गम्मत लोकनाट्य का सूत्रधार क्या कहलाता है ?
- (a)घूघरमाल
- (b)ठोठ्या
- (c)कुडगर्या
- (d)खमरास
सही उत्तर — (c) कुडगर्या। गम्मत मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की एक लोकनाट्य परम्परा है, जो परम्परा से होली के आस-पास हास्य, व्यंग्य, तथा मूक-अभिनय व नृत्य के प्रसंगों की एक शृंखला के रूप में बिना किसी निश्चित पटकथा के मंचित की जाती है। वह कलाकार जो प्रदर्शन का संचालन करता है — इसके अलग-अलग प्रसंगों का परिचय देकर उन्हें जोड़ता है, वही कार्य जो सूत्रधार अन्य भारतीय लोकनाट्य रूपों में करता है — गम्मत में कुडगर्या कहलाता है।
- (a)घूघरमाल — गम्मत के सूत्रधार/संचालक की भूमिका हेतु आधिकारिक उत्तर-कुंजी द्वारा मान्य शब्द नहीं है।
- (b)ठोठ्या — गम्मत के सूत्रधार/संचालक की भूमिका हेतु आधिकारिक उत्तर-कुंजी द्वारा मान्य शब्द नहीं है।
- (d)खमरास — गम्मत के सूत्रधार/संचालक की भूमिका हेतु आधिकारिक उत्तर-कुंजी द्वारा मान्य शब्द नहीं है।
गम्मत मध्यप्रदेश की जीवन्त लोकनाट्य परम्पराओं में से एक है, जो निमाड़ क्षेत्र की मूल परम्परा है तथा राज्य के अधिक प्रसिद्ध मालवा-क्षेत्रीय रूप, माच, से भिन्न है। स्थानीय मण्डलियों द्वारा मुख्यतः होली के आस-पास बिना किसी लिखित पटकथा के प्रस्तुत यह हास्य दृश्यों, नक़ल तथा नृत्य को एक सूत्र में पिरोता है, जिसे एक संचालक-रूप द्वारा जोड़ा जाता है, जो प्रत्येक प्रसंग का परिचय देकर उसे अगले से जोड़ता है — भारत भर की लोकनाट्य परम्पराओं में इस भूमिका को सामान्यतः सूत्रधार कहा जाता है।
MPPSC प्रायः मध्यप्रदेश की किसी विशिष्ट लोक-कला परम्परा के भीतर एक रूढ़ भूमिका के लिए सटीक स्थानीय नाम परखता है — जाल यह है कि सामान्य शब्द ('सूत्रधार' स्वयं) से उत्तर दे दिया जाए, न कि उस परम्परा-विशिष्ट नाम से, जो उत्तर-कुंजी चाहती है।
- गम्मत: मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की एक लोकनाट्य परम्परा, जो परम्परा से होली के आस-पास प्रस्तुत की जाती है।
- कुडगर्या गम्मत का सूत्रधार है — वह कलाकार जो प्रदर्शन के प्रसंगों का संचालन व सम्बन्धन करता है।
- गम्मत बिना पटकथा की होती है तथा हास्य संवाद, नक़ल व नृत्य का मिश्रण प्रस्तुत करती है।
- माच से भिन्न, जो मध्यप्रदेश की एक अन्य प्रमुख लोकनाट्य परम्परा है तथा मालवा क्षेत्र की मूल परम्परा है।
- गम्मत-विशिष्ट नाम, कुडगर्या, के स्थान पर सामान्य शब्द 'सूत्रधार' से ही उत्तर दे देना।
- गम्मत (निमाड़) को माच (मालवा) के साथ भ्रमित कर देना — मध्यप्रदेश की दो भिन्न लोकनाट्य परम्पराएँ।
MPPSC को किसी नामित मध्यप्रदेश लोक-कला परम्परा के भीतर किसी भूमिका के लिए सटीक स्थानीय शब्द पूछना पसन्द है — सामान्य परिभाषाओं के बजाय परम्परा→भूमिका युग्मों को स्मरण रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मुख्यतः होली के दौरान प्रस्तुत की जाने वाली तथा हास्यमय, बिना-पटकथा प्रसंगों पर आधारित कौन-सी लोकनाट्य परम्परा मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की मूल परम्परा है?
- (a)माच
- (b)गम्मत
- (c)नौटंकी
- (d)भवाई
उत्तर(b) गम्मत — निमाड़ क्षेत्र का होली-मौसमी लोकनाट्य।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भवाई, नृत्य, नाटक व व्यंग्य को मिलाने वाला एक लोकनाट्य रूप, परम्परा से किस राज्य से सम्बद्ध है?
- (a)गुजरात
- (b)ओडिशा
- (c)केरल
- (d)पंजाब
उत्तर(a) गुजरात।