निम्नलिखित में से कौन पारंपरिक माच गायन शैली से सम्बद्ध है ?
- (a)कालूराम बामनिया
- (b)सत्येंद्र सिंह लोहिया
- (c)भगवतीलाल राजपुरोहित
- (d)ओम प्रकाश शर्मा
सही उत्तर — (d) ओम प्रकाश शर्मा। उज्जैन-निवासी कलाकार (पंडित ओम प्रकाश शर्मा) सात दशकों से अधिक समय से माच — मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र के सदियों पुराने लोक संगीत-नाट्य — का अग्रणी चेहरा रहे हैं। वे माच की 'उस्ताद कालूराम शैली' से संबंधित हैं, जिसकी स्थापना स्वयं उनके दादा उस्ताद कालूराम ने की थी, तथा उन्हें 2024 में पद्मश्री (कला श्रेणी) से विशेष रूप से पारंपरिक माच लोकगीतों को नाटकों से जोड़ने को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया — उन्होंने 18 नए मालवी नाटक लिखे, माच प्रस्तुतियों का निर्माण किया, संगीत रचा, तथा युवा कलाकारों को प्रशिक्षित किया।
- (a)कालूराम बामनिया — देवास, मध्यप्रदेश से एक भिन्न, समान-नाम वाले 2024 पद्मश्री विजेता — मालवी बोली में कबीर/निर्गुणी भजन गायन के लिए सम्मानित, माच के लिए नहीं। (इन्हें उस्ताद कालूराम — ओम प्रकाश शर्मा के अपने दादा तथा उनकी माच शैली के संस्थापक — से भ्रमित न करें।)
- (b)सत्येंद्र सिंह लोहिया — मध्यप्रदेश से एक पैरा-तैराक — तेनज़िंग नोर्गे एडवेंचर अवार्ड प्राप्त करने वाले पहले दिव्यांग भारतीय — एक खिलाड़ी, माच या लोकगायन से असंबंधित।
- (c)भगवतीलाल राजपुरोहित — धार ज़िला, मध्यप्रदेश से संस्कृत/हिंदी/मालवी साहित्य के विद्वान, नाटककार तथा शोधकर्ता, जिन्हें भी 2024 का पद्मश्री दिया गया — किन्तु साहित्य एवं शिक्षा श्रेणी में, मालवी संस्कृति के लेखक के रूप में, माच गायन-परंपरा के कलाकार के रूप में नहीं।
माच मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र का सदियों पुराना लोक संगीत-नाट्य (नृत्य-नाटिका) है, जो रात भर चलने वाले प्रदर्शनों में ढोलक, हारमोनियम तथा सारंगी की संगत में गाए जाने वाले संवादों के साथ प्रस्तुत किया जाता है। ओम प्रकाश शर्मा, जिन्हें बचपन से अपने पिता (एक शास्त्रीय गायक) ने प्रशिक्षित किया तथा जिन्हें उनके दादा उस्ताद कालूराम की माच शैली ने आकार दिया, इसके सबसे प्रसिद्ध जीवित प्रतिपादक हैं।
MPPSC अक्सर मध्यप्रदेश के हाल के पद्म पुरस्कार विजेताओं की परीक्षा लेता है, और यहाँ जाल यह है कि मध्यप्रदेश में 2024 में समीपवर्ती सांस्कृतिक क्षेत्रों (कबीर-भजन गायन, मालवी साहित्य) में कई पद्मश्री विजेता थे, जिनके नाम या विषय-वस्तु भ्रामक रूप से समान हैं — प्रश्न सटीक कला रूप (माच) का सटीक व्यक्ति से मिलान करने की माँग करता है।
- माच: मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र का सदियों पुराना लोक संगीत-नाट्य; ढोलक, हारमोनियम तथा सारंगी की संगत में गाए जाने वाले संवाद।
- ओम प्रकाश शर्मा माच की उस्ताद कालूराम शैली से संबंधित हैं, जिसकी स्थापना उनके दादा ने की थी।
- पद्मश्री 2024, कला श्रेणी, पारंपरिक माच लोकगीतों को नाटकों से जोड़ने के लिए प्रदान किया गया।
- उन्होंने सात दशक के कैरियर में मालवी बोली में 18 नए माच नाटक लिखे हैं।
चारों सम्मानित मध्यप्रदेश हस्तियाँ हैं — केवल ओम प्रकाश शर्मा माच की गायन-परंपरा से जुड़े हैं।
- कालूराम बामनिया (कबीर-भजन गायक) को उस्ताद कालूराम (माच) या स्वयं ओम प्रकाश शर्मा से, साझा/संबंधित नाम के कारण भ्रमित करना।
- यह मान लेना कि 'सांस्कृतिक' क्षेत्र का कोई भी 2024 मध्यप्रदेश पद्मश्री विजेता माच का प्रतिपादक ही होगा — सटीक विधा की जाँच आवश्यक है।
MPPSC अक्सर मध्यप्रदेश के हाल के पद्म पुरस्कार विजेताओं की परीक्षा लेता है, जो उनके विशिष्ट कला रूप/क्षेत्र से सूक्ष्मता से मिलाए जाते हैं — केवल 'मध्यप्रदेश से पद्मश्री' पर न रुकें, सटीक विधा का मिलान करें।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
- (a) नक़्क़ाल — बिहार
- (b) तमाशा — उड़ीसा
- (c) अंकिया नाट — असम
- (d) बाहा — पंजाब
उत्तर(c) अंकिया नाट — असम
वही अवधारणा — किसी क्षेत्रीय लोक-नाट्य/प्रदर्शन रूप का उसके गृह राज्य/क्षेत्र से सही मिलान करना — जैसा इस प्रश्न में माच को मध्यप्रदेश के मालवा में सही ढंग से रखने की आवश्यकता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
माच, वह पारंपरिक लोक संगीत-नाट्य परंपरा जिसके लिए पद्मश्री (2024) विजेता ओम प्रकाश शर्मा प्रसिद्ध हैं, मध्यप्रदेश के किस क्षेत्र से संबंधित है?
- (a)मालवा
- (b)बुंदेलखंड
- (c)निमाड़
- (d)बघेलखंड
उत्तर(a) मालवा।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
माच प्रस्तुति के साथ पारंपरिक रूप से कौन-से वाद्ययंत्र होते हैं?
- (a)ढोलक, हारमोनियम तथा सारंगी
- (b)सितार, तबला तथा बाँसुरी
- (c)वीणा, मृदंगम तथा घटम
- (d)शहनाई, ढोल तथा नगाड़ा
उत्तर(a) ढोलक, हारमोनियम तथा सारंगी।