मध्यप्रदेश के किस जिले में सोयाबीन का उत्पादन प्रारम्भ हुआ था ?
- (a)इंदौर
- (b)उज्जैन
- (c)विदिशा
- (d)देवास
सही उत्तर — (d) देवास। मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती की शुरुआत का श्रेय देवास जिले (मालवा क्षेत्र का हिस्सा) को दिया जाता है, जो 1970 के दशक से राज्य के तिलहन-विविधीकरण अभियान के दौरान शुरू हुई। इसके बाद यह तेज़ी से पड़ोसी मालवा पठार जिलों में फैल गई, और अंततः MP भारत का अग्रणी सोयाबीन-उत्पादक राज्य बन गया।
- (a)इंदौर — इंदौर बाद में मालवा के सबसे बड़े सोयाबीन-उत्पादक और प्रसंस्करण केंद्रों में से एक बना, लेकिन खेती की शुरुआत वहाँ नहीं हुई थी।
- (b)उज्जैन — उज्जैन मालवा पट्टी का एक प्रमुख वर्तमान सोयाबीन जिला है, लेकिन इसे MP में फसल का प्रारंभिक बिंदु नहीं माना जाता।
- (c)विदिशा — विदिशा MP की व्यापक मालवा तिलहन पट्टी के हिस्से के रूप में सोयाबीन उगाता है, लेकिन यह उद्गम जिला नहीं है।
सोयाबीन, हालाँकि भारत का मूल निवासी नहीं है, 1970 के दशक से मध्यप्रदेश में एक प्रमुख तिलहन/नकदी फसल के रूप में प्रस्तुत और लोकप्रिय किया गया, जिसने राज्य को भारत का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक बना दिया। खेती की शुरुआत का श्रेय देवास जिले को दिया जाता है, इससे पहले कि यह व्यापक मालवा पठार क्षेत्र में फैल गई।
जाल यह है कि उद्गम जिले (देवास) को अन्य वर्तमान बड़े सोयाबीन जिलों (इंदौर, उज्जैन, विदिशा और पड़ोसी) के साथ भ्रमित कर दिया जाए जो आज बड़े उत्पादक हैं परंतु जहाँ फसल शुरू नहीं हुई थी।
- मध्यप्रदेश में सोयाबीन की खेती की शुरुआत का श्रेय देवास जिले को दिया जाता है।
- यह बाद में मालवा पठार क्षेत्र में फैल गई — उज्जैन, इंदौर, विदिशा और पड़ोसी जिले भी प्रमुख उत्पादक बन गए।
- मध्यप्रदेश भारत के अग्रणी सोयाबीन-उत्पादक राज्य के रूप में जाना जाने लगा।
- सोयाबीन एक खरीफ तिलहन फसल है, जो दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ बोई जाती है।
- उद्गम जिले (देवास) को आज के सबसे बड़े-उत्पादक जिलों के साथ भ्रमित करना, जो भिन्न हो सकते हैं
- यह मान लेना कि सोयाबीन एक मूल/पारंपरिक भारतीय फसल है न कि 20वीं सदी का परिचय
MPPSC MP के कृषि इतिहास से जुड़े 'किस जिले ने X शुरू किया' मूल-स्रोत तथ्य प्रश्नों को प्राथमिकता देता है — जो 'आज कौन-सा जिला सबसे अधिक X उत्पादित करता है' से अलग है।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सोयाबीन को भारत में मुख्यतः किस रूप में उगाया जाता है ?
- (a)रबी अनाज
- (b)खरीफ तिलहन
- (c)जायद सब्ज़ी
- (d)बागानी फसल
उत्तर(b) खरीफ तिलहन — दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के साथ बोई जाती है और सितंबर-अक्टूबर के आसपास काटी जाती है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश का मालवा पठार, एक प्रमुख सोयाबीन-उत्पादक क्षेत्र, मुख्यतः किस मिट्टी प्रकार से चिह्नित है ?
- (a)जलोढ़ मिट्टी
- (b)काली (रेगुर) मिट्टी
- (c)लेटराइट मिट्टी
- (d)मरुस्थलीय मिट्टी
उत्तर(b) काली (रेगुर) मिट्टी — वही बेसाल्ट-व्युत्पन्न मिट्टी जो कपास के अनुकूल है, इस क्षेत्र की सोयाबीन और गेहूँ की खेती का भी समर्थन करती है।