कोहबर क्या है ?
- (a)वैवाहिक आनुष्ठानिक भित्तिचित्र
- (b)वैवाहिक वस्त्र
- (c)भोजन
- (d)आभूषण
सही उत्तर — (a) वैवाहिक आनुष्ठानिक भित्तिचित्र। कोहबर (चित्रित 'कोहबर घर') हिन्दू विवाह-संस्कारों के भाग के रूप में वर-वधू कक्ष में बनाया जाने वाला एक आनुष्ठानिक भित्ति/भूमि-चित्रण है, जो बिहार की मधुबनी/मिथिला चित्रकला परम्परा से घनिष्ठ रूप से सम्बद्ध है, तथा जिसमें उर्वरता व शुभता के प्रतीक — कमल-लता, बाँस के झुरमुट, मछली, पक्षी, सूर्य व चन्द्रमा — का प्रयोग किया जाता है, जिन्हें दम्पति को आशीर्वाद देने वाला माना जाता है।
- (b)वैवाहिक वस्त्र — कोहबर विवाह-संस्कार हेतु बनाया गया एक चित्रण है, वर या वधू का कोई वस्त्र नहीं।
- (c)भोजन — कोई विवाह-व्यंजन या पकवान नहीं है — कोहबर एक आनुष्ठानिक कलाकृति को दर्शाता है, भोजन को नहीं।
- (d)आभूषण — कोई आभूषण नहीं है — कोहबर एक चित्रित आनुष्ठानिक प्रतीक है, कोई पहनी जाने वाली वस्तु नहीं।
कोहबर उस कक्ष की दीवार (या फर्श) पर बनाई जाने वाली आनुष्ठानिक लोक-चित्रकला की एक विधा है, जहाँ नवविवाहित दम्पति के संस्कार सम्पन्न किए जाते हैं, जो बिहार की मधुबनी/मिथिला चित्रकला परम्परा से घनिष्ठ रूप से सम्बद्ध है। इसके बार-बार आने वाले प्रतीक — कमल, बाँस, मछली, तोते, सूर्य व चन्द्रमा — केवल सजावट नहीं, बल्कि उर्वरता व शुभता के प्रतीक हैं।
संस्कृति-सम्बन्धी प्रश्न प्रायः किसी विशिष्ट आनुष्ठानिक वस्तु का नाम लेकर एक-पंक्ति पहचान माँगते हैं — जाल यह है कि कोई प्रशंसनीय परन्तु ग़लत श्रेणी (वस्त्र/भोजन/आभूषण) चुन ली जाए, बजाय इसे एक चित्रकला परम्परा के रूप में पहचानने के।
- कोहबर: हिन्दू विवाह-रीतियों के भाग के रूप में वर-वधू/विवाह कक्ष (कोहबर घर) में बनाया जाने वाला एक आनुष्ठानिक भित्तिचित्र।
- बिहार की मधुबनी/मिथिला चित्रकला परम्परा से घनिष्ठ रूप से सम्बद्ध।
- सामान्य प्रतीक: कमल, बाँस का झुरमुट, मछली, पक्षी, सूर्य व चन्द्रमा — उर्वरता व शुभता के प्रतीक।

- कोहबर (एक चित्रकला) को विवाह-वस्त्र, भोजन-वस्तु या आभूषण के साथ भ्रमित कर देना, क्योंकि केवल नाम से कोई स्पष्ट श्रेणी-संकेत नहीं मिलता।
- कोहबर को सामान्यतः मधुबनी चित्रकला के साथ मिला देना — कोहबर विशेष रूप से उस परम्परा के भीतर/इर्द-गिर्द वर-वधू कक्ष की विधा है।
MPPSC/UPSC किसी विशिष्ट आनुष्ठानिक कला/शिल्प शब्द का नाम लेकर 'यह क्या है' पूछते हैं, जिसमें प्रशंसनीय-परन्तु-ग़लत श्रेणियाँ डिस्ट्रैक्टर के रूप में होती हैं — शब्द को उसकी सटीक श्रेणी (चित्रकला बनाम वस्त्र बनाम भोजन बनाम आभूषण) से जोड़कर रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मधुबनी चित्रकला, प्राकृतिक रंगों व वर्णकों का प्रयोग करने वाली एक पारम्परिक लोक-कला विधा, किस राज्य में उत्पन्न हुई?
- (a)बिहार
- (b)ओडिशा
- (c)पश्चिम बंगाल
- (d)राजस्थान
उत्तर(a) बिहार — मिथिला क्षेत्र।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
गोंड चित्रकला, बिन्दुओं व रेखाओं के माध्यम से प्रकृति व लोककथाओं को चित्रित करने वाली एक जनजातीय कला-विधा, परम्परा से किस राज्य से सम्बद्ध है?
- (a)मध्यप्रदेश
- (b)केरल
- (c)पंजाब
- (d)असम
उत्तर(a) मध्यप्रदेश।