निम्नलिखित में से कौन-सा वेद सबसे अधिक प्राचीन है ?
- (a)ऋग्वेद
- (b)सामवेद
- (c)यजुर्वेद
- (d)अथर्ववेद
सही उत्तर — (a) ऋग्वेद। ऋग्वेद चारों वेदों में सबसे प्राचीन है — यह दस मण्डलों में संगठित ऋचाओं का संग्रह है, जो प्राचीन वैदिक संस्कृत में रचित है तथा मुख्यतः इन्द्र, अग्नि व वरुण जैसे प्रकृति देवताओं को सम्बोधित है। अन्य तीन वेद (साम, यजुर्, अथर्व) बाद में रचे गए तथा अपनी अधिकांश सामग्री के लिए ऋग्वैदिक सामग्री पर आधारित हैं।
- (b)सामवेद — मुख्यतः स्वयं ऋग्वेद से लिए गए ऋचाओं का संग्रह है, जिन्हें सोम यज्ञ के दौरान गायन हेतु संगीतबद्ध किया गया — यह ऋग्वेद से बाद का है, उससे स्वतंत्र नहीं।
- (c)यजुर्वेद — यज्ञों के सम्पादन हेतु यज्ञ-सूत्रों (मन्त्र व गद्य) की एक संहिता — जिसकी रचना ऋग्वेद के बाद हुई।
- (d)अथर्ववेद — चारों वेदों में पूर्ण प्रामाणिक स्वीकृति प्राप्त करने वाला अन्तिम वेद, जिसमें टोने-टोटके व सामाजिक सामग्री है — चारों में सबसे नवीन, सबसे प्राचीन नहीं।
चारों वेद व्यापक रूप से एक कालानुक्रमिक शृंखला बनाते हैं, न कि समानान्तर समुच्चय: ऋग्वेद (सबसे प्राचीन, स्तुति-ऋचाएँ) सामवेद (गायन हेतु ऋग्वैदिक ऋचाओं का संगीतमय रूपान्तरण), यजुर्वेद (यज्ञ-सूत्र), तथा अथर्ववेद (सबसे नवीन, टोने-टोटके व सामाजिक सामग्री, पूर्ण प्रामाणिक स्वीकृति पाने वाला अन्तिम वेद) से पहले आता है।
परीक्षाएँ इस शृंखला के दोनों छोरों को परखना पसन्द करती हैं — 'सबसे प्राचीन' (यहाँ, ऋग्वेद) तथा 'विशिष्ट गैर-कर्मकाण्डीय सामग्री वाला' (इसी प्रश्नपत्र के प्रश्न 66 में, अथर्ववेद) — अतः पूरा क्रम जानें, केवल यह नहीं कि 'ऋग्वेद महत्त्वपूर्ण है'।
- ऋग्वेद: सबसे प्राचीन वेद, दस मण्डलों में संगठित ऋचाएँ, प्रकृति देवताओं (इन्द्र, अग्नि, वरुण आदि) को सम्बोधित।
- सामवेद: ऋग्वैदिक ऋचाओं का संगीतमय/मन्त्रोच्चार रूपान्तरण, सोम यज्ञ में प्रयुक्त।
- यजुर्वेद: यज्ञों के सम्पादन हेतु यज्ञ-सूत्र।
- अथर्ववेद: चारों में सबसे नवीन; टोने-टोटके तथा सामाजिक-राजनीतिक सामग्री (जैसे इस प्रश्नपत्र के प्रश्न 66 में परखा गया सभा-समिति सन्दर्भ)।

एक कालानुक्रमिक शृंखला, समानान्तर समुच्चय नहीं — ऋग्वेद पहला, अथर्ववेद अन्तिम।
- यह मान लेना कि 'सबसे प्राचीन' तथा 'सर्वाधिक उद्धृत/प्रामाणिक' एक ही बात है — ऋग्वेद यहाँ संयोगवश दोनों है, परन्तु यह प्रतिरूप हर विकल्प-समुच्चय में सुनिश्चित नहीं है।
- चारों वेदों के कालानुक्रम को भ्रमित कर देना।
MPPSC/UPSC प्रायः चारों वेदों में क्रम/पहचान सम्बन्धी प्रश्न पूछते हैं — इस प्रश्नपत्र में ही ऐसे दो प्रश्न हैं (यह कालानुक्रम पर, प्रश्न 66 विशिष्ट सामग्री पर) — पूरा क्रम तथा प्रत्येक वेद का विशिष्ट लक्षण साथ-साथ याद रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा वेद मुख्यतः ऋग्वेद से लिए गए ऋचाओं से बना है, जिन्हें सोम यज्ञ के दौरान गायन हेतु संगीतबद्ध किया गया है ?
- (a)यजुर्वेद
- (b)सामवेद
- (c)अथर्ववेद
- (d)ऋग्वेद
उत्तर(b) सामवेद।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
चारों वेदों को उनके सामान्यतः स्वीकृत कालानुक्रम में, सबसे प्राचीन से सबसे नवीन तक, व्यवस्थित कीजिए :
- (a)ऋग्वेद → सामवेद → यजुर्वेद → अथर्ववेद
- (b)यजुर्वेद → ऋग्वेद → सामवेद → अथर्ववेद
- (c)अथर्ववेद → ऋग्वेद → सामवेद → यजुर्वेद
- (d)सामवेद → यजुर्वेद → ऋग्वेद → अथर्ववेद
उत्तर(a) ऋग्वेद → सामवेद → यजुर्वेद → अथर्ववेद।