनता है, अर्थात् x = 0.19 । इससे नमूने में ¹⁰B लगभग 19% और ¹¹B लगभग 81% होता है, जो विकल्प (a) से मेल खाता है । यह इस बात से भी संगत है कि औसत (10.81) 10 की अपेक्षा 11 के कहीं अधिक निकट है, क्योंकि भारी समस्थानिक की प्रधानता है ।
- (b)81% और 19% — दोनों बहुलताएँ आपस में बदल गई हैं — यदि ¹⁰B 81% होता, तो औसत लगभग 10.2 निकलता, 10.81 नहीं ।
- (c)38% और 62% — ये अंश 10x + 11(1 - x) = 10.81 को संतुष्ट नहीं करते — इनसे औसत लगभग 10.62 आता ।
- (d)62% और 38% — इनसे औसत लगभग 10.38 आता है, जो दिए गए आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान 10.81 से बहुत दूर है ।
किसी तत्त्व का आपेक्षिक (औसत) परमाणु द्रव्यमान उसके समस्थानिकों के द्रव्यमानों का वह माध्य है जो उनकी आंशिक बहुलताओं से भारित हो । ज्ञात औसत से उल्टा चलकर समस्थानिकों की बहुलताएँ निकाली जा सकती हैं ।
सबसे तेज़ जाँच यह है कि भारित औसत उसी समस्थानिक के अधिक निकट बैठता है जिसकी बहुलता अधिक हो । चूँकि 10.81, 11 के निकट है, इसलिए ¹¹B समस्थानिक की ही प्रधानता होनी चाहिए — अतः बँटवारे में ¹⁰B का हिस्सा छोटा और ¹¹B का हिस्सा बड़ा होना ही चाहिए ।
- आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान सभी समस्थानिकों पर (समस्थानिक द्रव्यमान x आंशिक बहुलता) के योग के बराबर होता है ।
- बोरॉन के दो स्थायी समस्थानिक ¹⁰B और ¹¹B हैं, और उसका मानक आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान लगभग 10.81 है ।
- 10x + 11(1 - x) = 10.81 हल करने पर x = 0.19 मिलता है, अतः ¹⁰B लगभग 19% और ¹¹B लगभग 81% है ।
- औसत सदैव अधिक बहुल समस्थानिक के निकट पड़ता है, जो एक उपयोगी जाँच है ।
औसत परमाणु द्रव्यमान (10.81) 11 के निकट है, इसलिए भारी ¹¹B समस्थानिक 81% बनाम 19% के साथ प्रधान है ।
- दोनों बहुलताएँ आपस में बदल देना — चुनने से पहले देखिए कि औसत किस समस्थानिक के अधिक निकट है ।
- आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान को किसी एक समस्थानिक की द्रव्यमान संख्या मान बैठना ।
यह उल्टी गणना वाला प्रश्न है — (द्रव्यमान x बहुलता) = औसत लिखिए और हल कीजिए; औसत का 11 के निकट होना बता देता है कि ¹¹B ही प्रमुख समस्थानिक है ।
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- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
क्लोरीन (आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान लगभग 35.5) के समस्थानिक ³⁵Cl और ³⁷Cl हैं । उनकी लगभग बहुलताएँ हैं :
- (a)25% और 75%
- (b)75% और 25%
- (c)50% और 50%
- (d)90% और 10%
Answer(b) 75% और 25% — 35 x 0.75 + 37 x 0.25 = 35.5, जो क्लोरीन का आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान है ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किसी तत्त्व के आपेक्षिक परमाणु द्रव्यमान का सर्वोत्तम वर्णन है :
- (a)उसके सर्वाधिक बहुल समस्थानिक का द्रव्यमान
- (b)उसके नाभिक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों का योग
- (c)उसके समस्थानिक द्रव्यमानों का बहुलता-भारित औसत
- (d)उसके परमाणुओं के एक मोल का द्रव्यमान
Answer(c) उसके समस्थानिक द्रव्यमानों का बहुलता-भारित औसत ।